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पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारतीय सिम कार्ड सप्लाई करने वाला ₹25,000 का इनामी बलविंदर सिंह राजस्थान में गिरफ्तार

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पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारतीय सिम कार्ड सप्लाई करने वाला ₹25,000 का इनामी बलविंदर सिंह राजस्थान में गिरफ्तार

सारांश

राजस्थान के अनूपगढ़ में पुलिस-सीआईडी के संयुक्त ऑपरेशन ने ₹25,000 के इनामी बलविंदर सिंह को दबोचा — जो कथित तौर पर भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाकर व्हाट्सएप अकाउंट एक्टिवेट करवाता था। जांचकर्ता अब सीमा पार के बड़े नेटवर्क की तलाश में हैं।

मुख्य बातें

बलविंदर सिंह उर्फ बिंद्रा (45 वर्ष, गांव 27 ए, अनूपगढ़) को राजस्थान पुलिस और सीआईडी (आईबी) ने गिरफ्तार किया।
आरोप है कि वह पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारतीय सिम कार्ड सप्लाई कर व्हाट्सएप अकाउंट एक्टिवेट करवाता था।
ऑपरेशन बीकानेर रेंज आईजी के निर्देशन में चलाया गया; मामला अनूपगढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज।
आरोपी जैतसर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामले में भी वांछित था, जिसमें ₹25,000 का इनाम घोषित था।
जांचकर्ता आरोपी के साथियों और सीमा पार के बड़े नेटवर्क की पहचान में जुटे हैं।

राजस्थान के सीमावर्ती जिले अनूपगढ़ में पुलिस और सीआईडी (इंटेलिजेंस ब्रांच) ने एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत बलविंदर सिंह उर्फ बिंद्रा (उम्र 45 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारतीय नागरिकों के सिम कार्ड सप्लाई करता था और पाकिस्तान में भारतीय मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप अकाउंट एक्टिवेट करने में सहायता करता था। बलविंदर पर ₹25,000 का इनाम घोषित था और वह गांव 27 ए, अनूपगढ़ का निवासी बताया जा रहा है।

ऑपरेशन का विवरण

बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के निर्देशों पर यह अभियान चलाया गया। जिला पुलिस अधीक्षक हरि शंकर ने बताया कि अनूपगढ़ पुलिस और सीआईडी (आईबी) को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद इंटेलिजेंस नेटवर्क को सक्रिय किया गया। इसके बाद सीमावर्ती इलाके में निगरानी बढ़ाई गई और आरोपी को पकड़ा गया।

आरोपों की प्रकृति

पुलिस का आरोप है कि बलविंदर सिंह पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था। कथित तौर पर वह भारतीय नागरिकों के सिम कार्ड सीमा पार पहुंचाता था, जिनका उपयोग पाकिस्तान में भारतीय मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय करने के लिए किया जाता था। अधिकारियों के अनुसार, ये गतिविधियाँ भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए हानिकारक थीं। मामला अनूपगढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।

पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि

अधिकारियों ने बताया कि बलविंदर सिंह जैतसर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक पुराने मामले में भी वांछित था। वह मामला भारतीय न्याय संहिता और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के प्रावधानों के तहत दर्ज था। उसी मामले में गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले के लिए ₹25,000 के इनाम की घोषणा की गई थी।

जांच की दिशा

फिलहाल बलविंदर सिंह से गहन पूछताछ जारी है। जांचकर्ता उसके साथियों की पहचान करने और सीमा पार सिम कार्ड तस्करी में शामिल बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटे हैं। पुलिस पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ संचार कड़ियों की भी जांच कर रही है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सीमावर्ती राज्यों में सिम कार्ड तस्करी और साइबर जासूसी की घटनाओं पर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक व्यापक और संगठित तंत्र की परत उघाड़ती है जो भारतीय सिम कार्डों को साइबर जासूसी के औज़ार में बदल रहा है। भारतीय नंबरों से पाकिस्तान में व्हाट्सएप अकाउंट एक्टिवेट करने की यह रणनीति निगरानी से बचने का एक परिष्कृत तरीका है, जो दर्शाता है कि सीमा पार खुफिया नेटवर्क तकनीकी हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह मामला केवल सिम तस्करी तक सीमित नहीं — NDPS एक्ट के तहत पूर्व मामला बताता है कि आरोपी पहले से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय था। असली परीक्षा यह होगी कि पूछताछ से नेटवर्क की कितनी गहरी परतें उजागर होती हैं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलविंदर सिंह को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है?
बलविंदर सिंह उर्फ बिंद्रा पर कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारतीय नागरिकों के सिम कार्ड सप्लाई करने और पाकिस्तान में भारतीय मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप अकाउंट एक्टिवेट करवाने में मदद करने का आरोप है। मामला अनूपगढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
यह ऑपरेशन कैसे अंजाम दिया गया?
बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशों पर अनूपगढ़ पुलिस और सीआईडी (आईबी) ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद इंटेलिजेंस नेटवर्क को सक्रिय किया गया और सीमावर्ती इलाके में निगरानी बढ़ाई गई।
आरोपी पर ₹25,000 का इनाम क्यों था?
बलविंदर सिंह जैतसर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज एक पुराने मामले में वांछित था। उसी मामले में गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले के लिए ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था।
पाकिस्तान में भारतीय सिम कार्ड का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
पुलिस के अनुसार, इन सिम कार्डों का उपयोग पाकिस्तान में भारतीय मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप अकाउंट एक्टिवेट करने के लिए किया जाता था, जिससे संदिग्ध संचार को भारतीय नंबरों की आड़ में छुपाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह भारत की सुरक्षा और अखंडता के लिए हानिकारक गतिविधि है।
आगे की जांच में क्या होगा?
जांचकर्ता फिलहाल बलविंदर सिंह से गहन पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस उसके साथियों की पहचान, पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ संचार कड़ियों और सीमा पार सिम कार्ड तस्करी में शामिल बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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