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जैसलमेर में पाकिस्तानी सिम कार्ड पर पूर्ण प्रतिबंध, BNSS धारा 163 के तहत कलेक्टर का सख्त आदेश

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जैसलमेर में पाकिस्तानी सिम कार्ड पर पूर्ण प्रतिबंध, BNSS धारा 163 के तहत कलेक्टर का सख्त आदेश

सारांश

जैसलमेर प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी सिम कार्ड के उपयोग और पास रखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने BNSS की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया, क्योंकि पाक टावरों के सिग्नल 3-4 किमी भीतर तक पहुँचते हैं और जासूसी की आशंका बनी हुई है।

मुख्य बातें

जैसलमेर कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने 3 जून 2026 को पाकिस्तानी सिम कार्ड पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश जारी किया।
आदेश BNSS, 2023 की धारा 163 के तहत जारी; उल्लंघन पर गिरफ्तारी व मुकदमा।
पाक मोबाइल टावरों के सिग्नल भारतीय क्षेत्र में 3-4 किलोमीटर तक पहुँचते हैं।
खुफिया एजेंसियों को जासूसी व राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए दुरुपयोग की आशंका।
ADM परसा राम ने सीमावर्ती जिले में अतिरिक्त सतर्कता को आवश्यक बताया।

राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेर जिला प्रशासन ने 3 जून 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा बताते हुए जिले के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी सिम कार्ड के इस्तेमाल, उन्हें पास रखने और उनके माध्यम से किसी भी प्रकार के संचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अनुपमा जोरवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया है।

आदेश में क्या कहा गया

आदेश के अनुसार, जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी पाकिस्तानी सिम कार्ड का उपयोग, उसे अपने पास रखना अथवा उसके ज़रिए संचार स्थापित करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों को गिरफ्तार किया जा सकता है और उनके विरुद्ध संबंधित सुरक्षा कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

अधिकारियों का पक्ष

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट परसा राम ने कहा कि जैसलमेर अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा अत्यंत संवेदनशील जिला है, इसलिए यहाँ अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए ऐसे आदेश समय-समय पर जारी किए जाते रहे हैं।

सीमा पार नेटवर्क की पहुँच

अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर लगे मोबाइल टावरों के सिग्नल अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 3 से 4 किलोमीटर तक भारतीय क्षेत्र के भीतर पहुँच जाते हैं। इसी कारण सीमावर्ती गाँवों के कुछ हिस्सों में पाकिस्तानी स्थानीय सिम कार्ड पर संचार आसानी से संभव हो जाता है। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि इस सुविधा का दुरुपयोग जासूसी या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि संदिग्ध या असामाजिक तत्व पाकिस्तानी नेटवर्क का उपयोग कर सीमा पार संवेदनशील जानकारियाँ भेज सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि विदेशी सिम नेटवर्क के माध्यम से होने वाले संचार की निगरानी भारतीय दूरसंचार प्रणाली से करना कठिन होता है, जिससे गुप्त संचार और संवेदनशील सूचनाओं के लीक होने का जोखिम बढ़ जाता है।

पहले भी लग चुके हैं ऐसे प्रतिबंध

गौरतलब है कि सीमा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते जैसलमेर में पहले भी ऐसे प्रतिबंधात्मक आदेश जारी हो चुके हैं। यह ताज़ा आदेश राज्य के संवेदनशील पश्चिमी सीमावर्ती जिले में बढ़ी हुई सतर्कता का संकेत देता है, जहाँ सुरक्षा एजेंसियाँ संचार नेटवर्क और लोगों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में सीमावर्ती गाँवों में पुलिस और खुफिया तंत्र की चेकिंग और सघन होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर मूल समस्या तकनीकी है, प्रशासनिक नहीं। जब तक भारत-पाक सीमा पर 3-4 किलोमीटर भीतर तक पाक टावरों का सिग्नल पहुँचता रहेगा, तब तक धारा 163 जैसे अल्पकालिक आदेश केवल लक्षण का इलाज हैं। असली प्रश्न यह है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय दूरसंचार कंपनियों का नेटवर्क इतना कमज़ोर क्यों है कि ग्रामीणों को विदेशी सिम का सहारा लेना पड़े। जब तक BSNL और निजी ऑपरेटर इन गाँवों में मज़बूत कवरेज नहीं देंगे, तब तक ऐसे प्रतिबंध हर कुछ महीनों में दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैसलमेर में पाकिस्तानी सिम कार्ड पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया है?
जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा मानते हुए सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी सिम कार्ड के उपयोग और पास रखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल जासूसी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
यह आदेश किस कानून के तहत जारी हुआ है?
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अनुपमा जोरवाल ने यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया है। यह धारा प्रशासन को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए तत्काल निवारक आदेश जारी करने का अधिकार देती है।
पाकिस्तानी सिम कार्ड जैसलमेर में काम कैसे करते हैं?
अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर लगे मोबाइल टावरों के सिग्नल अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 3 से 4 किलोमीटर भीतर भारतीय क्षेत्र तक पहुँच जाते हैं। इसी कवरेज के कारण सीमावर्ती गाँवों में पाकिस्तानी स्थानीय सिम कार्ड पर संचार संभव हो जाता है।
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियम तोड़ने वालों को गिरफ्तार किया जा सकता है और उनके विरुद्ध संबंधित सुरक्षा कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ सीमावर्ती क्षेत्रों में संचार नेटवर्क की लगातार निगरानी कर रही हैं।
क्या जैसलमेर में पहले भी ऐसे प्रतिबंध लगे हैं?
हाँ, सीमा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते जैसलमेर में पहले भी ऐसे प्रतिबंधात्मक आदेश जारी हो चुके हैं। ADM परसा राम के अनुसार, सुरक्षा स्थिति को देखते हुए ये आदेश समय-समय पर दोहराए जाते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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