बालाघाट में बीमारी से मृत परिजनों को ₹2 लाख की सहायता, CM मोहन यादव का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 अगस्त 2026 को बालाघाट दौरे के दौरान बीमारी से जान गंवाने वाले परिवारों को ₹2 लाख प्रति परिवार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। जनविश्वास अभियान के तहत नक्सल मुक्त घोषित इस जिले में पहुँचे मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं की सौगात भी दी।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री यादव ने संवाददाताओं से कहा, 'जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके दर्द और कष्ट को मैंने महसूस किया है और अपनी ओर से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बीमारी के मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।
नक्सल प्रभावित गाँवों का विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि बालाघाट जिले के 100 पूर्व नक्सल प्रभावित गाँवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ₹225 करोड़ की राशि से आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन गाँवों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब बालाघाट को आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित किया जा चुका है।
बालाघाट की स्थिति: बीमारी और नक्सल मुक्ति
गौरतलब है कि बालाघाट इन दिनों दो कारणों से चर्चा में है — एक ओर जिले को नक्सल समस्या से मुक्ति मिली है, वहीं दूसरी ओर बीमारी के चलते बड़ी संख्या में, विशेषकर बच्चों की मौत की खबरें सामने आई हैं। यह दोहरी चुनौती राज्य सरकार के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बनी हुई है।
पर्यटन की संभावनाएँ
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बालाघाट और लांजी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता चेरापूंजी को भी मात देने की क्षमता रखती है। उन्होंने यहाँ इको टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म के विकास की असीम संभावनाएँ बताईं और कहा कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
आगे क्या
राज्य सरकार की ओर से ₹225 करोड़ की विकास योजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और बीमारी पीड़ित परिवारों को सहायता वितरण की प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं की गई है। स्थानीय प्रशासन पर यह दबाव होगा कि पात्र परिवारों की पहचान पारदर्शी तरीके से हो।