31 अगस्त 2026
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बिश्केक में PM मोदी: वंदे मातरम की धुन पर योग प्रस्तुति, SCO समिट से पहले प्रवासी भारतीयों ने किया स्वागत

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बिश्केक में PM मोदी: वंदे मातरम की धुन पर योग प्रस्तुति, SCO समिट से पहले प्रवासी भारतीयों ने किया स्वागत

सारांश

SCO समिट से पहले बिश्केक में पीएम मोदी का स्वागत सिर्फ कूटनीतिक नहीं था — वंदे मातरम की धुन पर योग प्रस्तुति ने भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को नया आयाम दिया। ताशकंद में 52 योग साधकों और 18 अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के साथ यह दौरा 'योग डिप्लोमेसी' की जीवंत मिसाल बन गया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 31 अगस्त को 26वें SCO समिट के लिए बिश्केक, किर्गिस्तान पहुँचे।
हवाई अड्डे पर आदिलबेक कासिमालीव ने स्वागत किया; प्रवासी भारतीयों ने भी गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
सम्मान में वंदे मातरम् की धुन पर गोमुखासन और वीरभद्रासन सहित विशेष योग प्रस्तुति दी गई।
ताशकंद में 52 उज्बेक योग साधकों ने प्रस्तुति दी; 6 सदस्यों ने अहमदाबाद विश्व योगासन चैंपियनशिप (जून 2026) में 18 पदक जीते।
SCO समिट 31 अगस्त–1 सितंबर तक; थीम — सतत शांति, विकास और समृद्धि; 10 सदस्य देश शामिल।
मोदी अगले दो दिनों में विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट में भाग लेने के लिए 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुँचे। हवाई अड्डे पर किर्गिज गणराज्य के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालीव ने उनका औपचारिक स्वागत किया, जबकि होटल पहुँचने पर प्रवासी भारतीयों ने भी गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया।

वंदे मातरम की धुन पर अद्भुत योग प्रस्तुति

प्रधानमंत्री के सम्मान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने वंदे मातरम् की मधुर धुन पर योगाभ्यास की विशेष प्रस्तुति दी। गोमुखासन से लेकर वीरभद्रासन तक विभिन्न आसन पूरे सामंजस्य के साथ प्रदर्शित किए गए। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं।

ताशकंद में भी हुआ था विशेष योग सत्र

बिश्केक से पहले, उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में भी इसी तरह का एक विशेष योग सत्र आयोजित किया गया था, जिसमें पीएम मोदी स्वयं शामिल हुए। इस सत्र में उज्बेकिस्तान के 52 योग साधकों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सत्र के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'आप लोगों ने बहुत बढ़िया योग करके दिखाया है और इसमें सभी उम्र के लोग शामिल हुए। मैं अपने मित्र, राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने उज्बेकिस्तान को योग से जोड़ दिया है।'

गौरतलब है कि इस सत्र में उज्बेकिस्तान की योग फेडरेशन के 6 सदस्य भी शामिल थे, जिन्होंने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया था। इन साधकों ने कुल 18 पदक1 स्वर्ण, 14 रजत और 3 कांस्य — जीते थे।

SCO समिट: 25 साल का ऐतिहासिक पड़ाव

26वाँ SCO समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर तक बिश्केक में आयोजित हो रहा है। इस बार की मेजबानी किर्गिस्तान कर रहा है और अध्यक्षता सादिर जापारोव करेंगे। यह सम्मेलन SCO के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया है। इस बार की थीम है — 'सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना'

समिट में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत 10 सदस्य देशों के शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा और बहुपक्षीय व्यापार पर वैश्विक ध्यान केंद्रित है।

द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम

पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट के ज़रिए जानकारी दी कि वे बिश्केक में आगामी दो दिनों तक विभिन्न देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। उज्बेकिस्तान की 2 दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद वे रविवार शाम किर्गिस्तान रवाना हुए थे। यह दौरा भारत की मध्य एशिया नीति को और मज़बूती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत की छवि को सकारात्मक रूप से स्थापित करती है। हालाँकि, जब भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन संबंध SCO के भीतर ही जटिल बने हुए हैं, तो यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि योग कूटनीति की यह चमक द्विपक्षीय बैठकों में ठोस परिणामों में कितनी तब्दील हो पाती है। SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित यह समिट भारत के लिए मध्य एशिया में अपनी प्रासंगिकता साबित करने का अवसर है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज प्रायः इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि चीन और रूस के प्रभुत्व वाले इस संगठन में भारत की भूमिका अब भी सीमित रही है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी बिश्केक क्यों गए हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें SCO (शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन) समिट में भाग लेने के लिए बिश्केक, किर्गिस्तान गए हैं, जो 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित हो रहा है। वे वहाँ विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
बिश्केक में योग प्रस्तुति किसने दी?
बिश्केक में पीएम मोदी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने वंदे मातरम् की धुन पर गोमुखासन और वीरभद्रासन सहित विशेष योगाभ्यास प्रस्तुत किया। इससे पहले ताशकंद में उज्बेकिस्तान के 52 योग साधकों ने भी ऐसी ही प्रस्तुति दी थी।
ताशकंद में उज्बेक योग साधकों ने कितने पदक जीते हैं?
उज्बेकिस्तान की योग फेडरेशन के 6 सदस्यों ने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में 18 पदक जीते — जिनमें 1 स्वर्ण, 14 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं।
26वें SCO समिट की थीम और सदस्य देश कौन से हैं?
इस बार की थीम 'सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना' है। समिट में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल हो रहे हैं और अध्यक्षता किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव कर रहे हैं।
SCO समिट 2026 का महत्त्व क्या है?
यह समिट SCO के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया है, जो इसे ऐतिहासिक रूप से महत्त्वपूर्ण बनाता है। भारत के लिए यह मध्य एशिया में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति मज़बूत करने और बहुपक्षीय मंच पर अपनी भूमिका को रेखांकित करने का अवसर है।
राष्ट्र प्रेस
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