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सुभाष घई का श्रेयस तलपड़े को सलाम: 'इंडस्ट्री ने नहीं दिया हक का सम्मान'

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सुभाष घई का श्रेयस तलपड़े को सलाम: 'इंडस्ट्री ने नहीं दिया हक का सम्मान'

सारांश

सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर श्रेयस तलपड़े को 'मुंबई के सबसे वर्सेटाइल एक्टर्स में से एक' बताया और कहा कि इंडस्ट्री ने उन्हें कभी वह पहचान नहीं दी जिसके वे हकदार थे। यह तारीफ तब आई जब श्रेयस उनकी आगामी कोर्ट ड्रामा 'द इंडिया स्टोरी' की शूटिंग में जुटे हैं।

मुख्य बातें

निर्देशक सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर श्रेयस तलपड़े को 'मुंबई के सबसे वर्सेटाइल एक्टर्स में से एक' बताया।
घई ने कहा कि श्रेयस को इंडस्ट्री में वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
श्रेयस घई की अंडर-प्रोडक्शन कोर्ट ड्रामा 'द इंडिया स्टोरी' में काम कर रहे हैं।
श्रेयस ने 2005 में 'इकबाल' से बॉलीवुड में कदम रखा था, जिसने मुक्ता आर्ट्स को नेशनल अवॉर्ड दिलाया।
श्रेयस ने 'पोस्टर बॉयज' ( 2017 ) से बतौर निर्देशक भी अपनी पहचान बनाई है।

दिग्गज फिल्म निर्माता सुभाष घई ने अभिनेता श्रेयस तलपड़े की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि बॉलीवुड ने उन्हें वह पहचान कभी नहीं दी जिसके वे सही मायनों में हकदार थे। घई ने यह बात इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के ज़रिए कही, जिसमें उन्होंने श्रेयस के साथ अपनी आगामी फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' के अनुभव का भी ज़िक्र किया।

सुभाष घई ने क्या कहा

घई ने इंस्टाग्राम पर श्रेयस की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'चाहे फिल्म 'इकबाल' हो, 'अपना सपना मनी मनी' या फिर 'धमाल' हो या 'द इंडिया स्टोरी' — श्रेयस मुंबई के सबसे वर्सेटाइल एक्टर्स में से एक हैं, जिन्हें कई बार हमारी इंडस्ट्री में वह पहचान नहीं मिली जिसके वे हकदार हैं।'

उन्होंने आगे लिखा, 'फिल्म 'इकबाल' में एक गूंगे-बहरे क्रिकेटर के किरदार से हमें नेशनल अवॉर्ड दिलाया और 'अपना सपना मनी मनी' जैसी कॉमेडी फिल्म को बड़ी हिट बनाया। पिछले हफ्ते उन्होंने हमारी अंडर-प्रोडक्शन कोर्ट ड्रामा फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' के सेट पर अपने दमदार सीन से हम सभी को चौंका दिया।'

पोस्ट का समापन करते हुए घई ने लिखा, 'थैंक यू श्रेयस, मुक्ता आर्ट्स में तुम्हारी वापसी हुई है और आगे भी कई शानदार फिल्में आने वाली हैं। हमेशा खुश रहो।'

श्रेयस तलपड़े का करियर सफर

श्रेयस तलपड़े ने बॉलीवुड में अपनी धमाकेदार एंट्री 2005 में निर्देशक नागेश कुकुनूर की फिल्म 'इकबाल' से की थी। इस फिल्म में उन्होंने एक बहरे और मूक महत्वाकांक्षी क्रिकेटर की भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों और आलोचकों दोनों ने सराहा। यह फिल्म मुक्ता आर्ट्स के बैनर तले रिलीज हुई थी।

इसके बाद उन्होंने 'अपना सपना मनी मनी' (2006) और शाहरुख खान के साथ ब्लॉकबस्टर 'ओम शांति ओम' (2007) में 'पप्पू मास्टर' का यादगार किरदार निभाया। रोहित शेट्टी की लोकप्रिय 'गोलमाल' सीरीज — 'गोलमाल रिटर्न्स', 'गोलमाल 3' और 'गोलमाल अगेन' — में 'लक्ष्मण' की भूमिका ने उन्हें कॉमेडी शैली का एक विश्वसनीय चेहरा बना दिया।

अभिनय से परे: निर्माण और निर्देशन

श्रेयस ने केवल अभिनय तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने मराठी फिल्म 'पोस्टर बॉयज' का निर्माण किया और बाद में इसके हिंदी रीमेक 'पोस्टर बॉयज' (2017) से बतौर निर्देशक अपनी पारी शुरू की। 'हाउसफुल 2', 'बॉम्बे टू बैंकॉक' और 'वाह ताज' जैसी फिल्मों में भी उनके काम को सराहा गया।

आगे क्या

सुभाष घई की अंडर-प्रोडक्शन कोर्ट ड्रामा 'द इंडिया स्टोरी' में श्रेयस तलपड़े की वापसी मुक्ता आर्ट्स के साथ उनके पुराने रिश्ते को फिर से जोड़ती है। घई के मुताबिक, आने वाले समय में दोनों के बीच और भी सहयोग की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी वे 'A-लिस्ट' की परिभाषा से बाहर रहे। यह सवाल उठता है कि क्या हिंदी सिनेमा में प्रतिभा की कद्र सितारे की चमक से तय होती है, न कि किरदार की गहराई से। घई की पोस्ट इस बहस को फिर से ज़िंदा करती है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुभाष घई ने श्रेयस तलपड़े की तारीफ क्यों की?
सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर श्रेयस तलपड़े को मुंबई के सबसे वर्सेटाइल अभिनेताओं में से एक बताया और कहा कि उन्हें इंडस्ट्री में वह पहचान नहीं मिली जिसके वे हकदार थे। यह पोस्ट उनकी आगामी फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' की शूटिंग के दौरान आई।
श्रेयस तलपड़े और सुभाष घई की नई फिल्म कौन सी है?
'द इंडिया स्टोरी' एक कोर्ट ड्रामा फिल्म है जो अभी निर्माणाधीन है। सुभाष घई के मुताबिक, श्रेयस ने इस फिल्म के सेट पर अपने दमदार सीन से पूरी टीम को चौंका दिया।
श्रेयस तलपड़े का बॉलीवुड करियर कैसा रहा है?
श्रेयस तलपड़े ने 2005 में 'इकबाल' से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसे नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद 'ओम शांति ओम', 'गोलमाल' सीरीज और 'हाउसफुल 2' जैसी फिल्मों में उन्होंने यादगार किरदार निभाए। उन्होंने 2017 में 'पोस्टर बॉयज' से निर्देशन में भी कदम रखा।
श्रेयस तलपड़े की 'इकबाल' फिल्म क्यों खास थी?
'इकबाल' (2005) में श्रेयस ने एक गूंगे-बहरे महत्वाकांक्षी क्रिकेटर की भूमिका निभाई थी। यह फिल्म नागेश कुकुनूर द्वारा निर्देशित और मुक्ता आर्ट्स द्वारा निर्मित थी, जिसे नेशनल अवॉर्ड मिला और श्रेयस को रातों-रात पहचान दिलाई।
मुक्ता आर्ट्स के साथ श्रेयस तलपड़े का रिश्ता क्या है?
मुक्ता आर्ट्स सुभाष घई का प्रोडक्शन हाउस है, जिसने 2005 में 'इकबाल' के ज़रिए श्रेयस को बड़ा ब्रेक दिया था। अब 'द इंडिया स्टोरी' के साथ श्रेयस इसी बैनर के साथ फिर से काम कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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