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क्या बॉलीवुड की हॉलीवुड से तुलना करना गलत है? सुभाष घई ने जताई नाराजगी

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क्या बॉलीवुड की हॉलीवुड से तुलना करना गलत है? सुभाष घई ने जताई नाराजगी

सारांश

सुभाष घई ने भारतीय सिनेमा के प्रति अपमानजनक बयानों पर नाराजगी जताई। उन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड की तुलना को गलत बताते हुए भारतीय सिनेमा की अनोखी पहचान को बनाए रखने की अपील की। क्या आपको भी लगता है कि बॉलीवुड का नामकरण विदेशी उद्योग की नकल है?

मुख्य बातें

सुभाष घई ने बॉलीवुड और हॉलीवुड की तुलना को गलत बताया।
भारतीय सिनेमा की विरासत का अपमान नहीं होना चाहिए।
पॉलीवुड और ऑलीवुड जैसे नामों पर नाराजगी जताई गई।

मुंबई, 16 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सिनेमा की विविधता, सांस्कृतिक गहराई और अनूठी कहानी कहने की शैली के लिए हमेशा जाना जाता है। रविवार को प्रसिद्ध निर्देशक सुभाष घई ने इस विषय पर खुलकर अपनी राय रखी और कहा कि बॉलीवुड की हॉलीवुड से तुलना करना न केवल गलत है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा की विरासत का अपमान भी है।

सुभाष घई ने कहा कि हमारे सिनेमा का इतिहास इतना समृद्ध है कि इसे किसी विदेशी इंडस्ट्री के साथ तुलना में नहीं रखा जाना चाहिए।

घई ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से यह मुद्दा उठाया। रविवार को उन्होंने जागरण फिल्म फेस्टिवल से एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह रेड कार्पेट पर दिख रहे थे। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के बैकड्रॉप पर पंजाबी और असमिया फिल्म इंडस्ट्री के नाम प्रमुखता से लिखे गए थे और उनके ऊपर पॉलीवुड और ऑलीवुड जैसे नाम भी थे।

घई ने पॉलीवुड और ऑलीवुड जैसे नामों पर नाराजगी जताई और इसे कलाकारों के प्रति एक तरह का अपमान बताया। उनका कहना था कि ऐसे नाम रखने से यह संदेश जाता है कि ये फिल्म इंडस्ट्रीज विदेशी उद्योग की नकल कर रही हैं, जबकि उनके पास अपनी अनूठी संस्कृति और पहचान है।

अपने पोस्ट में घई ने कहा कि 'बॉलीवुड' शब्द भी हिंदी फिल्मों के लिए उचित नहीं है। यह शब्द ऐसा प्रतीत होता है कि हिंदी फिल्में हॉलीवुड की कॉपी या उसका छोटा रूप हैं, जो पूरी तरह से गलत और अपमानजनक है। उन्होंने दादा साहब फाल्के, गुरु दत्त, महबूब खान और वी. शांताराम जैसे दिग्गज फिल्मकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान कलाकारों ने हिंदी सिनेमा को अपनी मेहनत और रचनात्मकता से एक नई ऊंचाई दी है। इस प्रकार, उनकी बनाई विरासत को कमतर दिखाना उचित नहीं है।

घई ने सभी से अनुरोध किया कि इस मुद्दे पर विभिन्न मंचों पर चर्चा होनी चाहिए ताकि भारतीय सिनेमा की असली पहचान और गरिमा को सुरक्षित रखा जा सके।

हाल ही में सुभाष घई ने 2006 में रिलीज हुई फिल्म 'अपना सपना मनी मनी' से रितेश देशमुख की एक फोटो साझा की थी और फैंस को बताया था कि उनकी अगली फिल्म में रितेश होंगे। इस फोटो में रितेश एक लड़की के रूप में नजर आ रहे हैं। इस फिल्म में रितेश ने एक ठग का किरदार निभाया था। इस घोषणा से फैंस का उत्साह बढ़ गया, हालांकि फिल्म के टाइटल, अन्य कलाकारों और कहानी के बारे में अभी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान भी है। हमें भारतीय सिनेमा के प्रति अपनी सोच को बदलने की आवश्यकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुभाष घई ने बॉलीवुड और हॉलीवुड की तुलना पर क्या कहा?
सुभाष घई ने कहा कि बॉलीवुड की हॉलीवुड से तुलना करना गलत है और यह भारतीय सिनेमा की विरासत का अपमान है।
घई ने अपने इंस्टाग्राम पर क्या साझा किया?
घई ने जागरण फिल्म फेस्टिवल से अपनी तस्वीर साझा की और पॉलीवुड तथा ऑलीवुड जैसे नामों पर नाराजगी जताई।
क्या बॉलीवुड शब्द का इस्तेमाल उचित है?
घई के अनुसार, 'बॉलीवुड' शब्द हिंदी फिल्मों के लिए उचित नहीं है, क्योंकि यह हॉलीवुड की नकल का आभास देता है।
राष्ट्र प्रेस
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