निर्देशक सुभाष घई ने पुरानी पीढ़ी के कलाकारों की तारीफ की, कहा- स्क्रिप्ट के लिए जुनूनी होते थे

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निर्देशक सुभाष घई ने पुरानी पीढ़ी के कलाकारों की तारीफ की, कहा- स्क्रिप्ट के लिए जुनूनी होते थे

सारांश

सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने पुरानी पीढ़ी के कलाकारों की कलात्मक निष्ठा की सराहना की और आधुनिक युवा अभिनेताओं को स्क्रिप्ट व प्रदर्शन को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य बातें

निर्देशक सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर पुरानी पीढ़ी के कलाकारों की कलात्मक प्रतिबद्धता की सराहना की।
घई के अनुसार, पुरानी पीढ़ी के कलाकार स्क्रिप्ट और प्रदर्शन पर ध्यान देते थे, न कि फीस या सुविधाओं पर।
उन्होंने कहा कि कुछ आधुनिक युवा कलाकार पैसे और शक्ति पर अधिक ध्यान देते हैं।
घई की प्रसिद्ध फिल्मों में 'कर्ज' , 'हीरो' , 'ताल' , 'खलनायक' और 'परदेस' शामिल हैं।
'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' विश्व के शीर्ष 10 फिल्म स्कूलों में से एक है।

मुंबई, 11 मई को मशहूर फिल्म निर्देशक सुभाष घई ने फिल्म इंडस्ट्री के युवा कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया। सोमवार को इंस्टाग्राम पर दी गई इस टिप्पणी में घई ने उन दिनों को याद किया जब कलाकार अपनी भूमिका और प्रदर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे।

पुरानी पीढ़ी की कलात्मक प्रतिबद्धता

घई ने अपनी पोस्ट में 'कालिचरण', 'विश्वनाथ', 'कर्ज', 'हीरो', 'जंग', 'त्रिमूर्ति' और 'ताल' जैसी अपनी दिग्दर्शक फिल्मों के पोस्टर और कलाकारों की तस्वीरें साझा कीं। इन फिल्मों में काम करने वाले कलाकारों के बारे में उन्होंने लिखा, "मेरी फिल्म बनाने के सफर में जो कलाकार जुड़े, उन्होंने हमेशा अपने किरदार और परफॉर्मेंस पर ध्यान दिया है न की फीस या सुविधाओं पर।" घई के अनुसार, उस दौर के कलाकार अच्छे से अच्छा काम करने के लिए सदैव उत्साहित रहते थे और निर्देशक पर पूरा भरोसा करते थे।

आज के कलाकारों पर टिप्पणी

घई ने आधुनिक दौर के कुछ युवा अभिनेताओं की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "आजकल के कुछ नए कलाकारों के बारे में सुनने में आता है कि वे पैसे और पावर पर ज्यादा ध्यान देते हैं, न कि अच्छी परफॉर्मेंस पर।" निर्देशक का मानना है कि यह प्रवृत्ति चिंताजनक है क्योंकि "असली सफलता लंबे समय तक अच्छे काम से ही मिलती है।"

घई की फिल्मी विरासत

सुभाष घई ने रोमांटिक, संगीतात्मक, रोमांचक और देशभक्ति विषय पर फिल्में बनाई हैं। उनकी प्रसिद्ध फिल्मों की सूची में 'विधाता', 'मेरी जंग', 'कर्मा', 'राम लखन', 'सौदागर', 'खलनायक', 'परदेस' और 'यादें' शामिल हैं। ये फिल्में बॉलीवुड के सिनेमा इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

शिक्षा में योगदान

वर्तमान में घई 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' नामक अभिनय संस्थान का संचालन कर रहे हैं। यह स्कूल विश्व के शीर्ष 10 फिल्म स्कूलों में से एक माना जाता है। इस संस्थान के माध्यम से घई नई पीढ़ी के कलाकारों को अभिनय और फिल्म निर्माण में प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं, जिससे वे अपना दृष्टिकोण अगली पीढ़ी तक पहुँचा सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं आज की प्रतिस्पर्धी इंडस्ट्री में आर्थिक सुरक्षा और ब्रांड वैल्यू भी समान रूप से महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, घई का अवलोकन सार्थक है — दीर्घकालिक सफलता वास्तव में प्रदर्शन की गुणवत्ता पर निर्भर करती है, न कि तत्काल आर्थिक लाभ पर। यह एक पीढ़ीगत बदलाव है जो सिनेमा के व्यावसायीकरण और ओटीटी प्लेटफॉर्म के आगमन से जुड़ा है। घई जैसे दिग्दर्शकों की आवाज़ें महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आधुनिक कलाकारों के लिए जीवन-यापन की वास्तविकताएँ भी समझी जानी चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर क्या संदेश साझा किया?
सुभाष घई ने पुरानी पीढ़ी के कलाकारों की कलात्मक प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि वे स्क्रिप्ट और प्रदर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे। उन्होंने आधुनिक युवा कलाकारों से भी अपील की कि वे पैसे और शक्ति की बजाय अच्छे प्रदर्शन पर ध्यान दें।
सुभाष घई की सबसे प्रसिद्ध फिल्मों में कौन-सी हैं?
सुभाष घई की प्रसिद्ध फिल्मों में 'कर्ज' , 'हीरो' , 'ताल' , 'खलनायक' , 'परदेस' , 'राम लखन' और 'सौदागर' शामिल हैं। ये फिल्में बॉलीवुड के सिनेमा इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल क्या है?
'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' सुभाष घई द्वारा संचालित एक अभिनय संस्थान है, जो विश्व के शीर्ष 10 फिल्म स्कूलों में से एक माना जाता है। इस संस्थान में नई पीढ़ी के कलाकारों को अभिनय और फिल्म निर्माण में प्रशिक्षण दिया जाता है।
घई के अनुसार पुरानी और आधुनिक पीढ़ी के कलाकारों में क्या अंतर है?
घई के अनुसार, पुरानी पीढ़ी के कलाकार स्क्रिप्ट, किरदार और प्रदर्शन की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते थे, जबकि कुछ आधुनिक युवा कलाकार पैसे, शक्ति और सुविधाओं पर अधिक ध्यान देते हैं। घई का मानना है कि असली सफलता लंबे समय तक अच्छे काम से ही मिलती है।
राष्ट्र प्रेस
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