बांग्लादेश में गैस संकट: अगस्त में सप्लाई एक दशक के निचले स्तर पर, कारखानों में उत्पादन 50% तक गिरा
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में ऊर्जा संकट ने अगस्त 2026 में गंभीर रूप ले लिया है — द डेली स्टार के 2017 से 2026 तक के गैस-सप्लाई डेटा के विश्लेषण के अनुसार, इस महीने औसत दैनिक गैस सप्लाई गिरकर 2,235 मिलियन क्यूबिक फीट प्रति दिन (एमएमसीएफडी) पर आ गई, जो कोविड महामारी के शुरुआती दौर के बाद अगस्त माह के लिए दर्ज किया गया सबसे निचला स्तर है। इस कमी से देश के प्रमुख औद्योगिक इलाकों में कामकाज लगभग ठप हो गया है और गारमेंट सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
संकट की जड़ें: एलएनजी सप्लाई में व्यवधान
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका-इजरायल संघर्ष ने बांग्लादेश की एलएनजी आपूर्ति श्रृंखला को बाधित किया है। देश के प्रमुख दीर्घकालिक सप्लायर कतर ने कथित तौर पर अनुबंध के अनुसार निर्धारित मात्रा में गैस की आपूर्ति नहीं की है, जिससे ढाका को स्पॉट मार्केट पर अधिक निर्भर होना पड़ रहा है। हालांकि, स्पॉट मार्केट से खरीद न केवल महंगी है, बल्कि इस समय दुरूह भी हो गई है, जिससे आपूर्ति की स्थिति और जटिल हो गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही विदेशी मुद्रा भंडार के दबाव से जूझ रहा है, जो ऊर्जा आयात की लागत को और भी बड़ी चुनौती बना देता है।
बिजली उत्पादन पर सीधा असर
गैस की कमी का प्रभाव तेज़ी से बिजली क्षेत्र पर भी पड़ा है। इस महीने बिजली उत्पादन में औसत प्रति घंटे की कमी लगभग 3,000 मेगावाट तक पहुँच गई। बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के आँकड़ों के अनुसार, रविवार दोपहर को 16,278 मेगावाट की माँग के मुकाबले केवल 12,688 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो सका। गौरतलब है कि लगभग 12,000 मेगावाट की इंस्टॉल्ड क्षमता के बावजूद गैस-आधारित बिजली उत्पादन केवल 5,000 मेगावाट के आसपास सिमट गया, क्योंकि दर्जनों उत्पादन इकाइयाँ ईंधन की कमी से जूझ रही थीं।
गारमेंट उद्योग पर मार: उत्पादन 50% तक गिरा
बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (बीजीएमईए) के उपाध्यक्ष मो. शिहाब उद्दुजा चौधरी ने बताया कि गैस की कमी का सामना कर रही फैक्ट्रियों में उत्पादन 50 प्रतिशत तक गिर गया है। बांग्लादेश निटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष फजली शमीम एहसान ने कहा, 'हालात को सिर्फ कारखाने बंद होने के तौर पर बताना मुश्किल है क्योंकि उत्पादन में दिन-ब-दिन तेज़ी से उतार-चढ़ाव हो रहा है। कुछ दिनों में उत्पादन शून्य हो जाता है, जबकि दूसरे दिनों में यह केवल 20 प्रतिशत के आसपास पहुँच सकता है।'
फतउल्लाह अपैरल के मैनेजिंग डायरेक्टर एहसान ने चेतावनी दी, 'अगर सरकार कदम नहीं उठाती है, तो कई कारखाने बंद होने की कगार पर पहुँच सकते हैं।' द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बीजीएमईए सदस्यों के लिए उत्पादन में इतनी गिरावट से लागत दोगुनी हो सकती है, जिससे फैक्ट्रियाँ सीधे घाटे में जा सकती हैं।
आगे क्या होगा
बांग्लादेश का गारमेंट उद्योग देश की कुल निर्यात आय का एक बड़ा हिस्सा है और लाखों श्रमिकों की रोज़ी-रोटी इससे जुड़ी है। यदि गैस आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ डिलीवरी समयसीमा चूकने का जोखिम बढ़ेगा, जो दीर्घकालिक व्यापारिक संबंधों को नुकसान पहुँचा सकता है। सरकार द्वारा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और स्पॉट मार्केट खरीद पर निर्णय अगले कुछ हफ्तों में उद्योग की दिशा तय करेंगे।