9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांग्लादेश में बिजली टैरिफ 19.85% बढ़ा, भीषण गर्मी में कूलिंग हुई आम लोगों की पहुँच से दूर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांग्लादेश में बिजली टैरिफ 19.85% बढ़ा, भीषण गर्मी में कूलिंग हुई आम लोगों की पहुँच से दूर

सारांश

बांग्लादेश में बीईआरसी ने जून में बिजली टैरिफ 19.85% बढ़ाया — थोक दर 7 से 8.39 टका और रिटेल 16.68% ऊपर। भीषण गर्मी के बीच यह वृद्धि कम आय वर्ग के लिए पंखा-कूलर चलाना भी मुश्किल बना रही है, जबकि शोध चेतावनी देता है कि 2050 तक गर्मी से 4,30,000 अतिरिक्त मौतें होंगी।

मुख्य बातें

बांग्लादेश एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन (बीईआरसी) ने जून 2026 में बिजली का थोक टैरिफ 19.85% बढ़ाकर 8.39 टका प्रति किलोवाट-घंटा किया।
वेटेड एवरेज रिटेल टैरिफ 16.68% बढ़कर 10.63 टका प्रति यूनिट हो गया।
200 यूनिट मासिक खपत वाले परिवार का बिल 162.50 टका बढ़कर 1,457 टका हो गया (वैट व डिमांड चार्ज से पहले)।
कम खपत ( 50 यूनिट से कम ) वालों के लिए लाइफलाइन दर 4.63 टका पर बरकरार।
क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के अनुसार 2050 तक वैश्विक स्तर पर 4,30,000 अतिरिक्त गर्मी-जनित मौतें होंगी; गरीब देशों में दर 10 गुना अधिक रहने का अनुमान।
बांग्लादेश उन 18 देशों में शामिल जहाँ गर्मी तेज़ है पर कूलिंग के लिए बिजली खपत की वृद्धि दर कम है।

बांग्लादेश में इस साल की भीषण गर्मी के बीच आम नागरिकों के लिए पंखा, कूलर और एयर कंडीशनर चलाना पहले से कहीं अधिक महंगा हो गया है। बांग्लादेश एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन (बीईआरसी) ने जून 2026 में बिजली के थोक और खुदरा दोनों टैरिफ में बड़ी बढ़ोतरी की, जिसका सीधा असर कम आय वाले परिवारों की जेब पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब जलवायु परिवर्तन के कारण बांग्लादेश में गर्मी का बोझ तेज़ी से बढ़ रहा है।

टैरिफ में कितनी हुई बढ़ोतरी

बीईआरसी के ताज़ा आदेश के तहत बिजली का थोक दर 7 टका से बढ़कर 8.39 टका प्रति किलोवाट-घंटा हो गया है — यानी 19.85 फीसदी की वृद्धि। रिपोर्टों के अनुसार, वेटेड एवरेज रिटेल टैरिफ भी 16.68 फीसदी बढ़कर 9.11 टका से 10.63 टका प्रति यूनिट हो गया है। एडजस्टेड एवरेज रिटेल टैरिफ 10.40 टका प्रति यूनिट तय किया गया है।

कम खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए लाइफलाइन दरें बरकरार रखी गई हैं — महीने में 50 यूनिट से कम इस्तेमाल करने वालों के लिए 4.63 टका और 75 यूनिट से कम इस्तेमाल करने वालों के लिए 5.26 टका प्रति यूनिट की दर निर्धारित है।

कूलिंग करने वाले परिवारों पर सीधा असर

जो परिवार गर्मी से बचने के लिए अधिक बिजली खर्च करते हैं, उन पर यह बोझ सबसे ज़्यादा पड़ा है। नई दरों के अनुसार, महीने में 76 से 200 यूनिट के बीच बिजली इस्तेमाल करने वाले आवासीय उपभोक्ताओं को पहली 75 यूनिट से अधिक खपत पर अब 8.50 टका प्रति यूनिट देने होंगे, जबकि पहले यह दर 7.20 टका थी।

महीने में 200 यूनिट बिजली इस्तेमाल करने वाले एक औसत परिवार का बिल 1,294.50 टका से बढ़कर 1,457 टका हो गया है — डिमांड चार्ज और वैट से पहले ही 162.50 टका की अतिरिक्त देनदारी।

कम आय वर्ग पर दोहरी मार

गौरतलब है कि बांग्लादेश में कम आमदनी वाले परिवार पहले से ही जीवनयापन की बढ़ती लागत के कारण बिजली की खपत में कटौती कर रहे थे। नई बढ़ोतरी के बाद उनके लिए भीषण गर्मी में पंखे और अन्य कूलिंग उपकरण लंबे समय तक चलाना और कठिन हो गया है। यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब विश्व बैंक के आँकड़ों के अनुसार 2023 तक बांग्लादेश में बिजली की पहुँच 99.5 फीसदी थी — लेकिन बिजली का कनेक्शन होने का अर्थ यह नहीं कि ठंडक भी उतनी ही सुलभ हो।

जलवायु संकट और बढ़ता खतरा

क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के एक नए शोध प्रकाशन के अनुसार, 2050 तक दुनियाभर में हर साल गर्मी से होने वाली मौतों में लगभग 4,30,000 की अतिरिक्त वृद्धि होगी। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि गरीब देशों में यह मृत्यु दर अमीर क्षेत्रों के मुकाबले 10 गुना अधिक हो सकती है।

बांग्लादेश उन 18 देशों में शामिल है जिन्हें इस संदर्भ में विशेष रूप से संवेदनशील माना गया है — जहाँ अत्यधिक गर्मी तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन कूलिंग के लिए बिजली की खपत में वृद्धि की रफ्तार उससे कहीं पीछे है। शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि केवल बिजली ग्रिड से जोड़ना पर्याप्त नहीं — लोगों को खतरनाक गर्मी में खुद को ठंडा रखने के लिए बिजली का खर्च उठाने में भी सक्षम होना होगा। बांग्लादेश में टैरिफ वृद्धि इस चुनौती को और गहरा कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो ठीक उसी समय कूलिंग की लागत बढ़ाना एक विरोधाभासी नीतिगत कदम है। 99.5% बिजली पहुँच का आँकड़ा भ्रामक है — असली सवाल यह है कि क्या लोग उस बिजली का खर्च उठा सकते हैं। बिना लक्षित सब्सिडी या आय-आधारित कूलिंग सहायता के, यह 'एनर्जी पॉवर्टी' का एक नया और खतरनाक रूप है जिसे नीति-निर्माता अभी पर्याप्त गंभीरता से नहीं ले रहे।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में बिजली टैरिफ कितना बढ़ा और कब से लागू हुआ?
बीईआरसी ने जून 2026 में थोक बिजली दर 7 टका से बढ़ाकर 8.39 टका प्रति किलोवाट-घंटा की — यानी 19.85% की वृद्धि। वेटेड एवरेज रिटेल टैरिफ भी 16.68% बढ़कर 10.63 टका प्रति यूनिट हो गया।
इस टैरिफ वृद्धि का आम परिवारों पर क्या असर पड़ेगा?
महीने में 200 यूनिट बिजली इस्तेमाल करने वाले परिवार का बिल 162.50 टका बढ़कर 1,457 टका हो गया है। गर्मी में कूलिंग के लिए अधिक बिजली खर्च करने वाले परिवारों पर यह बोझ सबसे अधिक पड़ेगा।
क्या कम आय वाले परिवारों के लिए कोई राहत है?
बीईआरसी ने कम खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए लाइफलाइन दरें बरकरार रखी हैं — 50 यूनिट से कम खपत पर 4.63 टका और 75 यूनिट से कम पर 5.26 टका प्रति यूनिट। हालाँकि जो परिवार गर्मी में अधिक बिजली इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह राहत नहीं मिलेगी।
बांग्लादेश में गर्मी और कूलिंग का संकट कितना गंभीर है?
क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के शोध के अनुसार 2050 तक वैश्विक स्तर पर गर्मी से 4,30,000 अतिरिक्त मौतें होंगी और गरीब देशों में यह दर 10 गुना अधिक रह सकती है। बांग्लादेश उन 18 सबसे संवेदनशील देशों में है जहाँ अत्यधिक गर्मी बढ़ रही है लेकिन कूलिंग के लिए बिजली खपत उस अनुपात में नहीं बढ़ रही।
क्या बांग्लादेश में बिजली की पहुँच होने से कूलिंग की समस्या हल हो जाती है?
नहीं। विश्व बैंक के आँकड़ों के अनुसार 2023 तक बांग्लादेश में बिजली पहुँच 99.5% थी, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि ग्रिड कनेक्शन होना पर्याप्त नहीं — लोगों को खतरनाक गर्मी में ठंडा रहने के लिए बिजली का खर्च उठाने में भी सक्षम होना चाहिए, जो टैरिफ वृद्धि के बाद और कठिन हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले