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बांग्लादेश गारमेंट उद्योग में महिलाओं की हिस्सेदारी 80% से घटकर 53% पर, ऑटोमेशन और आर्थिक संकट जिम्मेदार

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बांग्लादेश गारमेंट उद्योग में महिलाओं की हिस्सेदारी 80% से घटकर 53% पर, ऑटोमेशन और आर्थिक संकट जिम्मेदार

सारांश

जो उद्योग कभी लाखों बांग्लादेशी महिलाओं की आर्थिक मुक्ति का प्रतीक था, वहाँ अब महिलाओं की हिस्सेदारी 80% से घटकर 53% पर आ गई है। ऑटोमेशन, कौशल-अंतर, रात की पाली में असुरक्षा और व्यापक कार्यस्थल उत्पीड़न मिलकर उस सफलता की कहानी को उलट रहे हैं।

मुख्य बातें

बीजीएमईए के आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश गारमेंट उद्योग में महिलाओं की हिस्सेदारी 1980-1994 के 80% से घटकर 2023 में 53% रह गई।
गिरावट की पुष्टि ईटीआई, जीआईजेड, ब्रैक यूनिवर्सिटी और बीआईडीएस के स्वतंत्र अध्ययनों में भी हुई है।
2022 एफएसजी रिपोर्ट के अनुसार, करीब एक तिहाई महिला श्रमिकों की प्राथमिक शिक्षा अधूरी है, बनाम पुरुषों में 18% ।
80% महिला श्रमिकों ने कार्यस्थल पर यौन हिंसा या उत्पीड़न का अनुभव किया है या देखा है।
महिलाएं सुपरवाइजरी भूमिकाओं में 15% से कम और प्रबंधकीय भूमिकाओं में 5% से कम हैं।
मोशरेफा मिशु (गारमेंट्स श्रमिक यूनिटी फोरम) के अनुसार, उद्योग की वृद्धि के बावजूद महिलाएं सबसे कम वेतन पाने वालों में बनी हुई हैं।

बांग्लादेश के रेडीमेड गारमेंट (आरएमजी) उद्योग में महिला कर्मचारियों की भागीदारी में भारी गिरावट दर्ज की गई है — जो उद्योग कभी महिला आर्थिक सशक्तीकरण की वैश्विक मिसाल माना जाता था, वहाँ अब महिलाओं की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से घटकर लगभग 53 प्रतिशत रह गई है। बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (बीजीएमईए) के आंकड़ों और एकाधिक स्वतंत्र शोध संस्थाओं की रिपोर्टों के अनुसार, यह गिरावट ऑटोमेशन, कौशल-अंतर, कार्यस्थल असुरक्षा और राजनीतिक-आर्थिक अस्थिरता के मिले-जुले प्रभाव का नतीजा है।

आंकड़ों में गिरावट का सफर

बीजीएमईए के आंकड़ों के अनुसार, 1980 से 1994 के बीच गारमेंट उद्योग में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 80 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा 2005 तक घटकर 70 प्रतिशत पर आ गया और 2021 तथा 2023 में यह करीब 53 प्रतिशत तक सिमट गया। इस गिरावट की पुष्टि एथिकल ट्रेडिंग इनिशिएटिव (ईटीआई), जीआईजेड, ब्रैक यूनिवर्सिटी और बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज (बीआईडीएस) के अध्ययनों में भी की गई है।

ऑटोमेशन और कौशल का संकट

रिपोर्टों के अनुसार, गिरावट का प्रमुख कारण आधुनिक मशीनों के संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल की कमी है। ओवरलॉक, फ्लैटलॉक और बटनहोल जैसी स्वचालित मशीनें अब उत्पादन लाइनों का केंद्र बन चुकी हैं, और पुरुष कर्मचारी इन्हें चलाने में अधिक सक्षम माने जाते हैं। 2022 एफएसजी रिपोर्ट के अनुसार, गारमेंट उद्योग में काम करने वाली करीब एक तिहाई महिला कर्मचारियों ने प्राथमिक शिक्षा भी पूरी नहीं की है, जबकि पुरुष कर्मचारियों में यह अनुपात 18 प्रतिशत है। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि महिलाओं को इस कौशल-अंतर को पाटने के लिए शायद ही कभी प्रशिक्षण दिया गया।

रात की पाली और सुरक्षा की चिंता

24 घंटे चलने वाली उत्पादन इकाइयों में रात की पाली के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण नियोक्ता महिलाओं की जगह पुरुष कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हैं। इसके अलावा, एफएसजी रिपोर्ट में पाया गया कि 80 प्रतिशत महिला श्रमिकों ने कार्यस्थल पर यौन हिंसा या उत्पीड़न का अनुभव किया है या इसकी गवाह रही हैं। प्रोडक्शन बढ़ाने के दबाव में सुपरवाइजरों द्वारा गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न आम बात बताई गई है, जो महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कहीं पहले यह क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर करती है। रिपोर्ट में कहा गया, 'लगातार उत्पीड़न से महिलाओं के लिए काम जारी रखना मुश्किल हो जाता है।'

आर्थिक और राजनीतिक संकट का असर

ऑटोमेशन के अलावा, राजनीतिक अनिश्चितता के कारण फैक्ट्रियों का बंद होना, बैंकिंग और ऋण संबंधी समस्याएं तथा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर में गिरावट भी महिलाओं की नौकरियाँ जाने के कारण बने हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ व्यवसाय इन परिस्थितियों का फायदा उठाकर महिलाओं को पहले छंटनी का निशाना बना रहे हैं। बुजुर्ग महिलाएं, विशेषकर जिनके बच्चे हैं, फैक्ट्री के पास कठिन होती रहने वाली रहने की परिस्थितियों के कारण अपने गाँव लौटने पर मजबूर हो रही हैं। एफएसजी रिपोर्ट में 12 घंटे की कार्य-पाली, कम ब्रेक, गर्म और भीड़भरे उत्पादन फ्लोर और स्वास्थ्य बीमा से बाहर रहने वाली बीमारियों — जैसे सिरदर्द, सांस की दिक्कतें और स्किन एलर्जी — का उल्लेख किया गया है।

नेतृत्व में महिलाओं की अनुपस्थिति और श्रमिक आवाज़

रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं उद्योग में सुपरवाइजरी भूमिकाओं में 15 प्रतिशत से कम और प्रबंधकीय भूमिकाओं में 5 प्रतिशत से कम हैं। यह आंकड़ा मालिकों और श्रमिकों दोनों के बीच व्याप्त उस सोच को उजागर करता है कि पुरुष तेज और अधिक उत्पादक होते हैं। गारमेंट्स श्रमिक यूनिटी फोरम की अध्यक्ष मोशरेफा मिशु के अनुसार, उद्योग की वृद्धि के अनुपात में श्रमिकों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है और महिलाएं इस उद्योग की रीढ़ होने के बावजूद सबसे कम वेतन पाने वालों में शामिल हैं। यह स्थिति उस उद्योग के लिए एक बड़ा प्रश्नचिह्न है जिसे दशकों तक लैंगिक समावेश की सफलता की कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तकनीकी बदलाव के साथ महिलाओं के लिए पुनर्कौशल कार्यक्रम नहीं आते, तो वह बदलाव लैंगिक बहिष्करण का औजार बन जाता है। 80% महिला श्रमिकों द्वारा कार्यस्थल उत्पीड़न की रिपोर्ट एक संरचनागत विफलता है, न कि व्यक्तिगत घटना — और यह तथ्य कि यह उद्योग दशकों तक अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा रहा है, वैश्विक उपभोक्ता कंपनियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश गारमेंट उद्योग में महिलाओं की हिस्सेदारी कितनी घटी है?
बीजीएमईए के आंकड़ों के अनुसार, 1980 से 1994 के बीच महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 80% थी, जो 2005 तक 70% और 2021-2023 तक करीब 53% रह गई। इस गिरावट की पुष्टि ईटीआई, जीआईजेड, ब्रैक यूनिवर्सिटी और बीआईडीएस के अध्ययनों ने भी की है।
बांग्लादेश गारमेंट उद्योग में महिलाओं की नौकरियाँ क्यों जा रही हैं?
प्रमुख कारणों में ऑटोमेशन के कारण तकनीकी कौशल की बढ़ती माँग, रात की पाली में सुरक्षा संबंधी चिंताएं और व्यापक कार्यस्थल उत्पीड़न शामिल हैं। इसके अलावा राजनीतिक अनिश्चितता के कारण फैक्ट्रियों का बंद होना और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर में गिरावट भी इसके लिए जिम्मेदार है।
महिला गारमेंट श्रमिकों को कार्यस्थल पर किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
एफएसजी रिपोर्ट के अनुसार, 80% महिला श्रमिकों ने कार्यस्थल पर यौन हिंसा या उत्पीड़न का अनुभव किया है या देखा है। इसके अलावा 12 घंटे की पाली, गर्म और भीड़भरे फ्लोर, स्वास्थ्य बीमा का अभाव और सुपरवाइजरों द्वारा मानसिक उत्पीड़न भी आम समस्याएं हैं।
क्या गारमेंट उद्योग में महिलाओं को नेतृत्व की भूमिकाएं मिलती हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, महिलाएं सुपरवाइजरी भूमिकाओं में 15% से कम और प्रबंधकीय भूमिकाओं में 5% से कम हैं। यह स्थिति उद्योग में व्याप्त उस सोच को दर्शाती है कि पुरुष अधिक तेज और उत्पादक होते हैं।
बांग्लादेश गारमेंट उद्योग में महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
विशेषज्ञों और श्रमिक संगठनों के अनुसार, महिलाओं को आधुनिक मशीनों के संचालन का प्रशिक्षण देना, कार्यस्थल पर उत्पीड़न रोकने के लिए कड़े तंत्र बनाना और वेतन समानता सुनिश्चित करना जरूरी है। गारमेंट्स श्रमिक यूनिटी फोरम की अध्यक्ष मोशरेफा मिशु के अनुसार, उद्योग की वृद्धि का लाभ महिला श्रमिकों तक नहीं पहुँच रहा।
राष्ट्र प्रेस
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