क्या बांग्लादेश में 2025 में अपराधों का ग्राफ बढ़ा? राजनीतिक उथल-पुथल के बीच महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश में 2025 में अपराध का ग्राफ बढ़ा है।
- महिलाएं और बच्चे इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
- हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं, जिनमें हत्या और डकैती शामिल हैं।
- सरकार को कानून के सही कार्यान्वयन की आवश्यकता है।
- सामाजिक सुरक्षा में सुधार की आवश्यकता है।
ढाका, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 2025 में बांग्लादेश का क्राइम रेट खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। इस समय अवधि में महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक अत्याचार सहने पड़े हैं, वहीं हत्या, डकैती और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं में भी वृद्धि देखी गई है। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को इन आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।
विश्लेषकों का मानना है कि अपराध में वृद्धि कानून-व्यवस्था की चुनौतियों का परिणाम है। तख्ता पलट के बाद मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार सामान्य माहौल स्थापित करने में असफल रही है।
पुलिस के क्राइम आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश के बांग्ला अखबार 'बोनिक बार्ता' ने बताया कि 2025 में रेस्क्यू से जुड़े मामलों सहित कुल 1,81,737 केस रजिस्टर किए गए, जिनमें से कुछ 2024 की घटनाओं से संबंधित थे।
आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक मामले महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के थे।
पिछले वर्ष, पुलिस ने पूरे बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के 21,936 केस पंजीकृत किए, इसके अलावा 12,740 चोरी और 3,785 मर्डर के मामले दर्ज किए गए।
डकैती की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार डकैती के 1,935 केस रजिस्टर किए गए।
इसके अतिरिक्त, पूरे देश में 702 लूट के मामले, स्पीडी ट्रायल एक्ट के तहत 988 मामले, दंगों के 66, अपहरण के 1,101 मामले, पुलिस पर हमले के 601 मामले और 81,738 अन्य मामले दर्ज किए गए।
पिछले साल साढ़े चार साल की रोजा मणि की हत्या के बाद बांग्लादेश में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था। बच्ची का शव 13 मई 2025 को बिजॉय सरानी ओवरपास के पास कूड़े के ढेर में मिला था। वह एक दिन पहले ढाका के तेजगांव से लापता हो गई थी।
रोजा मणि मामले के अलावा, पिछले साल राजधानी में बच्चों के साथ बदसलूकी के कम से कम 1,000 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि देशभर के शैक्षणिक संस्थानों और कार्यस्थलों से भी ऐसी घटनाएं सामने आईं। ढाका यूनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च में एसोसिएट प्रोफेसर और क्रिमिनोलॉजिस्ट तौहिदुल हक ने बोनिक बार्ता से कहा, "2025 में, हमने क्राइम के आंकड़ों में कुछ डरावने पहलू देखे। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति सामान्य नहीं होने के कारण अपराध बढ़ा है। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है।"
उन्होंने कहा, "देश में राजनीतिक बदलाव के बाद बिगड़ी लॉ एंड ऑर्डर का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है। इसके अलावा, गंभीर अपराधों में टारगेट किलिंग और मॉब लिंचिंग शामिल हैं। इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए, हमें कानून को ठीक से लागू करना होगा।"
यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश बढ़ती हिंसा और बिगड़ती लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति से जूझ रहा है।