अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेश गहरे संकट में: अवामी लीग के आरोप, 15 लाख नौकरियाँ गईं, 979 बच्चों की मौत
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश की अवामी लीग ने 1 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि अगस्त 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद से देश एक बहुआयामी मानवीय संकट में फँस गया है। पार्टी के अनुसार, राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक दबाव, औद्योगिक पतन, स्वास्थ्य आपातकाल और जलवायु आपदाओं ने मिलकर ढाका सहित पूरे देश में आम नागरिकों की स्थिति को गंभीर रूप से कमज़ोर किया है।
राजनीतिक गिरफ्तारियाँ और नागरिक स्वतंत्रता पर असर
अवामी लीग ने दावा किया कि ढाका में 707 मामलों के सिलसिले में 5,079 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों का आरोप है कि 4 लाख से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से नवंबर 2025 तक लगभग 30,000 लोग अभी भी बंद थे। पार्टी ने इन गिरफ्तारियों को राजनीति-प्रेरित बताते हुए इन्हें नागरिक अधिकारों के हनन की संज्ञा दी है — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
औद्योगिक संकट और रोज़गार का नुकसान
अवामी लीग के अनुसार, 500 से अधिक बड़े निर्यात-उन्मुख कारखाने — जिनमें परिधान (गारमेंट) इकाइयाँ भी शामिल हैं — बंद हो चुके हैं। अक्टूबर 2024 तक ही 300 से अधिक इकाइयों के बंद होने की जानकारी सामने आ चुकी थी।
पार्टी के दावे के मुताबिक, गारमेंट निर्यात आय 42 अरब डॉलर से घटकर 37 अरब डॉलर रह गई — यानी करीब 12 प्रतिशत की गिरावट। इसके परिणामस्वरूप लगभग 15 लाख श्रमिकों की नौकरियाँ जाने का दावा किया गया है। बैक्सिम्को समूह में करीब 40,000 कर्मचारियों की छंटनी और चमड़ा उद्योग की 80 फैक्ट्रियाँ बंद होने की भी बात कही गई है। ढाका के सिरेमिक उद्योग में 100 से अधिक उत्पादन इकाइयाँ या तो बंद हो चुकी हैं या निष्क्रिय हैं।
महिलाओं और बच्चों पर असर
अवामी लीग ने कहा कि औद्योगिक संकट का सबसे अधिक बोझ महिलाओं पर पड़ा है। गारमेंट उद्योग में लगभग 80 प्रतिशत कार्यबल महिलाएँ हैं, लेकिन नौकरी गँवाने वालों में उनकी हिस्सेदारी 90 प्रतिशत के करीब बताई जा रही है। शिक्षा क्षेत्र में 3.3 करोड़ बच्चों की पढ़ाई राजनीतिक अस्थिरता और जलवायु घटनाओं से प्रभावित होने का दावा किया गया है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर पार्टी ने बताया कि 2024 में राजनीतिक बदलाव के बाद के सात महीनों में बच्चों के अपहरण से जुड़ी लगभग 15,000 जनरल डायरी दर्ज की गईं — यह आँकड़ा अवामी लीग का अपना दावा है।
स्वास्थ्य संकट: खसरे से 979 मौतें
स्वास्थ्य मोर्चे पर अवामी लीग ने खसरे (मीजल्स) के प्रकोप को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल बताया। पार्टी के अनुसार, यह बीमारी देश के सभी 64 जिलों में फैल चुकी है और नियमित टीकाकरण का दायरा हर साल लगभग 4 से 5 प्रतिशत अंक घट रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को खसरे से 6 और बच्चों की मौत हुई, जिसके बाद इस वर्ष संदिग्ध और पुष्ट मौतों की कुल संख्या बढ़कर 979 हो गई है।
जलवायु आपदाएँ और प्रशासनिक कमज़ोरी
अवामी लीग का आरोप है कि स्थानीय प्रशासनिक ढाँचे के कमज़ोर पड़ने से आपदा रोकथाम और तैयारी की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। पार्टी का कहना है कि जलवायु संबंधी आपदाओं ने पहले से जर्जर सामाजिक-आर्थिक स्थिति को और बिगाड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही बाढ़ और चक्रवात के लिहाज़ से दुनिया के सबसे संवेदनशील देशों में गिना जाता है।
गौरतलब है कि ये सभी आँकड़े और आरोप अवामी लीग के हैं — एक विपक्षी दल, जो स्वयं अगस्त 2024 के सत्ता परिवर्तन से पहले सत्ता में था। इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और स्वतंत्र पत्रकारों की रिपोर्टें इन दावों की वास्तविकता को और स्पष्ट करेंगी।