क्या बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि एक गंभीर समस्या है?

Click to start listening
क्या बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि एक गंभीर समस्या है?

सारांश

बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि की alarming रिपोर्ट आई है। अवामी लीग ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। क्या यह स्थिति और बिगड़ने वाली है?

Key Takeaways

  • बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि हो रही है।
  • अवामी लीग ने सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
  • सामाजिक सुरक्षा के लिए यह एक गंभीर खतरा है।
  • कानून प्रवर्तन में सुधार की आवश्यकता है।
  • मानवाधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता जरूरी है।

ढाका, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा में बढ़ोतरी देखी जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने मंगलवार को कहा कि इस संकट का समाधान निकालने के लिए अंतरिम सरकार से तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

अवामी लीग ने मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा है कि जनवरी से जुलाई 2025 के बीच बलात्कार की घटनाओं में 2024 की इसी अवधि की तुलना में लगभग 68.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2025 में इसी समय के दौरान बच्चों के खिलाफ हिंसा में 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मानवाधिकार संगठन एमएसएफ के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी और जुलाई 2025 के बीच, 502 महिलाओं और बच्चों का बलात्कार हुआ, जिनमें 133 सामूहिक बलात्कार की पीड़िताएं शामिल थीं। बलात्कार के बाद 27 पीड़ितों की हत्या कर दी गई। इसके अलावा, 209 बलात्कार के प्रयासों की भी रिपोर्ट दर्ज की गई।

ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन ऐन ओ सलीश केंद्र (एएसके) के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के पहले सात महीनों में 492 महिलाएं और बच्चियां बलात्कार की शिकार हुईं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 292 थी।

पार्टी के अनुसार, बच्चों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं 2024 में 463 से बढ़कर 640 हो गईं, जबकि 2025 में घरेलू हिंसा में भी लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

अवामी लीग ने सोशल मीडिया पर लिखा, "बांग्लादेश महिला परिषद की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल 405 लोगों के साथ बलात्कार हुआ, 117 सामूहिक बलात्कार हुए, और 15 पीड़िताओं को बलात्कार के बाद मार दिया गया। पिछले साल ये संख्या क्रमशः 253, 105 और 18 थी।"

पार्टी का कहना है कि देश में अपराध बढ़ने के पीछे अपराधियों को सजा न मिलना, न्याय व्यवस्था में देरी, कानून प्रवर्तन एजेंसियों की लापरवाही और कमजोर स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार हैं। यह प्रवृत्ति केवल आंकड़ों का मामला नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और मानवाधिकारों के लिए एक गंभीर खतरा है।

अवामी लीग ने ढाका विश्वविद्यालय में महिला एवं लैंगिक अध्ययन विभाग के प्रोफेसर सैयद शेख इम्तियाज के हवाले से कहा, "पुलिस व्यवस्था कमजोर हो गई है। जुलाई के आंदोलन के बाद, महिलाओं की आजादी से जुड़ी नकारात्मक बातों ने बलात्कारियों को बढ़ावा दिया है।"

पार्टी के अनुसार, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि प्रभावी कानून प्रवर्तन, त्वरित सुनवाई और व्यापक सामाजिक जागरूकता के बिना, बांग्लादेश में हिंसा की बढ़ती घटनाओं को रोका नहीं जा सकता।

Point of View

मेरा मानना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा केवल आंकड़ों का मामला नहीं है, बल्कि यह समाज की सुरक्षा पर गंभीर खतरा है। यह समय है कि हम इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें और प्रभावी कदम उठाएं।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा की स्थिति क्या है?
बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि हो रही है, जिसमें बलात्कार और घरेलू हिंसा शामिल हैं।
अवामी लीग इस मुद्दे पर क्या कर रही है?
अवामी लीग ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है और इस विषय पर गंभीर चिंताओं को व्यक्त किया है।
क्या यह स्थिति और बिगड़ सकती है?
यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
क्या सरकार ने इस समस्या को लेकर कोई कदम उठाए हैं?
अवामी लीग ने सरकार से कार्रवाई की अपील की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून प्रवर्तन, त्वरित न्याय और सामाजिक जागरूकता के उपाय आवश्यक हैं।