मल्लिकार्जुन खड़गे का आरोप: एसआईआर के नाम पर व्यापक धोखाधड़ी
सारांश
Key Takeaways
- मल्लिकार्जुन खड़गे ने एसआईआर पर गंभीर आरोप लगाए।
- धोखाधड़ी का आरोप विभिन्न राज्यों में लगाया गया है।
- तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाए गए।
- कर्नाटक में कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने को कहा।
- बंगाल में ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमलावर रुख अपनाया।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को राज्यसभा में एसआईआर के संबंध में कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर हर जगह धोखाधड़ी की जा रही है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और इसके पीछे की मंशा केवल चुनाव जीतना है। इस प्रकार की गतिविधियाँ बंगाल, तमिलनाडु और कर्नाटक में चल रही हैं। हर राज्य में केवल धोखाधड़ी का ही खेल चल रहा है।
वोटर लिस्ट को सही करने के लिए देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इस मुद्दे पर विपक्षी दल चुनाव आयोग को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 9 मार्च को दावा किया कि राज्य में चल रहे विशेष इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाना है।
ममता ने धरना स्थल से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चुनौती दी कि यदि भाजपा को चुनाव आयोग का समर्थन भी मिल जाए, तो भी वह चुनाव नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अपने अधिकारों के हनन करने वालों को उचित जवाब देगी।
तमिलनाडु में 23 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद विशेष मतदाता पुनर्निरीक्षण (एसआईआर) के परिणामस्वरूप अंतिम मतदाता सूची आधिकारिक रूप से जारी की गई। इस प्रक्रिया के दौरान, तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर नामों को हटाया गया, जिससे 97 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से काटे गए। अब वहां मतदाताओं की कुल संख्या 5.43 करोड़ रह गई है।
कर्नाटक में एसआईआर को लेकर कांग्रेस ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने का आह्वान किया है। उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि इस प्रक्रिया का भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बूथ स्तर के एजेंट्स (बीएलए) के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।