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सुकांत मजूमदार का आरोप: ममता बनर्जी ने एसआईआर को चुनावी मुद्दा बना दिया है

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सुकांत मजूमदार का आरोप: ममता बनर्जी ने एसआईआर को चुनावी मुद्दा बना दिया है

सारांश

कोलकाता में सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी पर एसआईआर को चुनावी एजेंडा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल 1946 जैसी स्थिति में लौट रहा है। जानिए इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी पर एसआईआर को चुनावी मुद्दा बनाने का आरोप।
बंगाल की स्थिति 1946 जैसी हो रही है।
तृणमूल कांग्रेस का चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप।
मालदा कांड में न्यायिक अधिकारियों का बंधक बनाना।
बंगाल में अवैध घुसपैठ की समस्या।

कोलकाता, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनावी मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बंगाल 1946 या इससे पहले की स्थिति में लौट रहा है।

राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में, मजूमदार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन राज्यों में एसआईआर चल रहा है, वे सभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य नहीं हैं।

उन्होंने केरल और तमिलनाडु का उदाहरण देकर कहा कि वहाँ स्थिति सामान्य है।

जब पश्चिम बंगाल की बात आती है, तो समस्या केवल इसी राज्य में ही उत्पन्न हो रही है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या एसआईआर में कोई समस्या है या यह राज्य की स्थिति से संबंधित है?

मजूमदार ने ममता बनर्जी को दोषी ठहराते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल में एसआईआर को चुनावी मुद्दा बना दिया है। वह भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर अक्सर पक्षपात का आरोप लगाया है। इस पर मजूमदार ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से चुनाव आयोजित करता है। तृणमूल कांग्रेस स्वतंत्र प्रशासन से परिचित नहीं है। उनके शासन में प्रशासन तृणमूल के अधीन हो जाता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर तृणमूल के पास चुनाव आयोग के खिलाफ ठोस सबूत होते, तो अदालत उनके पक्ष में फैसला सुनाती।

उन्होंने मालदा कांड का भी उल्लेख किया, जहाँ कथित तौर पर न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया गया था।

मजूमदार ने कहा कि बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को भारत के संविधान की शक्ति का अनुभव करना होगा।

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि बंगाल 1946 या उससे पहले की स्थिति में लौट रहा है। नए जिन्ना सामने आ रहे हैं। 1946 के बाद बंगाल का विभाजन हुआ; अब क्या होगा, यह अनिश्चित है।

इसके अतिरिक्त, भाजपा नेता ने बांग्लादेश के साथ बंगाल की खुली सीमा के कारण अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने एसआईआर को चुनावी मुद्दा बना दिया है।
क्या एसआईआर केवल बंगाल में समस्या है?
मजूमदार के अनुसार, एसआईआर की समस्या केवल बंगाल में ही है, अन्य राज्यों में स्थिति सामान्य है।
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाया है?
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
मालदा कांड का क्या मामला है?
मालदा कांड में कथित तौर पर न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया गया था।
बंगाल में अवैध घुसपैठ का क्या कारण है?
बंगाल और बांग्लादेश की खुली सीमा के कारण अवैध घुसपैठ की समस्या उत्पन्न हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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