ताशकंद में PM मोदी का भव्य स्वागत, महिलाओं ने बांधी राखी; चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अगस्त 2025 को उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर ताशकंद पहुँचे, जहाँ वहाँ मौजूद भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत के दौरान लोगों ने 'मोदी मोदी', 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए, और कुछ महिलाओं ने प्रधानमंत्री के हाथ पर राखी भी बाँधी। यह उज्बेकिस्तान की उनकी चौथी यात्रा है।
भारतीय समुदाय से मुलाकात
ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और कलाकारों द्वारा पेश की गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देखीं। वह बच्चों के नृत्य प्रदर्शन को ध्यान से देखते नज़र आए और प्रदर्शन के बाद उन्होंने बच्चों से हाथ भी मिलाया। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि ताशकंद में 16,000 से अधिक भारतीय छात्रों सहित एक जीवंत भारतीय समुदाय मौजूद है, जो दोनों देशों के बीच मित्रता का सेतु है।
PM मोदी का एक्स पर संदेश
इस गर्मजोशी भरे स्वागत पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'ताशकंद में भारतीय समुदाय के प्यार और स्नेह से मैं बहुत खुश हूँ। हमारे प्रवासी भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक पुल हैं, जो हमारे देशों के बीच दोस्ती के संबंधों को मजबूत करते हैं।' ताशकंद पहुँचने पर उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा 'हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और बढ़ती गति को दर्शाती है।'
यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में उज्बेक संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाली कलाकृतियाँ भी देखीं। मोदी ने एक्स पर लिखा कि यह स्मारक 'उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति को दर्शाता है।'
द्विपक्षीय संबंधों का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत मध्य एशिया में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को सक्रिय रूप से मजबूत कर रहा है। गौरतलब है कि उज्बेकिस्तान में 16,000 से अधिक भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रमाण है। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने ताशकंद हवाई अड्डे पर स्वयं प्रधानमंत्री का स्वागत किया, जिसे कूटनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जा रहा है।
आगे क्या
दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच द्विपक्षीय वार्ता अपेक्षित है, जिसमें व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग के नए आयामों पर चर्चा होने की संभावना है।