30 अगस्त 2026
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PM मोदी ने ताशकंद में यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की, उज्बेक आकांक्षाओं को सराहा

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PM मोदी ने ताशकंद में यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की, उज्बेक आकांक्षाओं को सराहा

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा महज़ कूटनीतिक रस्म नहीं — यह मध्य एशिया में भारत की बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति का संकेत है। यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर पुष्पांजलि से शुरू हुई यह यात्रा 'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' के साझा विजन को ज़मीन पर उतारने की कोशिश है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 29 अगस्त 2026 को ताशकंद पहुँचे और यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया; यह मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है।
दोनों नेताओं ने यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में उज्बेक संस्कृति और इतिहास की कलाकृतियों का अवलोकन किया।
यात्रा में व्यापार, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी।
'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' के साझा विकास विजन को आगे बढ़ाना यात्रा का केंद्रीय एजेंडा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अगस्त 2026 को ताशकंद पहुँचते ही उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि यह स्मारक उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति का प्रतीक है। यह उज्बेकिस्तान की उनकी चौथी राजकीय यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच गहरे होते द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करती है।

स्मारक पर ऐतिहासिक क्षण

ताशकंद हवाई अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद पीएम मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ यंगी उज्बेकिस्तान पार्क पहुँचे। वहाँ दोनों नेताओं ने उज्बेक संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाली कलाकृतियों का अवलोकन किया। मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 'अपनी यात्रा की शुरुआत यहाँ आकर करने पर खुशी हुई।'

गर्मजोशी भरे स्वागत पर आभार

प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद हवाई अड्डे पर मिले स्वागत के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव द्वारा गर्मजोशी से स्वागत के साथ ताशकंद पहुँचा। इस विशेष भाव के लिए उनका आभारी हूँ। यह उज्बेकिस्तान की मेरी चौथी यात्रा है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और बढ़ती गति को दर्शाती है।'

यात्रा का एजेंडा

इस दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। वार्ता में व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

साझा विकास विजन

यात्रा से पहले मोदी ने कहा था, 'हाल के वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।' दोनों देश 'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' के साझा विकास विजन को आगे बढ़ाने पर सहमत हैं। गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब मध्य एशिया में भारत की कूटनीतिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है।

आगे क्या होगा

दोनों देशों के बीच होने वाली वार्ता के बाद कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। यह यात्रा भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति के तहत उज्बेकिस्तान के साथ संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि इन यात्राओं के ठोस आर्थिक परिणाम कितने मापनीय रहे हैं। 'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' के साझा विजन की भाषा प्रेरक है, पर द्विपक्षीय व्यापार अभी भी अपनी वास्तविक क्षमता से काफी नीचे है। असली कसौटी यह होगी कि इस बार की वार्ता में डिजिटल कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग के कितने बाध्यकारी समझौते निकलते हैं, न कि केवल इरादों की घोषणाएँ।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा का उद्देश्य क्या है?
PM मोदी की यह दो दिवसीय राजकीय यात्रा व्यापार, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए है। इसके साथ ही 'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' के साझा विकास विजन को आगे बढ़ाना भी इस यात्रा का प्रमुख लक्ष्य है।
यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक क्या है?
यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक ताशकंद में स्थित एक प्रतीकात्मक स्थल है जो उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं, संस्कृति और प्रगति को दर्शाता है। यह यंगी उज्बेकिस्तान पार्क का हिस्सा है जहाँ उज्बेक इतिहास और संस्कृति से जुड़ी कलाकृतियाँ भी प्रदर्शित हैं।
मोदी की यह उज्बेकिस्तान की कौन-सी यात्रा है?
यह प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है। मोदी ने स्वयं एक्स पर लिखा कि यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और बढ़ती गति को दर्शाती है।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा?
इस यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर चर्चा होगी। दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर की संभावना है।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने मोदी का स्वागत कैसे किया?
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने ताशकंद हवाई अड्डे पर PM मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता साथ मिलकर यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने गए।
राष्ट्र प्रेस
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