PM मोदी ने ताशकंद दौरे की झलकियां एक्स पर साझा कीं, बोले — हर कार्यक्रम भारत-उज्बेकिस्तान मित्रता का प्रतीक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय उज्बेकिस्तान दौरे की यादगार झलकियां 30 अगस्त को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा कीं और कहा कि ताशकंद में हुए प्रत्येक कार्यक्रम ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरी होती मित्रता और सांस्कृतिक निकटता को रेखांकित किया। उन्होंने स्वागत समारोह, भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात और 'यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक' पर पुष्पांजलि अर्पित करने को इस यात्रा के विशेष क्षण बताया।
एक्स पर साझा की यात्रा की झलकियां
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'ताशकंद में विशेष स्वागत, यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करना और भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात और प्रमुख कार्यक्रमों की कुछ खास झलकियां यहां मौजूद हैं।' यह पोस्ट उनके दौरे के समापन से पहले सामने आई और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई।
भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात
ताशकंद में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मिलकर प्रधानमंत्री मोदी भावुक हुए। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'ताशकंद में भारतीय समुदाय के प्यार और स्नेह से अभिभूत हूं। हमारा प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु है, जो दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत बना रहा है।' इस मुलाकात के दौरान भारतीय समुदाय की कुछ महिलाओं ने प्रधानमंत्री को राखी भी बांधी, जिसने इस मिलन को और भावपूर्ण बना दिया।
सांस्कृतिक संगम की सराहना
स्वागत समारोह में भारतीय और उज्बेक संगीत परंपराओं का अनूठा मेल देखने को मिला। मोदी ने तबला प्रस्तुति की एक झलक साझा करते हुए लिखा, 'भारतीय और उज्बेक संगीत परंपराओं का मनमोहक संगम! तबला, डोइरा और चांग के साथ बेहद खूबसूरती से मेल खाता है, जो भारत और उज्बेकिस्तान के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दिखाता है।' यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों की याद दिलाता है।
'यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक' पर श्रद्धांजलि
ताशकंद पहुंचने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ 'यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक' पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गए। उन्होंने लिखा, 'यह स्मारक उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति का प्रतीक है। अपनी यात्रा की शुरुआत यहां से करके खुशी हुई।' गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने में जुटा है।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह दौरा केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं रहा — लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव इसकी केंद्रीय थीम रही। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। यह यात्रा आने वाले समय में दोनों देशों के बीच नई साझेदारियों की नींव रख सकती है।