सेंसेक्स 628 अंक उछला, सात सत्रों की गिरावट थमी; निफ्टी 24,231 पर बंद
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स ने गुरुवार, 20 अगस्त को 628.04 अंक यानी 0.82 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए 77,537.72 पर कारोबार समाप्त किया — जिससे लगातार सात सत्रों से चली आ रही गिरावट का सिलसिला टूट गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 153.55 अंक यानी 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ।
बाज़ार में तेज़ी के प्रमुख कारण
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड यील्ड को थामने के हस्तक्षेप ने घरेलू बाज़ार को बहुत ज़रूरी राहत दी। इस कदम से डॉलर कमज़ोर पड़ा, जिससे भारतीय रुपये को मज़बूती मिली और यील्ड का दबाव घटा — नतीजतन उभरते बाज़ार निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए। विश्लेषकों ने यह भी कहा कि आईटी और फाइनेंशियल शेयरों में तेज़ी का मुख्य योगदान रहा, क्योंकि यील्ड में नरमी से खर्च को बढ़ावा मिलता है।
किन सेक्टरों ने किया नेतृत्व
तेज़ी का नेतृत्व मीडिया, रियल्टी और प्राइवेट बैंक क्षेत्रों ने किया। निफ्टी मीडिया 2.13 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.41 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहे। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी इन्फ्रा भी हरे निशान में बंद हुए। हालाँकि निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसई और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी
लार्जकैप के साथ-साथ निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 262.80 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,671.55 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 134.30 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की मज़बूती के साथ 19,841.45 पर बंद हुआ — जो दर्शाता है कि खरीदारी व्यापक आधार पर रही।
सेंसेक्स के प्रमुख विजेता और पिछड़े शेयर
सेंसेक्स पैक में इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, एलएंडटी, एचयूएल, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और एमएंडएम प्रमुख लाभ में रहे। दूसरी ओर टाटा स्टील, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाइटन नुकसान में बंद हुए।
आगे की चुनौतियाँ
विशेषज्ञों ने सावधान किया है कि कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊँचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बरकरार है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता का माहौल है और निवेशक हर नए संकेत पर सतर्क नज़र रख रहे हैं। आने वाले सत्रों में यील्ड की दिशा और कच्चे तेल के भाव बाज़ार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।