सेंसेक्स 1,247 अंक टूटा, 73,580 पर बंद; कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड के दबाव से बाज़ार लाल
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को 1,247.71 अंक यानी 1.67 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 73,580.54 पर बंद हुआ — कच्चे तेल की कीमतों के $102 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेज़ उछाल के कारण जोखिम से बचने की भावना हावी हो गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 भी 383.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 पर बंद हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
BSE सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 74,828.25 से 555.85 अंक गिरकर 74,272.40 पर खुला। इंट्रा-डे कारोबार में यह एक समय 1,264.33 अंक यानी 1.68 प्रतिशत लुढ़ककर 73,563.92 के निम्नतम स्तर तक पहुँच गया। NSE निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,446.80 से 225 अंक गिरकर 23,221.80 पर खुला और इंट्रा-डे में 400.65 अंक टूटकर 23,046.15 के निम्नतम स्तर पर भी पहुँचा।
व्यापक बाज़ार में भी दबाव स्पष्ट रहा — निफ्टी मिडकैप 2.25 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 1.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेक्टरवार प्रदर्शन
गुरुवार के सत्र में सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे।
इसके अलावा निफ्टी मेटल में 1.96 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 1.57 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.13 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.10 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 1.08 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में सिप्ला, ओएनजीसी और एनटीपीसी को छोड़कर लगभग सभी शेयर लाल रहे, जबकि एचडीएफसी लाइफ, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और बजाज फिनसर्व में सबसे ज़्यादा गिरावट दर्ज हुई।
निवेशकों की संपत्ति पर असर
व्यापक बिकवाली के कारण एक ही सत्र में निवेशकों की लगभग ₹5 लाख करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई। BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाज़ार पूंजीकरण पिछले सत्र के ₹485 लाख करोड़ से घटकर ₹480.95 लाख करोड़ रह गया।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर महंगाई और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों का रुख जोखिम लेने की बजाय सतर्कता बरतने की ओर हो गया है।
NSE का BSE पर ऐतिहासिक डेब्यू
गिरावट के बीच एक सकारात्मक खबर यह रही कि 24 सितंबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने BSE पर अपना ऐतिहासिक डेब्यू किया। NSE के शेयर लिस्टिंग के दौरान 1.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,817 पर बंद हुए, जो इसके IPO प्राइस बैंड ₹1,785 से अधिक है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक जोखिम बढ़ रहे हैं। घरेलू स्तर पर बीमा और बैंकिंग सेक्टर कमीशन स्ट्रक्चर की नियामकीय समीक्षा और उससे मुनाफे पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताओं के कारण दबाव में बने रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाज़ार अभी एक अहम मनोवैज्ञानिक सपोर्ट स्तर के आसपास टिका हुआ है। नई सकारात्मक खबरों के अभाव में निकट भविष्य में बाज़ार का मूड सतर्क रह सकता है और आगे की तेज़ी के लिए कमाई में वृद्धि ही मुख्य कारक बन सकती है।