सेंसेक्स-निफ्टी लगातार 7वें सप्ताह फिसले, क्रूड और बॉन्ड यील्ड के दबाव में 0.88% की गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 26 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में लगातार सातवीं बार गिरावट के साथ बंद हुए — जो इस वर्ष का सबसे लंबा साप्ताहिक मंदी का सिलसिला है। ब्रेंट क्रूड ऑयल का $105 प्रति बैरल से ऊपर बने रहना, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 5.10% पार करना और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निरंतर बिकवाली — इन तीन मोर्चों पर एक साथ दबाव ने बाजार को कमज़ोर किए रखा।
साप्ताहिक प्रदर्शन: आँकड़ों की तस्वीर
साप्ताहिक आधार पर निफ्टी 0.88% कमज़ोर हुआ, हालाँकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को इसमें 0.34% की आंशिक रिकवरी देखी गई और यह 23,140 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स शुक्रवार को 315 अंक यानी 0.43% चढ़कर 73,895 पर बंद हुआ, लेकिन पूरे सप्ताह में इसमें 0.54% की गिरावट दर्ज रही।
सप्ताह के दौरान उतार-चढ़ाव तीखा रहा। गुरुवार को दोनों प्रमुख सूचकांक 1.6% से अधिक टूट गए थे, जबकि शुक्रवार को चुनिंदा शेयरों में 'वैल्यू बाइंग' के चलते सीमित सुधार हुआ। निफ्टी अगस्त के अंत के स्तर से अब भी लगभग 3.9% नीचे बना हुआ है।
क्रूड और यील्ड: दोहरा दबाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताह भर ब्रेंट क्रूड $105 प्रति बैरल से ऊपर और WTI क्रूड $90 प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता रहा। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने तेल कीमतों को ऊँचा बनाए रखा। सप्ताह के अंत में कुछ नरमी ज़रूर आई, जिससे आयात बिल, महंगाई, रुपए और कॉरपोरेट लागत पर दबाव की आशंकाएँ थोड़ी कम हुईं।
दूसरी बड़ी चुनौती अमेरिकी बॉन्ड बाजार से आई। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड सप्ताह के दौरान 5.10% के ऊपर पहुँच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊँची यील्ड वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों को सख्त बनाती है और उभरते बाजारों की परिसंपत्तियों को निवेशकों की नज़र में अपेक्षाकृत कम आकर्षक बना देती है।
FII की बिकवाली बनाम DII की खरीदारी
एक्सचेंज आँकड़ों के अनुसार, FII लगातार छठे सप्ताह शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने इस सप्ताह ₹11,490 करोड़ के शेयर बेचे। सितंबर महीने में अब तक FII की कुल बिकवाली ₹18,531 करोड़ तक पहुँच चुकी है।
इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी का सिलसिला बनाए रखा और इस सप्ताह ₹16,398 करोड़ का शुद्ध निवेश किया। सितंबर में DII की कुल शुद्ध खरीदारी ₹52,617 करोड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि DII की यह सक्रियता ही बाजार को बड़े नुकसान से बचाने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।
पश्चिम एशिया: ईरान का नया प्रस्ताव
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को एक नया सात-दिवसीय प्रस्ताव दिया है, जिसमें नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, तेल प्रतिबंधों में राहत और व्यापक युद्धविराम के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है। निवेशकों का मानना है कि यदि इस दिशा में सकारात्मक प्रगति होती है, तो तेल कीमतों पर लगा भू-राजनीतिक प्रीमियम घट सकता है और बाजार को राहत मिल सकती है।
तकनीकी नज़रिया और आगे की राह
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, 23,000 का स्तर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट क्षेत्र बना हुआ है, जबकि 23,200 निकटतम रेजिस्टेंस है। अगले सप्ताह निवेशकों की नज़र ब्रेंट क्रूड की कीमतों, अमेरिका-ईरान वार्ता के घटनाक्रम और अमेरिका की दूसरी तिमाही (Q2) GDP के आँकड़ों पर रहेगी। यदि FII की बिकवाली और वैश्विक दबाव जारी रहता है तो बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है — हालाँकि DII की निरंतर खरीदारी एक मज़बूत सुरक्षा कवच बने रहने की संभावना है।