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सेंसेक्स 628 अंक टूटा, निफ्टी 23,299 पर; ब्रेंट क्रूड और बॉन्ड यील्ड से बाजार पर दबाव

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सेंसेक्स 628 अंक टूटा, निफ्टी 23,299 पर; ब्रेंट क्रूड और बॉन्ड यील्ड से बाजार पर दबाव

सारांश

ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर पार और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5.11% — दो वैश्विक दबावों ने गुरुवार को भारतीय बाजार को झकझोर दिया। सेंसेक्स 628 अंक टूटा, फाइनेंशियल शेयरों में 2% तक की गिरावट। IT शेयरों में अकेली राहत, बाकी सब लाल।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स गुरुवार सुबह 628 अंक (0.84%) गिरकर 74,199 पर था।
NSE निफ्टी 50 207 अंक (0.88%) की गिरावट के साथ 23,299 पर था।
निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 2-2 प्रतिशत टूटे — सबसे बड़े लूजर।
ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.11% पर पहुँचा।
निफ्टी मिडकैप 100 606 अंक (0.97%) गिरकर 61,808 पर; निफ्टी स्मॉलकैप 100 147 अंक (0.74%) टूटकर 19,844 पर।
टेक महिंद्रा , HCL टेक , TCS और इन्फोसिस IT शेयरों के रूप में गिरावट के बीच बढ़त में थे।

BSE सेंसेक्स गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच लाल निशान में खुला और सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर 628 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,199 पर था। इसी दौरान NSE निफ्टी 50 इंडेक्स 207 अंक यानी 0.88 प्रतिशत फिसलकर 23,299 पर आ गया। फाइनेंशियल और बैंकिंग शेयरों में तेज बिकवाली ने गिरावट को और गहरा किया।

कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में

शुरुआती कारोबार में गिरावट का नेतृत्व निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक ने किया, जो दोनों करीब 2-2 प्रतिशत कमजोर थे। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कंजप्शन और निफ्टी एनर्जी समेत लगभग सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, HDFC बैंक, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, L&T, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, M&M, भारती एयरटेल और इटरनल सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में शामिल थे।

गेनर्स का पक्ष — IT शेयरों में राहत

जहाँ ज्यादातर शेयरों में दबाव था, वहीं IT सेक्टर में कुछ राहत देखी गई। टेक महिंद्रा, सन फार्मा, HCL टेक, TCS और इन्फोसिस सेंसेक्स पैक में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। यह उल्लेखनीय है कि ये वही शेयर हैं जो वैश्विक अनिश्चितता के दौर में आमतौर पर डिफेंसिव दांव के रूप में देखे जाते हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

लार्जकैप के साथ-साथ छोटे और मझोले शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 606 अंक यानी 0.97 प्रतिशत गिरकर 61,808 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 147 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,844 पर कारोबार कर रहा था।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन सेगमेंट में भारी घरेलू लिक्विडिटी का प्रवाह ही मिडकैप और स्मॉलकैप के अपेक्षाकृत मजबूत बने रहने का मुख्य कारण है। उच्च वैल्यूएशन के बावजूद ग्रोथ शेयरों में खरीदारी जारी है, वहीं सही वैल्यूएशन पर उपलब्ध लार्जकैप शेयर सुस्त पड़े हैं।

वैश्विक कारक — ब्रेंट क्रूड और बॉन्ड यील्ड

बाजार विशेषज्ञों ने दो प्रमुख वैश्विक चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी है और अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 5.11 प्रतिशत पर पहुँच गई है — दोनों ही भारतीय बाजारों के लिए नकारात्मक संकेत हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक ये दोनों वैश्विक दबाव बने रहेंगे, तब तक बाजार में तेज रिकवरी की उम्मीद कम ही है।

वैश्विक स्तर पर भी कमजोरी का माहौल रहा — टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के बाजार लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार भी बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

आगे क्या होगा

विशेषज्ञों का मानना है कि मिडकैप और स्मॉलकैप में यह ट्रेंड बदलेगा, लेकिन इसकी समयसीमा कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की दिशा पर निर्भर करेगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतिगत अनिश्चितता पहले से ही बाजारों को अस्थिर बनाए हुए है। निवेशकों की नजर अब अगले वैश्विक आर्थिक संकेतों और घरेलू व्यापक आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि महँगे मिडकैप और स्मॉलकैप को घरेलू लिक्विडिटी का कृत्रिम सहारा मिल रहा है — यह असंतुलन लंबे समय तक टिकाऊ नहीं। जब तक फेड की नीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्पष्टता नहीं आती, भारतीय बाजार की रिकवरी की राह संकरी ही रहेगी।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट क्यों आई?
24 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक नकारात्मक संकेत थे। ब्रेंट क्रूड का 102 डॉलर प्रति बैरल के पार जाना और अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.11 प्रतिशत पर पहुँचना बाजार के लिए दोहरा दबाव बन गया।
आज सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक टूटे?
सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर सेंसेक्स 628 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,199 पर था। निफ्टी 50 इंडेक्स 207 अंक यानी 0.88 प्रतिशत टूटकर 23,299 पर आ गया।
आज बाजार में कौन से शेयर सबसे ज्यादा टूटे?
बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, HDFC बैंक, इंडिगो, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, L&T, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, M&M, भारती एयरटेल और इटरनल सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंक सूचकांक करीब 2-2 प्रतिशत टूटे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर क्या असर पड़ा?
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 606 अंक यानी 0.97 प्रतिशत गिरकर 61,808 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 147 अंक यानी 0.74 प्रतिशत टूटकर 19,844 पर था। हालाँकि विशेषज्ञों के अनुसार, भारी घरेलू लिक्विडिटी इन सेगमेंट को लार्जकैप की तुलना में अपेक्षाकृत सहारा दे रही है।
बाजार में तेजी से रिकवरी कब संभव है?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ब्रेंट क्रूड की कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी नहीं आती, तब तक भारतीय बाजार में तेज रिकवरी की संभावना सीमित है। रिकवरी की दिशा और समय वैश्विक ऊर्जा बाजार और अमेरिकी मौद्रिक नीति के अगले संकेतों पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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