20 अगस्त 2026
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सेंसेक्स 558 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय बाज़ार में वापसी

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सेंसेक्स 558 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय बाज़ार में वापसी

सारांश

लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय बाज़ार में जान लौटी — और वजह आई अटलांटिक पार से। अमेरिकी ट्रेज़री पुनर्खरीद की संभावना ने वैश्विक बॉन्ड यील्ड दबाई, FII और DII दोनों खरीदार बने, और सेंसेक्स ने 558 अंक की छलांग लगाई। अब नज़र 24,260 के स्तर पर टिकी है।

मुख्य बातें

बीएसई सेंसेक्स 20 अगस्त को 558.77 अंक (0.72%) उछलकर 77,468.45 पर खुला।
एनएसई निफ्टी 50 147.15 अंक (0.61%) की बढ़त के साथ 24,225.45 पर खुला।
यह तेज़ी लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद आई है।
FII ने ₹407 करोड़ और DII ने ₹3,973 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए अगला लक्ष्य 24,380–24,540 , समर्थन 24,060 पर।
ब्रेंट क्रूड लगभग $92 प्रति बैरल पर स्थिर, भू-राजनीतिक जोखिम बरकरार।

बीएसई सेंसेक्स ने 20 अगस्त को 558.77 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की छलांग लगाई और 77,468.45 पर खुला — यह उछाल लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद आई राहत है। एनएसई निफ्टी 50 भी 147.15 अंक चढ़कर 24,225.45 पर खुला, जो इंट्रा-डे का उच्चतम स्तर रहा। इस तेज़ी का मुख्य कारण वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी और अमेरिकी बाज़ारों से मिले सकारात्मक संकेत रहे।

बाज़ार का मुख्य घटनाक्रम

खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 532.60 अंक (0.69 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 77,442.28 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 में 121.10 अंक (0.50 प्रतिशत) की बढ़त के साथ सूचकांक 24,199.40 पर था। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 77,494.79 का उच्चतम और 77,375.75 का निम्नतम स्तर छुआ।

व्यापक बाज़ारों में भी खरीदारी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.56 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.83 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सेक्टरवार प्रदर्शन

निफ्टी के लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे। निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी में सर्वाधिक बढ़त देखी गई। इसके अलावा मिडस्मॉल आईटी, टेलीकॉम और मेटल शेयरों में भी उल्लेखनीय खरीदारी रही।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

विश्लेषकों के अनुसार बाज़ार पिछले 12 कारोबारी सत्रों से दबाव में था और अब तकनीकी संकेतक अल्पकालिक सुधार की संभावना दर्शा रहे हैं। शॉर्ट कवरिंग और बेहतर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी ने 24,060 के अहम समर्थन स्तर से मज़बूत वापसी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निफ्टी 24,200–24,260 के दायरे के ऊपर टिकता है, तो सूचकांक 24,380 से 24,540 तक पहुँच सकता है। वहीं, 24,060 का स्तर टूटने पर गिरावट 23,575 तक जा सकती है।

निवेशक गतिविधि

अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार दूसरे सत्र में खरीदारी जारी रखी और बुधवार को ₹407 करोड़ की शुद्ध खरीद की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगातार सातवें सत्र में खरीदारी की और ₹3,973 करोड़ का निवेश किया।

वैश्विक संकेत और कच्चा तेल

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका दीर्घकालिक ट्रेज़री प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद पर विचार कर रहा है, जिससे उधारी लागत में कमी आ सकती है। इस संभावना ने वैश्विक बॉन्ड और इक्विटी बाज़ारों में सकारात्मक माहौल बनाया। एशियाई बाज़ारों में भी मज़बूती रही, जबकि एसएंडपी 500 बुधवार को 0.21 प्रतिशत और नैस्डैक 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं। ब्रेंट क्रूड लगभग $92 प्रति बैरल और अमेरिकी WTI $84.52 प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है, तो निकट अवधि में भारतीय बाज़ार में और सुधार संभव है — हालाँकि कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति निवेशकों की नज़र में बनी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि किसी ठोस घरेलू उत्प्रेरक पर। असली चालक अमेरिकी ट्रेज़री नीति की अटकलें हैं, जो किसी भी घड़ी पलट सकती हैं। DII की लगातार सातवें सत्र की खरीदारी घरेलू संस्थाओं का भरोसा दिखाती है, लेकिन FII की मात्र ₹407 करोड़ की खरीद यह संकेत देती है कि विदेशी निवेशक अभी भी सतर्क हैं। कच्चे तेल का $92 प्रति बैरल पर बने रहना और पश्चिम एशिया का तनाव दो ऐसे जोखिम हैं जिन्हें बाज़ार अभी पूरी तरह नहीं आँक रहा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी में इतनी तेज़ी क्यों आई?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और अमेरिका द्वारा दीर्घकालिक ट्रेज़री प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद पर विचार की खबर से वैश्विक इक्विटी बाज़ारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका सीधा असर भारतीय बाज़ार पर पड़ा। इसके अलावा FII और DII दोनों की खरीदारी ने भी तेज़ी को बल दिया।
निफ्टी के लिए अगला महत्वपूर्ण स्तर क्या है?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार यदि निफ्टी 24,200–24,260 के दायरे के ऊपर टिका रहता है तो अगला लक्ष्य 24,380 से 24,540 है। वहीं 24,060 का स्तर मज़बूत समर्थन है और इसके टूटने पर गिरावट 23,575 तक जा सकती है।
FII और DII ने 20 अगस्त को कितना निवेश किया?
अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को ₹407 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹3,973 करोड़ का निवेश किया — यह DII की लगातार सातवें सत्र की खरीदारी थी।
क्या कच्चे तेल की कीमतें भारतीय बाज़ार के लिए जोखिम हैं?
हाँ, ब्रेंट क्रूड लगभग $92 प्रति बैरल और WTI $84.52 प्रति बैरल पर बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति निवेशकों की निगाह में बनी रहेगी और यह बाज़ार की तेज़ी को सीमित कर सकती है।
किन सेक्टरों में सबसे ज़्यादा खरीदारी देखी गई?
निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी में सर्वाधिक बढ़त दर्ज की गई। मिडस्मॉल आईटी, टेलीकॉम और मेटल सेक्टर में भी उल्लेखनीय खरीदारी रही।
राष्ट्र प्रेस
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