रांची में भारी बारिश का अलर्ट: 26 सितंबर को KG से 12वीं तक सभी स्कूल बंद
सारांश
मुख्य बातें
राजधानी रांची में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनज़र जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने 26 सितंबर 2026 को जिले के सभी विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह आदेश सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक और निजी — सभी श्रेणियों के विद्यालयों पर लागू होगा और इसके तहत KG से कक्षा 12वीं तक की समस्त शैक्षणिक गतिविधियाँ स्थगित रहेंगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम विज्ञान केंद्र, झारखंड द्वारा 25 सितंबर को जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, रांची सहित मध्य झारखंड के कई ज़िलों में भारी बारिश की प्रबल संभावना है। बुलेटिन में रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, धनबाद और बोकारो को भी भारी वर्षा के दायरे में रखा गया है।
इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चलने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने बताया कि 26 सितंबर को भी उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है।
संभावित खतरे और प्रशासन की आशंकाएँ
मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण शहरी और निचले इलाकों में जलजमाव तथा यातायात बाधित होने की चेतावनी दी है। नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से निचले ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
कम दृश्यता के कारण सड़क हादसों का जोखिम भी बढ़ सकता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और जलजमाव वाले रास्तों, सब-वे तथा कमज़ोर पुल-पुलियों से दूर रहने की अपील की है।
आदेश का कानूनी आधार
उपायुक्त ने यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के अंतर्गत जारी किया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित स्कूलों और संस्थानों को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य
स्कूल बंद रहने के बावजूद सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और निर्धारित गैर-शैक्षणिक कार्य पूर्ण करने होंगे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि विद्यार्थियों की अनुपस्थिति में भी प्रशासनिक और संस्थागत कामकाज प्रभावित न हो।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में मानसून अपने अंतिम चरण में है, लेकिन मध्य और उत्तर-पश्चिमी झारखंड में वर्षा की तीव्रता अभी भी बनी हुई है। प्रशासन की अपील है कि नागरिक मौसम विभाग के अपडेट पर नज़र रखें और किसी भी आपात स्थिति में ज़िला आपदा प्रबंधन केंद्र से संपर्क करें।