26 सितंबर 2026
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झारखंड में 3 दिन की भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, रांची-जमशेदपुर में स्कूल बंद

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झारखंड में 3 दिन की भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, रांची-जमशेदपुर में स्कूल बंद

सारांश

झारखंड में लगातार तीन दिनों की भारी बारिश ने रांची और जमशेदपुर को बाढ़ की कगार पर ला दिया है। स्वर्णरेखा और खरकई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर हैं, निचले इलाकों में पानी घुसा, स्कूल बंद और राहत दल तैनात।

मुख्य बातें

झारखंड में लगातार तीन दिनों की मूसलाधार बारिश से रांची और जमशेदपुर में बाढ़ जैसे हालात।
स्वर्णरेखा और खरकई नदियाँ खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं।
जिला प्रशासन ने 26 सितंबर 2026 (शनिवार) को सभी सरकारी व निजी स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया।
मानगो, बागबेड़ा, शास्त्रीनगर के नदी किनारे व निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह।
राहत एवं बचाव दल तैनाती के लिए तैयार; पूरे प्रभावित जिलों में हाई अलर्ट जारी।
शनिवार को बारिश की तीव्रता में कुछ कमी, लेकिन नदियों का जलस्तर ऊँचा बना हुआ है।

झारखंड में लगातार तीन दिनों की मूसलाधार बारिश ने राजधानी रांची सहित जमशेदपुर और अन्य जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जलभराव के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है, और जिला प्रशासन ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को सभी सरकारी व निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश जारी किया है।

नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर

जमशेदपुर और उसके आसपास के इलाकों में स्थिति सर्वाधिक गंभीर बनी हुई है। शहर की प्रमुख नदियाँ स्वर्णरेखा और खरकई खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। कई क्षेत्रों में नदी का पानी आवासीय इलाकों में घुस चुका है, जिससे लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने पर मजबूर हैं।

प्रशासन का अलर्ट और निर्देश

मानगो, बागबेड़ा और शास्त्रीनगर समेत नदी किनारे व निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने को कहा गया है।

राहत एवं बचाव दल तैयार

संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखा गया है। प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाकर हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए है। पूरे प्रभावित जिलों में हाई अलर्ट जारी है।

यातायात और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर

लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मानसून का सीज़न अपने अंतिम चरण में होता है, लेकिन इस वर्ष झारखंड में सितंबर के अंत में भी भारी वर्षा जारी है।

स्थिति में आंशिक सुधार, खतरा बरकरार

शनिवार को बारिश की तीव्रता में कुछ कमी दर्ज की गई है, परंतु नदियों का जलस्तर ऊँचा बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ घंटों में स्थिति का आकलन कर आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे। फिलहाल नागरिकों को सतर्क रहने और प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करने की ताकीद की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों पुरानी नदी-तट अतिक्रमण और जल निकासी की उपेक्षा का परिणाम है। राहत दलों की तैनाती प्रतिक्रियात्मक है — ज़रूरत दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण योजना और नदियों के किनारे अनियंत्रित निर्माण पर रोक की है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में बाढ़ जैसे हालात क्यों बने हैं?
लगातार तीन दिनों की भारी बारिश के कारण रांची और जमशेदपुर में जलभराव हो गया है और स्वर्णरेखा व खरकई नदियाँ खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। निचले इलाकों में नदी का पानी घुसने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई है।
रांची और जमशेदपुर में स्कूल कब तक बंद रहेंगे?
जिला प्रशासन ने 26 सितंबर 2026 (शनिवार) को सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया है। आगे के निर्देश हालात के आकलन के बाद जारी किए जाएंगे।
कौन से इलाकों में सबसे ज़्यादा खतरा है?
जमशेदपुर के मानगो, बागबेड़ा और शास्त्रीनगर समेत नदी किनारे और निचले इलाकों में सर्वाधिक खतरा है। इन क्षेत्रों के निवासियों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए क्या इंतज़ाम किए हैं?
राहत एवं बचाव दलों को तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पूरे प्रभावित जिलों में हाई अलर्ट जारी है और लोगों से जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की अपील की गई है।
क्या बारिश की तीव्रता कम हुई है?
शनिवार को बारिश की तीव्रता में कुछ कमी दर्ज की गई है, लेकिन नदियों का जलस्तर अभी भी ऊँचा बना हुआ है और खतरा पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन अलर्ट मोड पर बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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