25 सितंबर 2026
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जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान के पार, जलाशयों से पानी छोड़े जाने पर बाढ़ का अलर्ट

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जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान के पार, जलाशयों से पानी छोड़े जाने पर बाढ़ का अलर्ट

सारांश

जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। चांडिल डैम के नौ फाटक, गंजिया बैराज के पाँचों फाटक और ओडिशा के दो बाँधों से भी पानी छोड़ा जा रहा है। मौसम विभाग का येलो अलर्ट और 28 सितंबर तक बारिश का पूर्वानुमान स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

मुख्य बातें

खरकई नदी का जलस्तर 25 सितंबर को 129.010 मीटर तक पहुँचा, खतरे का निशान 129.00 मीटर है।
चांडिल डैम का जलस्तर 181.00 मीटर ; 13 में से 9 रेडियल फाटक खोले गए।
गंजिया बैराज के सभी 5 फाटक खुले; 999.32 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
ओडिशा के बांकबल डैम से 144.42 क्यूमेक और खरकई डैम से 61.02 क्यूमेक पानी छोड़ा गया।
मौसम विभाग ने 64.5–115.5 मिमी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया; 26–28 सितंबर तक मौसम खराब रहने की संभावना।
बागबेड़ा, शास्त्रीनगर, सोनारी, मानगो, जुगसलाई सहित कई निचले इलाकों में पानी घुसना शुरू।

जमशेदपुर में 25 सितंबर 2026 को लगातार बारिश और कई जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ का खतरा गंभीर रूप ले चुका है। आदित्यपुर पुल के निकट खरकई नदी का जलस्तर 129.010 मीटर तक पहुँच गया, जो 129.00 मीटर के निर्धारित खतरे के निशान को पार कर गया है। इससे नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों में चिंता और भय का माहौल है।

मुख्य घटनाक्रम

खरकई नदी का पानी बागबेड़ा नया बस्ती, बड़ौदा घाट, कदमा के शास्त्रीनगर, सोनारी, रामनगर, मानगो, जुगसलाई तथा भुइयांडीह के कल्याण नगर और इंदिरा नगर के निचले हिस्सों तक पहुँच चुका है। कई स्थानों पर नालियों के रास्ते नदी का पानी पीछे आने से सड़कों और घरों के आसपास जलजमाव की स्थिति बन गई है।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले कुछ परिवार जरूरी सामान ऊँचे और सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने में जुट गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव क्षेत्र की नदियों और जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा का कारण बन रहा है।

जलाशयों से छोड़ा जा रहा पानी

लगातार बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर 181.00 मीटर तक पहुँच गया है। इसके 13 में से नौ रेडियल फाटक एक-एक मीटर खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। गंजिया बैराज का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया है और इसके सभी पाँच फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे 999.32 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।

ओडिशा के मयूरभंज स्थित बांकबल डैम से 144.42 क्यूमेक और खरकई डैम से 61.02 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों जलाशयों के दो-दो फाटक भी खोले गए हैं। झारखंड और ओडिशा के इन जलाशयों से एक साथ पानी छोड़े जाने के कारण जमशेदपुर के नदी तटीय इलाकों पर दबाव कई गुना बढ़ गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने जमशेदपुर में अगले 24 घंटों के दौरान 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 26 से 28 सितंबर के बीच भी गरज-चमक के साथ मौसम खराब रहने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है।

गौरतलब है कि यदि अगले कुछ दिनों में बारिश इसी तरह जारी रही तो खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के जलस्तर में और वृद्धि की प्रबल आशंका है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और सतर्कता

प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और दोनों नदियों के जलस्तर पर सतत नजर रखी जा रही है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

आम जनता पर असर और आगे की स्थिति

जलजमाव के चलते प्रभावित मोहल्लों में आवागमन बाधित हो गया है और घरों में पानी घुसने का खतरा बना हुआ है। अगले तीन दिनों तक मौसम के खराब बने रहने की आशंका को देखते हुए स्थानीय निवासियों को अनावश्यक रूप से नदियों के पास न जाने की हिदायत दी गई है। यदि बारिश और जलाशयों से पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी समाधान की रफ्तार धीमी रही है। असली सवाल यह है कि झारखंड और ओडिशा के जलाशयों से पानी छोड़ने का समन्वय समय पर क्यों नहीं होता, ताकि अचानक जलस्तर न बढ़े। येलो अलर्ट के बावजूद प्रभावित बस्तियों में निकासी योजना का स्पष्ट उल्लेख नहीं है — यह प्रशासनिक तैयारी पर गंभीर सवाल उठाता है। अगले 72 घंटे निर्णायक हैं।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खरकई नदी का खतरे का निशान कितना है और अभी जलस्तर कहाँ है?
खरकई नदी का खतरे का निशान आदित्यपुर पुल के पास 129.00 मीटर निर्धारित है। 25 सितंबर 2026 को नदी का जलस्तर 129.010 मीटर दर्ज किया गया, यानी खतरे के निशान से 0.010 मीटर ऊपर।
जमशेदपुर के कौन-कौन से इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं?
बागबेड़ा नया बस्ती, बड़ौदा घाट, कदमा का शास्त्रीनगर, सोनारी, रामनगर, मानगो, जुगसलाई तथा भुइयांडीह के कल्याण नगर और इंदिरा नगर के निचले हिस्सों में पानी पहुँच चुका है। इन इलाकों में नालियों के रास्ते नदी का पानी वापस आने से जलजमाव की स्थिति बनी है।
चांडिल डैम और गंजिया बैराज से कितना पानी छोड़ा जा रहा है?
चांडिल डैम का जलस्तर 181.00 मीटर है और 13 में से 9 रेडियल फाटक एक-एक मीटर खोले गए हैं। गंजिया बैराज के सभी 5 फाटक खुले हैं और वहाँ से 999.32 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
मौसम विभाग ने जमशेदपुर के लिए क्या अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 26 से 28 सितंबर 2026 तक भी गरज-चमक, 30–40 किमी/घंटे तेज हवाएँ और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
क्या जमशेदपुर में नदी किनारे रहने वालों को घर खाली करना होगा?
अभी तक आधिकारिक निकासी आदेश की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने और जरूरी सामान सुरक्षित ऊँचे स्थानों पर रखने की सलाह दी है। अगले 72 घंटों में बारिश जारी रहने पर जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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