झारखंड में भारी बारिश: जमशेदपुर-पलामू में बाढ़ का खतरा, मेदिनीनगर के 200 से अधिक घर जलमग्न
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में 14 अगस्त 2026 को लगातार कई दिनों की मूसलाधार बारिश के चलते राज्य की प्रमुख नदियाँ उफान पर हैं। जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि पलामू के मेदिनीनगर में कोयल नदी का पानी निचले मुहल्लों में घुस जाने से 200 से अधिक घर प्रभावित हो चुके हैं। रामगढ़ में दामोदर नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
जमशेदपुर में गालूडीह बैराज के 8 गेट, गांजिया बैराज के सभी 13 गेट और चांडिल डैम के 9 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी किया है। इसके बावजूद लगातार बारिश से जलस्तर में कमी नहीं आ रही।
पलामू में गुमला, लातेहार और लोहरदगा की ओर से आ रहे अतिरिक्त पानी के कारण कोयल नदी खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है। मेदिनीनगर के कांदू मोहल्ला, गिरवर स्कूल रोड, शिवाला घाट, मुस्लिम नगर, पहाड़ी मोहल्ला और गम्हाल रोड के कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया है।
बाढ़ से व्यापक नुकसान
शहर का कोयल रिवर फ्रंट पूरी तरह जलमग्न हो गया है। नदी पर चल रहे पुल निर्माण का काम प्रभावित हुआ है और निर्माण में इस्तेमाल कुछ मशीनें तेज बहाव में बह जाने की सूचना है। जलजमाव के कारण कई सड़कों पर आवागमन ठप हो गया है।
पलामू टाइगर रिजर्व के निकट केचकी संगम में भी बाढ़ का असर दिखा है — इको रिट्रीट और रेस्ट हाउस के डूब जाने के बाद पर्यटकों की बुकिंग रद्द करनी पड़ी है। इसके अलावा, रांची के चान्हो के सिलागाई में लगातार बारिश के कारण जमीन कमजोर होने से शहीद वीर बुधु भगत की प्रतिमा गिर गई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में गोताखोरों और सुरक्षा टीमों को तैनात कर दिया है। माइकिंग के ज़रिए लोगों को नदी, पुल-पुलिया और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है और ज़रूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि रांची, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी और बोकारो के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में लातेहार के बरवाडीह में 318 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि में राज्य में सर्वाधिक रही। आने वाले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न अपने चरम पर है और नदियों का जलस्तर पहले से ऊँचा बना हुआ है। यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा, तो जमशेदपुर और पलामू के और अधिक इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन की नज़र बैराज और डैम के जलस्तर पर बनी हुई है, और स्थिति के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान तेज़ किए जाने की संभावना है।