पॉलीमर नोट ट्रायल को केंद्र की मंजूरी: ₹10 और ₹20 के 2 अरब नोट जारी होंगे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को औपचारिक मंजूरी दे दी है — दोनों मूल्यवर्गों में एक-एक अरब (100 करोड़) यानी कुल 2 अरब नोट जारी करने का प्रस्ताव स्वीकार किया गया है। 11 अगस्त 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी संसद को दी।
प्रस्ताव कैसे आया सामने
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपने केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश के आधार पर RBI अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया था कि फील्ड ट्रायल में सफल परिणाम मिलने पर इन मूल्यवर्गों में पॉलीमर नोटों को नियमित रूप से जारी करने की योजना भी बनाई जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा, 'सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। RBI के अनुसार, इन पॉलीमर बैंक नोटों को मौजूदा कागज आधारित नोटों के साथ समानांतर रूप से जारी करने का प्रस्ताव है।'
पॉलीमर नोट क्यों हैं खास
पॉलीमर बैंक नोट विशेष प्रकार के प्लास्टिक-आधारित पदार्थ से निर्मित होते हैं। ये पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं और नमी, धूल तथा सामान्य घिसावट का बेहतर सामना करने में सक्षम हैं। इनकी आयु अधिक होने से बार-बार नोट छापने की आवश्यकता घटती है, जिससे मुद्रण लागत में कमी आ सकती है।
इसके अतिरिक्त, पॉलीमर नोटों में उन्नत सुरक्षा विशेषताएँ जोड़ना अपेक्षाकृत सरल होता है, जो नकली नोटों पर अंकुश लगाने में सहायक हो सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन सहित दुनिया के कई देश पहले से ही पॉलीमर मुद्रा का उपयोग कर रहे हैं।
खरीद प्रक्रिया और समयसीमा
वित्त मंत्री सीतारमण ने संसद को सूचित किया कि RBI ने सरकार को बताया है कि इन नोटों के लिए आवश्यक खरीद प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है। इसलिए फिलहाल यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि पॉलीमर नोट आम जनता के बीच कब तक पहुँचेंगे और इस परियोजना की कुल लागत क्या होगी।
इस महीने की शुरुआत में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पॉलीमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट जारी है। उन्होंने कहा था, 'पॉलीमर नोटों पर अभी परीक्षण चल रहा है। बाज़ार में लाने से पहले इन नोटों की पूरी तरह जाँच की जाएगी।'
RBI का लक्ष्य और आगे की राह
RBI गवर्नर मल्होत्रा के अनुसार, केंद्रीय बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक पॉलीमर नोटों को प्रचलन में लाना है। फील्ड ट्रायल के नतीजों का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ही व्यापक स्तर पर इनके प्रचलन को लेकर अंतिम निर्णय किया जाएगा। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो यह स्वतंत्र भारत की मुद्रा प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।