₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल: वित्त मंत्रालय ने आरबीआई के प्रस्ताव को दी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलिमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 28 जुलाई 2025 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से सदन के सामने रखी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मौजूदा कागजी नोटों को बंद करने की दिशा में नहीं है।
फील्ड ट्रायल की रूपरेखा
RBI फील्ड ट्रायल के अंतर्गत ₹10 और ₹20 के एक-एक अरब (1 बिलियन) पॉलिमर नोट बाज़ार में उतारेगा। इन नोटों को परीक्षण के आधार पर प्रचलन में लाया जाएगा ताकि भारतीय जलवायु, भौगोलिक परिस्थितियों और उपयोग-पैटर्न में इनके प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जा सके। ट्रायल के परिणाम संतोषजनक रहने पर ही इन्हें व्यापक पैमाने पर जारी करने पर विचार किया जाएगा।
पॉलिमर नोटों के फायदे
RBI के अनुसार, पॉलिमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में काफी अधिक टिकाऊ होते हैं और इनकी जीवन-अवधि भी लंबी होती है। कम मूल्यवर्ग के नोट — जैसे ₹10 और ₹20 — तेज़ी से खराब होते हैं, जिससे इन्हें बार-बार मुद्रित और नष्ट करना पड़ता है। पॉलिमर नोट इस चक्र को धीमा कर मुद्रण और प्रतिस्थापन की दीर्घकालिक लागत में कमी ला सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर केंद्रीय बैंक का मानना है कि अधिक नकदी-प्रचलन वाले देशों के लिए यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
उन्नत सुरक्षा विशेषताएँ
पॉलिमर नोटों में पारदर्शी 'सी-थ्रू' विंडो और विशेष सिक्योरिटी थ्रेड जैसे उन्नत सुरक्षा फीचर शामिल किए जा सकते हैं। RBI का मानना है कि ये विशेषताएँ जालसाज़ी रोकने में अहम भूमिका निभा सकती हैं, क्योंकि पॉलिमर सब्सट्रेट पर नकली नोट बनाना कागज़ की तुलना में कठिन होता है।
कागजी नोट बंद नहीं होंगे
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में अपने लिखित उत्तर में स्पष्ट किया कि कागज़-आधारित बैंक नोटों को पूर्णतः पॉलिमर नोटों से प्रतिस्थापित करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। पॉलिमर नोट मौजूदा कागजी नोटों के साथ-साथ चलन में रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में डिजिटल भुगतान तेज़ी से बढ़ रहा है, फिर भी नकद मुद्रा की माँग बनी हुई है।
डिजिटल भुगतान पर असर और आगे की राह
डिजिटल भुगतान पर पॉलिमर नोटों के संभावित प्रभाव को लेकर RBI ने कहा है कि अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी — इसका आकलन नोट नियमित चलन में आने के बाद ही संभव होगा। केंद्रीय बैंक का स्पष्ट मत है कि नकद मुद्रा और डिजिटल भुगतान दोनों परस्पर पूरक हैं और भविष्य में भी साथ-साथ चलते रहेंगे। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन समेत कई देश पहले से ही पॉलिमर नोट सफलतापूर्वक प्रचलित कर चुके हैं।