6 अगस्त 2026
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RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का ऐलान: ₹10-20 के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल जारी, 2027-28 तक बाज़ार में आने की उम्मीद

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RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का ऐलान: ₹10-20 के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल जारी, 2027-28 तक बाज़ार में आने की उम्मीद

सारांश

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पुष्टि की है कि ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल जारी है — 100-100 करोड़ नोट परीक्षण में हैं। नतीजे सकारात्मक रहे तो वित्त वर्ष 2027-28 तक ये नोट बाज़ार में आ सकते हैं, लेकिन कागज़ी नोट बंद नहीं होंगे।

मुख्य बातें

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल जारी है।
₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलिमर नोटों का पायलट — दोनों के 100-100 करोड़ नोट परीक्षण में शामिल।
केंद्र सरकार ने संसद को बताया कि उसने RBI के इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है।
केंद्रीय बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक इन नोटों को बाज़ार में उतारने का है।
पॉलिमर नोटों में पारदर्शी विंडो सहित उन्नत सुरक्षा फीचर होंगे; कागज़ी नोट समानांतर चलते रहेंगे।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि देश में पॉलिमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों का फील्ड ट्रायल फिलहाल जारी है और इसके नतीजों के आधार पर ही इन्हें बड़े पैमाने पर प्रचलन में लाने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक इन नोटों को बाज़ार में उतारने का है।

मौद्रिक नीति प्रेस वार्ता में क्या कहा गवर्नर ने

मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में RBI गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि पॉलिमर नोटों के पायलट प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न परिस्थितियों में इनके प्रदर्शन का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर जारी करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ये नोट भारतीय मौसम, उपयोग की प्रकृति और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ और प्रभावी साबित हों।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फील्ड ट्रायल के दौरान प्राप्त आँकड़ों और अनुभवों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा, उसके बाद ही पॉलिमर नोटों को व्यापक रूप से प्रचलन में लाने का फैसला होगा।

सरकार की मंज़ूरी और पायलट योजना का ब्यौरा

इससे पहले केंद्र सरकार संसद को बता चुकी है कि उसने RBI के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है जिसके तहत ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। इस पायलट परियोजना के अंतर्गत दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट जारी करने की योजना है, ताकि उनकी मज़बूती, टिकाऊपन और भारतीय परिस्थितियों में उपयोगिता का आकलन किया जा सके।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब छोटे मूल्यवर्ग के कागज़ी नोट — जो सबसे अधिक हाथ बदलते हैं — जल्दी खराब होने की समस्या से जूझते रहे हैं, जिससे बार-बार छपाई और प्रतिस्थापन की लागत बढ़ती है।

पॉलिमर नोटों के फायदे और सुरक्षा फीचर

RBI के अनुसार, पॉलिमर नोट पारंपरिक कागज़ी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं। विशेष रूप से ₹10 और ₹20 जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोट, जिनका उपयोग सबसे अधिक होता है, उनके लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इससे नोटों की छपाई और प्रतिस्थापन पर आने वाली लागत में भी कमी आने की संभावना है।

इन नोटों में पारदर्शी विंडो सहित कई आधुनिक सुरक्षा फीचर शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों की पहचान आसान होगी और जालसाजी पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

क्या कागज़ी नोट बंद होंगे?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागज़ी मुद्रा को पूरी तरह समाप्त करने की कोई योजना नहीं है। पॉलिमर नोट जारी होने के बाद भी वे मौजूदा कागज़ी नोटों के साथ समानांतर रूप से प्रचलन में बने रहेंगे।

आगे क्या होगा

RBI देश के विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु और उपयोग संबंधी परिस्थितियों में पॉलिमर नोटों के प्रदर्शन का आकलन करेगा। फील्ड ट्रायल और परिचालन समीक्षा पूरी होने के बाद ही वित्त वर्ष 2027-28 में व्यापक प्रचलन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यह भारत की मुद्रा प्रबंधन प्रणाली में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब जाकर फील्ड ट्रायल का चरण आया है। असली सवाल यह है कि क्या भारत की विविध जलवायु परिस्थितियाँ — उमस भरी गर्मी से लेकर मानसून की नमी तक — पॉलिमर नोटों की टिकाऊपन की उस कसौटी पर खरी उतरेंगी जो ऑस्ट्रेलिया या ब्रिटेन जैसे देशों में सफल रही है। 100-100 करोड़ नोटों का पायलट महत्त्वाकांक्षी है, लेकिन मूल्यांकन ढाँचे की पारदर्शिता — यानी किस आधार पर 'सफल' माना जाएगा — अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, जो जवाबदेही की दृष्टि से एक कमी है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में पॉलिमर नोट कब आएंगे?
RBI का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक पॉलिमर नोटों को बाज़ार में उतारने का है। हालाँकि यह फील्ड ट्रायल के नतीजों पर निर्भर करेगा — अंतिम निर्णय परिचालन समीक्षा पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल क्या है?
केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद RBI ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलिमर नोट पायलट के तौर पर जारी कर रहा है। इनका उद्देश्य भारतीय मौसम, उपयोग और परिचालन परिस्थितियों में इन नोटों की मज़बूती और टिकाऊपन परखना है।
पॉलिमर नोट कागज़ी नोटों से बेहतर कैसे हैं?
पॉलिमर नोट कागज़ी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं, जिससे बार-बार छपाई और प्रतिस्थापन की लागत कम होती है। इनमें पारदर्शी विंडो जैसे उन्नत सुरक्षा फीचर भी होंगे, जिससे नकली नोटों की पहचान आसान होगी।
क्या पॉलिमर नोट आने के बाद कागज़ी नोट बंद हो जाएंगे?
नहीं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागज़ी मुद्रा को पूरी तरह समाप्त करने की कोई योजना नहीं है। पॉलिमर नोट मौजूदा कागज़ी नोटों के साथ समानांतर रूप से प्रचलन में रहेंगे।
RBI पॉलिमर नोटों का ट्रायल किन परिस्थितियों में कर रहा है?
RBI देश के विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु और उपयोग संबंधी परिस्थितियों — जैसे उमस, गर्मी और भारी उपयोग — में इन नोटों के प्रदर्शन का आकलन कर रहा है। फील्ड ट्रायल के आँकड़ों का विस्तृत मूल्यांकन होगा, उसके बाद ही व्यापक प्रचलन का निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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