20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एके शर्मा का कड़ा संदेश: लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई का ‘संभव’ विकल्प

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एके शर्मा का कड़ा संदेश: लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई का ‘संभव’ विकल्प

सारांश

उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने ‘संभव’ प्रणाली के माध्यम से जनसुनवाई की। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शी शासन का प्रवर्धन हुआ। जानिए इस पहल के बारे में और क्या कदम उठाए गए।

मुख्य बातें

संभव प्रणाली से पारदर्शिता में वृद्धि हुई है।
जनहित में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
100 से अधिक शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया।
दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
मौसम के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

लखनऊ, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने ‘संभव’ ऑनलाइन शिकायत निस्तारण प्रणाली के माध्यम से जनसुनवाई आयोजित कर पारदर्शिता और जवाबदेही के शासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। मऊ में इस जनसुनवाई के दौरान 100 से अधिक शिकायतों का त्वरित निस्तारण करते हुए मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि जनहित में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मऊ के बहुउद्देशीय भवन ‘मंगलम’ में “संभव” प्रणाली के तहत प्रदेशभर की ऑनलाइन जनसुनवाई की। इस अवसर पर विभिन्न जनपदों से 100 से अधिक उपभोक्ताओं और शिकायतकर्ताओं ने सीधे मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं, जिनका त्वरित निस्तारण मौके पर ही किया गया। “संभव” प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायतकर्ता और अधिकारी सीधे जुड़ते हैं, जिससे पारदर्शिता में वृद्धि होती है और समस्याओं के समाधान में देरी समाप्त होती है।

मंत्री ने कहा कि यह प्रणाली जनहित में एक प्रभावी और भरोसेमंद मंच बन चुकी है। जनसुनवाई के दौरान मंत्री ने लापरवाही के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उदाहरण के लिए, बाराबंकी में गलत एस्टीमेट के मामले में लाइनमैन को हटाने, जेई को निलंबित करने और अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा, आजमगढ़, बरेली और आगरा सहित विभिन्न जिलों में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महाराजगंज में एस्टीमेट मिलने के बावजूद कनेक्शन न देने पर संबंधित अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया गया। बरेली और मेरठ के मामलों में भी यह स्पष्ट किया गया कि उपभोक्ताओं को समय पर सेवाएं प्रदान करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वाराणसी के एक मामले में विधिक राय लेकर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि उन्नाव में स्मार्ट मीटर से जुड़ी बिलिंग समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया।

ऊर्जा मंत्री ने झांसी, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर और मथुरा की विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लिए अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति को सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

जनसुनवाई के अंत में मंत्री ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, शाम के समय अनावश्यक कटौती को पूरी तरह से बंद करने और स्मार्ट मीटर से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस दौरान बड़ी संख्या में शिकायतकर्ताओं ने “संभव” पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में प्रभावी और पारदर्शी मंच बताया।

-- राष्ट्र प्रेस

विकेटी/एमएस

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दर्शाता है कि सरकार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या है ‘संभव’ प्रणाली?
‘संभव’ एक ऑनलाइन शिकायत निस्तारण प्रणाली है, जो जनसुनवाई के लिए स्थापित की गई है।
लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
मंत्री ने कई मामलों में अधिकारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस प्रणाली के लाभ क्या हैं?
यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाती है और समस्याओं के समाधान में देरी को समाप्त करती है।
जनसुनवाई कब आयोजित की गई?
यह जनसुनवाई 14 अप्रैल को मऊ में आयोजित की गई थी।
क्या शिकायतकर्ता सीधे मंत्री से बात कर सकते हैं?
हाँ, इस प्रणाली के माध्यम से शिकायतकर्ता सीधे मंत्री और अधिकारियों से बात कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले