टेबल टेनिस: गति, धैर्य और संतुलन का अद्भुत समन्वय - पुष्कर सिंह धामी
सारांश
Key Takeaways
- टेबल टेनिस में गति, धैर्य और संतुलन की आवश्यकता होती है।
- प्रतिभागियों को आत्मविश्वास के साथ खेलना चाहिए।
- राज्य में खेलों का स्तर ऊँचा हो रहा है।
- मुख्यमंत्री ने खेलों को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया।
- राज्य की खेल उपलब्धियाँ प्रेरणादायक हैं।
देहरादून, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून में उत्तराखण्ड टेबल टेनिस एसोसिएशन द्वारा आयोजित 87वां इंटर-स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैम्पियनशिप-2025 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में पूर्ण आत्मविश्वास, उत्साह और खेल भावना के साथ भाग लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "यह एक अद्भुत अवसर है अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और एक नई पहचान स्थापित करने का। टेबल टेनिस एक ऐसा खेल है जिसमें केवल गति ही नहीं, बल्कि संतुलन की भी आवश्यकता होती है। इस संतुलन को तकनीक, प्रौद्योगिकी, धैर्य, कौशल और मज़बूत मानसिक शक्ति के साथ बनाए रखना आवश्यक है।"
उन्होंने कहा कि यह नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है। मैं सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मैं टेबल टेनिस संघ का भी आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हमारे राज्य को इस आयोजन की मेज़बानी का अवसर प्रदान किया है और हमारा राज्य अब खेलों की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप देख सकते हैं कि जहां राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हुआ, वहां का अनुभव देश भर के खिलाड़ियों ने साझा किया। अब जो आइस रिंग बनी है, उसमें राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। टिहरी की हमारी झील में पूरे वर्ष भर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं होती हैं। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की। हमारे खिलाड़ियों का मनोबल नवोदित खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है और देवभूमि अब खेलों के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज लोग प्रधानमंत्री की नीतियों पर विश्वास कर रहे हैं। पूरे देश में जहां पहले कभी भाजपा या एनडीए की सरकारें नहीं होती थीं, लोग वहां भी समर्थन दे रहे हैं। जो लोग काम नहीं कर रहे हैं, उनकी जमीन धीरे-धीरे खिसक रही है, वे इस प्रकार के आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद, नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में तमिल काशी संगमम का आयोजन कराया, जिसमें बड़ी संख्या में तमिलनाडु के लोग शामिल हुए और बनारस के लोगों के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।