आर. वैशाली ने फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में ऐतिहासिक जीत हासिल की, जू वेनजुन से होगा सामना
सारांश
Key Takeaways
- आर. वैशाली ने फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीता।
- फाइनल में उन्होंने कातेरिना लाग्नो को हराया।
- इस जीत से उन्हें विश्व चैम्पियनशिप में जू वेनजुन से मुकाबला करने का मौका मिलेगा।
- उनकी रणनीति और शांत खेल ने उन्हें सफल बनाया।
- यह जीत युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।
साइप्रस, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रमुख शतरंज खिलाड़ी आर. वैशाली ने बुधवार को फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर एक नई उपलब्धि हासिल की है। इस जीत के साथ उन्हें इस वर्ष होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में मौजूदा चैंपियन जू वेनजुन से मुकाबला करने का अवसर मिलेगा।
24 वर्षीय वैशाली ने फाइनल राउंड में यूक्रेन की कातेरिना लाग्नो को सफेद मोहरों से पराजित कर 14 में से 8.5 अंक प्राप्त किए और खिताब अपने नाम किया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में संयमित और प्रभावशाली खेल का प्रदर्शन किया और अपने प्रतिद्वंद्वियों से आधा अंक आगे रहकर जीत दर्ज की।
यह जीत विशेष है क्योंकि वैशाली ने टूर्नामेंट की शुरुआत कम रेटिंग वाले खिलाड़ियों में से एक के रूप में की थी, लेकिन अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने सभी को पीछे छोड़ दिया।
उनका यह सफर भारत के युवा ग्रैंडमास्टर डी गुकेश के 2024 के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने के अभियान की याद दिलाता है, जब उन्होंने भी सभी उम्मीदों को धता बताते हुए खिताब जीता था।
वैशाली ने अपने निर्णायक मुकाबले में अद्वितीय रणनीति का उपयोग किया। शुरुआती चालों से ही उन्होंने बढ़त बनाई, जिसे उन्होंने पूरे मैच के दौरान बनाए रखा। मध्य खेल में सटीक चालें चलते हुए उन्होंने अपने प्यादे की बढ़त को जीत में बदल दिया।
हालांकि, खिताब जीतने के लिए उन्हें अन्य मुकाबलों के परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ा। भारत की खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने कजाखस्तान की बिबिसारा अस्सौबायेवा के खिलाफ ड्रॉ खेला, जिससे वैशाली की जीत सुनिश्चित हो गई।
वैशाली की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक समय वह इस टूर्नामेंट में भाग लेने में संदेह में थीं। पिछले साल चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स में खराब प्रदर्शन (सिर्फ 1.5 अंक) के बाद उन्होंने ग्रैंड स्विस में भाग न लेने का विचार किया था।
इसके बावजूद, उन्होंने बड़े मंच पर शानदार वापसी की और खिताब अपने नाम किया। अब उनकी नजरें विश्व चैम्पियनशिप पर टिकी हैं।