पंजाबी बाग पुलिस ने बिजली चोरी के 4 घोषित अपराधियों को दबोचा, तीस हजारी कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा

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पंजाबी बाग पुलिस ने बिजली चोरी के 4 घोषित अपराधियों को दबोचा, तीस हजारी कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा

सारांश

दिल्ली पुलिस की पंजाबी बाग टीम ने मादीपुर में एक ही छापे में बिजली चोरी के चार घोषित अपराधियों को पकड़ा — जो अदालत की नज़र से लंबे समय से बच रहे थे। तीस हजारी कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने की कोशिश में है।

Key Takeaways

पंजाबी बाग पुलिस ने 1 मई 2026 को मादीपुर में छापेमारी कर बिजली चोरी के 4 घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी: कोमल उर्फ कमलेश (30) , वंदना (33) , विनोद (40) और मनोज (43) । सभी पर बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) से संबंधित बिजली चोरी के मामले दर्ज थे। बिजली अदालत, तीस हजारी कोर्ट ने सभी चारों को न्यायिक हिरासत में भेजा। टीम का नेतृत्व SI मुकेश यादव ने किया; ACP जय प्रकाश और SHO संजय दहिया की निगरानी में अभियान चला।

दिल्ली पुलिस की पंजाबी बाग टीम ने 1 मई 2026 को मादीपुर इलाके में छापेमारी कर बिजली चोरी के मामलों में फरार चल रहे चार घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया। बिजली अदालत, तीस हजारी कोर्ट द्वारा पहले से 'घोषित अपराधी' करार दिए जा चुके ये आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे। गिरफ्तारी के बाद सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

कैसे हुई गिरफ्तारी

पंजाबी बाग पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुलिस उप-निरीक्षक मुकेश यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जो एसीपी जय प्रकाश और एसएचओ संजय दहिया की निगरानी में काम कर रही थी। 1 मई को गुप्त सूत्र से सूचना मिली कि आरोपी मादीपुर इलाके में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल छापेमारी की और चारों अपराधियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कोमल उर्फ कमलेश (30 वर्ष), वंदना (33 वर्ष), विनोद (40 वर्ष) और मनोज (43 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी बिजली अधिनियम के विभिन्न मामलों में आरोपी थे और बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) से संबंधित बिजली चोरी के कई मुकदमों में नामजद थे। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में बिजली चोरी के मामलों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

कानूनी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया

गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को बिजली अदालत, तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब इन अपराधियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि बिजली चोरी के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके। गौरतलब है कि 'घोषित अपराधी' का दर्जा तब दिया जाता है जब अदालत के बार-बार बुलाने पर भी आरोपी पेश नहीं होता।

पंजाबी बाग पुलिस का विशेष अभियान

पंजाबी बाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भगोड़ों और घोषित अपराधियों पर लगातार नज़र रखी जा रही है और उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए विशेष अभियान जारी रहेंगे। पुलिस का मानना है कि इस सफल कार्रवाई से इलाके में बिजली चोरी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। आगे और भी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Point of View

लेकिन दिल्ली जैसे महानगर में यह वितरण कंपनियों को सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाता है और ईमानदार उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाता है। घोषित अपराधियों की यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि अदालती प्रक्रिया से बचना आसान नहीं है, लेकिन असली सवाल यह है कि ये आरोपी इतने लंबे समय तक फरार कैसे रहे। बिजली चोरी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि BRPL जैसी वितरण कंपनियों के साथ तकनीकी निगरानी तंत्र को मज़बूत करना भी ज़रूरी है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

पंजाबी बाग पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पंजाबी बाग पुलिस ने कोमल उर्फ कमलेश (30 वर्ष), वंदना (33 वर्ष), विनोद (40 वर्ष) और मनोज (43 वर्ष) को गिरफ्तार किया। ये सभी बिजली अधिनियम के मामलों में बिजली अदालत, तीस हजारी कोर्ट द्वारा 'घोषित अपराधी' करार दिए जा चुके थे।
घोषित अपराधी किसे कहते हैं?
जब कोई आरोपी अदालत के बार-बार समन जारी करने के बावजूद पेश नहीं होता, तो अदालत उसे 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) घोषित कर देती है। ऐसे व्यक्ति की संपत्ति कुर्क की जा सकती है और पुलिस को उसे कहीं से भी गिरफ्तार करने का अधिकार होता है।
इन आरोपियों पर कौन-से मामले दर्ज थे?
पुलिस के अनुसार इन पर बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) से संबंधित बिजली चोरी के कई मामले दर्ज थे। ये मामले बिजली अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए थे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को कहाँ भेजा गया?
गिरफ्तारी के बाद सभी चार आरोपियों को बिजली अदालत, तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पंजाबी बाग पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी?
पुलिस ने बताया है कि भगोड़ों और घोषित अपराधियों पर लगातार नज़र रखी जा रही है और विशेष अभियान जारी रहेंगे। इन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर बिजली चोरी के व्यापक नेटवर्क का भंडाफोड़ करने की कोशिश की जाएगी।
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