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जनगणना 2027: दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले में पुलिस-प्रशासन ने पीजीडीएवी कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाया

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जनगणना 2027: दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले में पुलिस-प्रशासन ने पीजीडीएवी कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाया

सारांश

भारत की जनगणना 2027 पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी — 16 भाषाओं में मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के ज़रिए। दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर जागरूकता अभियान शुरू किया है, जो 2011 के बाद की पहली जनगणना को सटीक और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस और जिला प्रशासन ने नेहरू नगर, दिल्ली के पीजीडीएवी कॉलेज में जनगणना 2027 पर संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व डीसीपी डॉ.
हेमंत तिवारी (आईपीएस) ने किया; अध्यक्षता डीएम श्रवण बागड़िया ने की।
जनगणना 2027 पूर्णतः डिजिटल होगी — 16 भाषाओं में मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के ज़रिए स्व-गणना की सुविधा।
नागरिकों को ओटीपी आधारित लॉगिन से पंजीकरण कर विशिष्ट स्व-गणना आईडी प्राप्त करनी होगी।
साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहने और अज्ञात व्यक्तियों से ओटीपी साझा न करने की विशेष अपील की गई।

दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले में भारत की जनगणना - 2027 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस और जिला प्रशासन ने 3 मई 2025 को नेहरू नगर स्थित पीजीडीएवी कॉलेज में एक संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी (आईपीएस) ने किया, जबकि अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट (दक्षिण-पूर्वी) श्रवण बागड़िया ने की। कार्यक्रम में एडीएम, एसडीएम, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दक्षिण-पूर्वी जिले के सभी एसएचओ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

यह आयोजन भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 के लिए शुरू की गई स्व-गणना सुविधा के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। गौरतलब है कि भारत की पिछली जनगणना 2011 में हुई थी और 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित हो गई थी, जिससे यह 2027 की जनगणना नीति-निर्माण और संसाधन आवंटन के लिहाज़ से विशेष महत्व रखती है।

तकनीकी रूप से उन्नत जनगणना प्रक्रिया

जनगणना विभाग के अधिकारियों ने सत्र में विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि जनगणना 2027 पूर्णतः डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्लिकेशन, निगरानी प्रणाली और ऑनलाइन स्व-गणना सुविधाओं के माध्यम से संचालित की जाएगी। नागरिक आधिकारिक जनगणना वेब पोर्टल और 16 भाषाओं में उपलब्ध मोबाइल ऐप के ज़रिए अपने घर का विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना प्रक्रिया में ओटीपी आधारित लॉगिन, आवासीय विवरण का चयन, घर और परिवार का विवरण भरना तथा विशिष्ट स्व-गणना आईडी प्राप्त करना शामिल है।

जनगणना में दिल्ली पुलिस की भूमिका

कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस की जनगणना क्षेत्र संचालन में भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। पुलिस और जनगणना अधिकारियों के बीच समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और क्षेत्र कर्मचारियों को सुरक्षा सहायता देने के विषय में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से महिला क्षेत्र कर्मचारियों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया।

अधिकारियों के संबोधन और साइबर सुरक्षा की अपील

डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी ने सभा को संबोधित करते हुए जनगणना 2027 में सक्रिय जन-भागीदारी के महत्व पर ज़ोर दिया और सभी निवासियों से स्व-गणना प्रक्रिया को जिम्मेदारीपूर्वक और सटीक रूप से पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रभावी नीति-निर्माण, विकास योजना और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विश्वसनीय जनगणना डेटा अनिवार्य है। डीएम श्रवण बागड़िया ने जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और सभी हितधारकों से पूर्ण सहयोग का आग्रह किया। नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहने और स्व-गणना के दौरान अज्ञात व्यक्तियों के साथ ओटीपी या व्यक्तिगत विवरण साझा न करने की सलाह भी दी गई।

आगे की राह

कार्यक्रम का समापन जिला प्रशासन और दिल्ली पुलिस की दक्षिण-पूर्वी जिले में जनगणना 2027 के प्रभावी जागरूकता अभियान और सुचारू संचालन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ। यह पहल देशभर में चल रहे जनगणना-पूर्व समन्वय प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और आने वाले महीनों में इसी तरह के कार्यक्रम अन्य जिलों में भी आयोजित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संसाधन आवंटन और चुनाव क्षेत्र परिसीमन पर गहरा असर डाल चुका है। दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले जैसे शहरी केंद्रों में पुलिस-प्रशासन का यह समन्वय सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा घनी बस्तियों, अनधिकृत कॉलोनियों और प्रवासी आबादी तक डिजिटल पहुँच सुनिश्चित करने में होगी। स्व-गणना की सुविधा तकनीक-सक्षम नागरिकों के लिए तो उपयोगी है, पर जिन इलाकों में स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुँच सीमित है, वहाँ ज़मीनी तैयारी पर अधिक ध्यान देने की ज़रूरत है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की जनगणना 2027 क्या है और यह कब होगी?
भारत की जनगणना 2027 देश की अगली राष्ट्रीय जनगणना है, जो 2011 के बाद पहली बार आयोजित होगी क्योंकि 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित हो गई थी। यह जनगणना डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी।
जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया कैसे काम करती है?
नागरिक आधिकारिक जनगणना वेब पोर्टल या 16 भाषाओं में उपलब्ध मोबाइल ऐप के ज़रिए ओटीपी आधारित लॉगिन से पंजीकरण कर सकते हैं। घर और परिवार का विवरण भरने के बाद एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी मिलती है, जो जनगणना कर्मियों के आने पर दिखानी होती है।
दिल्ली पुलिस जनगणना 2027 में क्या भूमिका निभाएगी?
दिल्ली पुलिस जनगणना क्षेत्र संचालन के दौरान सुरक्षित और सहायक वातावरण सुनिश्चित करेगी। इसमें संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और विशेष रूप से महिला क्षेत्र कर्मचारियों की सुरक्षा शामिल है।
जनगणना 2027 के दौरान साइबर धोखाधड़ी से कैसे बचें?
अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्व-गणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी या व्यक्तिगत विवरण साझा न करें। केवल आधिकारिक जनगणना पोर्टल और सरकारी ऐप का ही उपयोग करें।
जनगणना के आँकड़े क्यों महत्वपूर्ण हैं?
जनगणना के आँकड़े शासन, कल्याणकारी योजनाओं, शहरी नियोजन, अवसंरचना विकास और सार्वजनिक प्रशासन के लिए आधार का काम करते हैं। विश्वसनीय जनगणना डेटा के बिना सरकारी संसाधनों का सटीक आवंटन और नीति-निर्माण संभव नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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