2 अगस्त 2026
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अहमदाबाद पुलिस ने चीखलीघर गिरोह के दो सदस्य दबोचे, ₹20.30 लाख की चोरी की संपत्ति बरामद

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अहमदाबाद पुलिस ने चीखलीघर गिरोह के दो सदस्य दबोचे, ₹20.30 लाख की चोरी की संपत्ति बरामद

सारांश

अहमदाबाद पुलिस ने सिर्फ दो दिन में 600 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर कुख्यात चीखलीघर गिरोह के दो सदस्यों को दबोचा। ₹20.30 लाख की चोरी की संपत्ति बरामद हुई और 8 पुराने अनसुलझे मामले एक साथ सुलझ गए।

मुख्य बातें

अहमदाबाद पुलिस ने 2 अगस्त को चीखलीघर गिरोह के दो कथित सदस्यों — अजयसिंह उर्फ इल्लो सरदार और अर्जुन बंजारा — को गिरफ्तार किया।
600 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और त्रिनेत्र गांधीनगर की सहायता से जांच पूरी की गई।
₹20.30 लाख की संपत्ति बरामद — जिसमें 18 तोला सोना (₹18 लाख), ₹2 लाख नकद और एक चोरी की मोटरसाइकिल शामिल।
इन गिरफ्तारियों से 3 अलग-अलग पुलिस स्टेशनों के 8 पुराने अनसुलझे मामले सुलझे।
तीसरा आरोपी शेरसिंह उर्फ शेरू सरदार अभी भी फरार है; आगे की जांच जारी।

अहमदाबाद पुलिस ने 2 अगस्त 2026 को मात्र दो दिन की जांच में 8 पुराने अनसुलझे चोरी और वाहन चोरी के मामले सुलझा लिए। 600 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद कुख्यात चीखलीघर गिरोह के दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और ₹20.30 लाख की चोरी की संपत्ति जब्त की गई।

मामले की शुरुआत

यह जांच 29 जुलाई को रामोल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए), 331(4) और 54 के तहत चोरी का मामला दर्ज होने के बाद शुरू हुई। अहमदाबाद शहर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल विशेष टीमें गठित की गईं।

पुलिस इंस्पेक्टर वीडी मोरी और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक एमआर चौधरी की देखरेख में रामोल पुलिस निगरानी दल, जोन-8 स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) और वटवा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन की निगरानी टीम ने घटनास्थल और भागने के संभावित रास्तों से सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।

तकनीकी जांच और गिरफ्तारी

जांचकर्ताओं ने 600 से अधिक कैमरा रिकॉर्डिंग की समीक्षा के साथ-साथ तकनीकी सूत्रों, मानव स्रोतों और त्रिनेत्र गांधीनगर की सहायता ली। विशिष्ट सुराग मिलते ही एक टीम आनंद जिले रवाना हुई, जहाँ से खंभात तालुका के नवी नगरी निवासी 31 वर्षीय अजयसिंह उर्फ इल्लो सरदार को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में अजयसिंह ने स्वीकार किया कि उसने खेड़ा जिले के नाडियाद तालुका निवासी 29 वर्षीय अर्जुन बंजारा और खंभात निवासी शेरसिंह उर्फ शेरू सरदार के साथ मिलकर रामोल में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस ने अर्जुन बंजारा को सूरत से गिरफ्तार कर लिया, जबकि शेरसिंह अभी भी फरार है।

बरामद संपत्ति का विवरण

पुलिस ने जो संपत्ति जब्त की उसमें 18 तोला सोना (अनुमानित मूल्य ₹18 लाख), ₹2 लाख नकद, ₹30,000 मूल्य की एक चोरी की मोटरसाइकिल और एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) शामिल हैं। कुल बरामद संपत्ति का मूल्य ₹20.30 लाख आंका गया है।

आठ मामले सुलझे, आरोपियों का आपराधिक इतिहास

रामोल पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तारियों से 8 पुराने अनसुलझे मामले सुलझे — जिनमें रामोल पुलिस स्टेशन के 3, वटवा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन के 3 और अमराईवाड़ी पुलिस स्टेशन के 2 मामले शामिल हैं। ये सभी मामले बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत सेंधमारी, चोरी और संबंधित अपराधों से जुड़े हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजयसिंह उर्फ इल्लो सरदार पर आनंद, खेड़ा, सुरेंद्रनगर और महिसागर जिलों में चोरी, डकैती और जुए समेत 9 पुराने मामले दर्ज हैं। अर्जुन बंजारा पर भावनगर, जामनगर, राजकोट और अमरेली सहित कई जिलों में 14 पुराने मामले हैं, जबकि फरार शेरसिंह उर्फ शेरू कलुसिंग सरदार 3 पुराने मामलों में वांछित है। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि आरोपियों पर पहले से गुजरात के कई जिलों में दर्जनों मामले दर्ज थे — फिर भी वे सक्रिय रहे। यह सवाल उठता है कि अंतर-जिला समन्वय और पूर्व-अपराधियों की निगरानी तंत्र कितना प्रभावी है। तीसरे आरोपी का अभी फरार होना इस सफलता पर एक अधूरा पहलू छोड़ता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीखलीघर गिरोह क्या है और इसे क्यों पकड़ा गया?
चीखलीघर गिरोह अहमदाबाद और गुजरात के अन्य जिलों में घरों में सेंधमारी और वाहन चोरी में संलिप्त एक कुख्यात आपराधिक गिरोह है। 29 जुलाई को रामोल में दर्ज चोरी के मामले के बाद पुलिस ने इसके दो सदस्यों को गिरफ्तार किया।
अहमदाबाद पुलिस ने इतनी जल्दी आरोपियों को कैसे पकड़ा?
पुलिस ने 600 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, तकनीकी सूत्रों, मानव स्रोतों और त्रिनेत्र गांधीनगर की सहायता से मात्र दो दिन में आरोपियों की पहचान की। रामोल, जोन-8 एलसीबी और वटवा जीआईडीसी की संयुक्त टीम ने यह जांच पूरी की।
इस मामले में कितनी और क्या संपत्ति बरामद हुई?
पुलिस ने कुल ₹20.30 लाख की संपत्ति बरामद की — जिसमें 18 तोला सोना (₹18 लाख), ₹2 लाख नकद, ₹30,000 की एक चोरी की मोटरसाइकिल और एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) शामिल हैं।
इन गिरफ्तारियों से कितने और कौन-से मामले सुलझे?
इन दो गिरफ्तारियों से 8 पुराने अनसुलझे मामले सुलझे — रामोल पुलिस स्टेशन के 3, वटवा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन के 3 और अमराईवाड़ी पुलिस स्टेशन के 2 मामले। सभी मामले बीएनएस की धाराओं के तहत सेंधमारी और चोरी से जुड़े हैं।
तीसरा आरोपी शेरसिंह अभी कहाँ है और क्या आगे और गिरफ्तारियाँ होंगी?
शेरसिंह उर्फ शेरू कलुसिंग सरदार अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार आगे की जांच जारी है और और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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