क्या दिल्ली पुलिस ने एटीएम धोखाधड़ी में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने एटीएम धोखाधड़ी में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी के दौरान देसी पिस्तौल और अन्य उपकरण बरामद किए गए।
- पुलिस ने गश्त और निगरानी को बढ़ाया।
- आरोपियों ने ग्राहकों को धोखा देने के लिए जैमिंग क्लिप का इस्तेमाल किया।
- पुलिस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा का भाव बढ़ा।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को दक्षिण-पश्चिम जिले में एटीएम धोखाधड़ी में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपराध पर नियंत्रण और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए गहन गश्त और निगरानी के तहत किशनगढ़ पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में ये गिरफ्तारियां की गईं।
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलमान पुत्र कबीर और सलमान पुत्र उस्मान के रूप में की गई है। पुलिस ने इस दौरान एक देसी पिस्तौल (देसी कट्टा), दो जिंदा कारतूस, 12,700 रुपए नकद, चार एटीएम जैमिंग उपकरण और एटीएम शटर तोड़ने या खोलने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक स्क्रूड्राइवर बरामद किया है।
पुलिस ने बताया कि किशनगढ़ पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों और अवैध गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के तहत पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त को बढ़ा दिया गया था।
1 जनवरी को नियमित गश्त के दौरान, हेड कांस्टेबल सुभाष और हेड कांस्टेबल हितेंद्र ने किशनगढ़ पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति को घूमते हुए देखा। पुलिस टीम को देखते ही उस व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, लेकिन थोड़ी देर पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया गया। इस दौरान पुलिस ने सलमान पुत्र कबीर के पास से एक देसी पिस्तौल बरामद की।
इसकी सूचना तुरंत किशनगढ़ पुलिस स्टेशन के ड्यूटी ऑफिसर को दी गई, जिसके बाद सब-इंस्पेक्टर कमल चौधरी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। किशनगढ़ पुलिस स्टेशन में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया और आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान, आरोपी ने एटीएम धोखाधड़ी गतिविधियों में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया और अपने सहयोगी सलमान का नाम बताया, जिसने कथित तौर पर उसे अवैध हथियार मुहैया कराया था। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सह-आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसके पास से दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
आगे की पूछताछ में पता चला कि आरोपी एटीएम मशीनों के कैश-डिस्पेंसिंग शटर में छोटे धातु के जैमिंग क्लिप लगाकर एटीएम फ्रॉड करता था। जब भोले-भाले ग्राहक पैसे निकालने की कोशिश करते थे, तो उनके खातों से रकम कट जाती थी, लेकिन जैमिंग डिवाइस के कारण नकदी नहीं निकलती थी।
ग्राहक इसे तकनीकी खराबी समझकर और बैंक से पैसे वापस मिलने की उम्मीद में एटीएम से चले जाते थे। आरोपी तब मशीन में फंसी नकदी को निकालने के लिए लगे क्लिप को हटाकर उसे चुरा लेते थे।