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दिल्ली पुलिस ने पूर्वी विनोद नगर में 20 वर्षीय युवक को सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल समेत दबोचा

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दिल्ली पुलिस ने पूर्वी विनोद नगर में 20 वर्षीय युवक को सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल समेत दबोचा

सारांश

दिल्ली पुलिस की एएटीएस ने खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए पूर्वी विनोद नगर में 20 वर्षीय लक्ष्य चावला को सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा। आरोपी ने कथित तौर पर निजी दुश्मनी का बदला लेने के लिए हथियार खरीदा था।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस एएटीएस ने 28 जून 2026 को पूर्वी विनोद नगर में 20 वर्षीय लक्ष्य चावला उर्फ लकी को गिरफ्तार किया।
आरोपी के पास से एक सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पांडव नगर पुलिस स्टेशन में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज।
आरोपी ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि हथियार निजी दुश्मनी का बदला लेने के लिए खरीदा था।
हथियार के स्रोत और आपराधिक संबंधों की जाँच जारी है।

दिल्ली पुलिस के पूर्वी जिले की ऑटो चोरी रोधी दस्ते (एएटीएस) ने 28 जून 2026 को पूर्वी विनोद नगर में एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, जिसके पास से एक सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया जानकारी पर आधारित थी और इससे एक संभावित हिंसक अपराध को समय रहते नाकाम किया जा सका।

कैसे हुई गिरफ्तारी

पूर्वी जिला पुलिस को 28 जून को विशिष्ट खुफिया सूचना मिली कि पूर्वी विनोद नगर इलाके में एक व्यक्ति अवैध हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना मिलते ही एएटीएस की एक टीम ने डीटीसी बस डिपो के निकट घेराबंदी की और संदिग्ध को काबू में कर लिया। तलाशी में उसके पास से एक सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।

आरोपी की पहचान और खुलासा

गिरफ्तार युवक की पहचान लक्ष्य चावला उर्फ लकी के रूप में हुई, जो पूर्वी विनोद नगर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह हथियार निजी दुश्मनी का बदला लेने और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए हासिल किया था। हथियार के स्रोत और आरोपी के किसी संभावित आपराधिक गिरोह से संबंध की जाँच अभी जारी है।

कानूनी कार्रवाई

पांडव नगर पुलिस स्टेशन में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था या नहीं।

अभियान का नेतृत्व

यह ऑपरेशन एसीपी (ऑपरेशन) पवन कुमार के समग्र पर्यवेक्षण और एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद सिंह के नेतृत्व में चलाया गया। टीम में एसआई विक्रम सिंह, एसआई संदीप सिंह, एसआई देवेंद्र कुमार, एएसआई राजीव कुमार, एएसआई मुनेंद्र, एएसआई प्रवीण, एएसआई सत्यवीर, एएसआई दीपक त्यागी, हेड कांस्टेबल विक्रांत और हेड कांस्टेबल अश्विनी शामिल थे।

आगे की जाँच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद पिस्टल के स्रोत का पता लगाना प्राथमिकता है — यह जानना ज़रूरी है कि हथियार कहाँ से आया और इसकी आपूर्ति श्रृंखला में कौन शामिल है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजधानी में अवैध हथियारों के खिलाफ दिल्ली पुलिस के चल रहे निवारक अभियान का हिस्सा है, जो खुफिया-आधारित पुलिसिंग पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल उठाता है कि ये हथियार राजधानी में इतनी आसानी से कहाँ से आ रहे हैं। असली परीक्षा अब आपूर्ति श्रृंखला को उजागर करने में है — केवल अंतिम उपयोगकर्ता को पकड़ना पर्याप्त नहीं है। खुफिया-आधारित पुलिसिंग की यह सफलता सराहनीय है, लेकिन जब तक हथियारों के स्रोत नेटवर्क को नहीं तोड़ा जाता, ऐसी गिरफ्तारियाँ हिमशैल की नोक ही रहेंगी।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने लक्ष्य चावला को कहाँ और कब गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस की एएटीएस ने 28 जून 2026 को पूर्वी विनोद नगर स्थित डीटीसी बस डिपो के निकट लक्ष्य चावला उर्फ लकी को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी।
आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ?
आरोपी लक्ष्य चावला के पास से एक सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि यह हथियार उसने निजी दुश्मनी का बदला लेने के लिए खरीदा था।
इस मामले में कौन-सी धारा के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है?
पांडव नगर पुलिस स्टेशन में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हथियार के स्रोत और आरोपी के संभावित आपराधिक संबंधों की जाँच जारी है।
दिल्ली पुलिस की एएटीएस क्या है और इसने यह ऑपरेशन कैसे चलाया?
एएटीएस यानी ऑटो चोरी रोधी दस्ता दिल्ली पुलिस की एक विशेष इकाई है जो संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों पर नज़र रखती है। इस ऑपरेशन में एसीपी पवन कुमार के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर आनंद सिंह के नेतृत्व में टीम ने खुफिया सूचना पर तत्काल कार्रवाई कर संदिग्ध को दबोचा।
क्या आरोपी का किसी आपराधिक गिरोह से संबंध है?
अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के किसी आपराधिक गिरोह से संभावित संबंध और हथियार के स्रोत का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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