पूर्वी दिल्ली में हथियार तस्कर गिरफ्तार: गाजीपुर से इटली निर्मित सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी दिल्ली की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड ने 28 जुलाई 2026 को गाजीपुर इलाके में एक अवैध हथियार सप्लायर को दबोचा और उसके कब्जे से इटली निर्मित एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए। आरोपी की पहचान 24 वर्षीय जुबैर के रूप में हुई है, जो शास्त्री पार्क, दिल्ली का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी यह हथियार आगे बेचकर अवैध कमाई करने की फिराक में था।
कैसे हुई कार्रवाई
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पूर्वी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड लगातार अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर नज़र रख रही थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि एक युवक अवैध हथियार और कारतूस लेकर गाजीपुर इलाके में आने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने पेपर मार्केट, मुल्ला कॉलोनी, आईएफसी, गाजीपुर के पास जाल बिछाया। 28 जुलाई 2026 को कार्रवाई करते हुए टीम ने आरोपी जुबैर को मौके पर ही पकड़ लिया।
बरामदगी का ब्यौरा
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से इटली में निर्मित एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा वह स्कूटी भी जब्त की गई जिसका उपयोग हथियार की आवाजाही के लिए किया जा रहा था।
इस मामले में गाजीपुर थाने में आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि
पूछताछ में सामने आया कि जुबैर अपने परिवार के साथ शास्त्री पार्क में रहता है और चौथी कक्षा तक पढ़ाई कर चुका है। वह अपने भाइयों के साथ वहीं स्थित एक फर्नीचर की दुकान पर काम करता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने जल्दी और गैरकानूनी तरीके से पैसा कमाने के लालच में हथियारों की खरीद-फरोख्त का रास्ता अपनाया। उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने यह हथियार एक सप्लायर से खरीदा था और आगे बेचने की योजना थी।
नेटवर्क की तलाश जारी
पूर्वी जिला पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को हथियार किसने उपलब्ध कराया और वह इसे किन लोगों तक पहुँचाने वाला था। पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता हो सकती है, और पूरे नेटवर्क की पहचान के लिए लगातार छापेमारी एवं पूछताछ जारी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाइयाँ आगे भी जारी रहेंगी।