17 जुलाई 2026
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दिल्ली पुलिस ने सीमापुरी में दो अलग ऑपरेशन में पकड़े अवैध हथियारधारी, देसी पिस्तौल व कारतूस बरामद

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दिल्ली पुलिस ने सीमापुरी में दो अलग ऑपरेशन में पकड़े अवैध हथियारधारी, देसी पिस्तौल व कारतूस बरामद

सारांश

दिल्ली पुलिस के सीमापुरी बीट स्टाफ ने एक ही दिन दो अलग-अलग गश्त में दो अवैध हथियारधारियों को दबोचा — एक 19 वर्षीय स्थानीय युवक और एक 22 वर्षीय यूपी का निवासी। दोनों से देसी पिस्तौल व कारतूस बरामद, आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 17 जुलाई 2026 को सीमापुरी क्षेत्र में दो अलग ऑपरेशन में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों के पास से कुल दो देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पहला आरोपी सोहिल (19 वर्ष) , नई सीमापुरी निवासी; दूसरा ऋषिकान्त (22 वर्ष) , इटावा, उत्तर प्रदेश का निवासी।
दोनों मामलों में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत सीमापुरी पुलिस स्टेशन में अलग-अलग एफआईआर दर्ज।
अभियान की निगरानी डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा कर रहे हैं; जांच संबंधित हेड कांस्टेबलों को सौंपी गई।

दिल्ली पुलिस ने 17 जुलाई 2026 को सीमापुरी क्षेत्र में चलाए गए दो अलग-अलग गश्त अभियानों के दौरान दो संदिग्धों को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के पास से दो देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों मामलों में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।

पहली गिरफ्तारी: नई सीमापुरी कब्रिस्तान रोड

पहली घटना में सीमापुरी पुलिस स्टेशन के हेड कॉन्स्टेबल अजीत और हेड कॉन्स्टेबल रिंकू नई सीमापुरी के कब्रिस्तान रोड, एमसीडी पार्क के निकट नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस टीम को देखते ही भागने लगा। टीम ने तत्काल उसका पीछा कर उसे दबोच लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी की पैंट की बाईं जेब से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आरोपी की पहचान नई सीमापुरी, दिल्ली निवासी सोहिल (19 वर्ष) के रूप में हुई। मामले की आगे की जांच हेड कॉन्स्टेबल रुजुद्दीन को सौंपी गई है।

दूसरी गिरफ्तारी: झिलमिल इंडस्ट्रियल एरिया

दूसरी घटना में हेड कांस्टेबल मोनू और कॉन्स्टेबल विक्रम झिलमिल इंडस्ट्रियल एरिया के ए-ब्लॉक में रेलवे लाइन के पास गश्त कर रहे थे। वहाँ भी एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा, जिसे पकड़ लिया गया। तलाशी में उसके पास से भी एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस मिला।

इस आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भंडवा सावरन गाँव निवासी ऋषिकान्त (22 वर्ष) के रूप में हुई। इस मामले की जांच हेड कांस्टेबल देवेंद्र को सौंपी गई है।

पुलिस का अभियान और मकसद

पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा की विज्ञप्ति के अनुसार, ये गिरफ्तारियाँ उस 'लगातार अभियान' का हिस्सा हैं जिसका उद्देश्य 'अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना और इलाके में शांति व जन-सुरक्षा बनाए रखना' है। विज्ञप्ति में कहा गया कि सीमापुरी पुलिस स्टेशन के बीट स्टाफ ने संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी बढ़ा दी थी, जिसकी 'सतर्कता व समय पर की गई कार्रवाई' के चलते ये दोनों गिरफ्तारियाँ संभव हुईं।

आगे की कार्रवाई

दोनों आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत सीमापुरी पुलिस स्टेशन में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। जांच अधिकारियों को सौंप दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश जारी है कि ये हथियार कहाँ से आए तथा इनका उपयोग किस मकसद से किया जाना था।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल अंतिम कड़ी — यानी हथियार लेकर चलने वाले — ही पकड़े जा रहे हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों में से एक उत्तर प्रदेश के इटावा से है, जो अंतर-राज्यीय हथियार तस्करी की संभावना की ओर इशारा करता है और इस मामले को महज स्थानीय कानून-व्यवस्था की समस्या से परे ले जाता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने 17 जुलाई को किन्हें और कहाँ गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस ने 17 जुलाई 2026 को सीमापुरी क्षेत्र में दो अलग-अलग गश्त ऑपरेशन के दौरान सोहिल (19 वर्ष, नई सीमापुरी) और ऋषिकान्त (22 वर्ष, इटावा, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
आरोपियों पर कौन-सी धारा के तहत मामला दर्ज हुआ है?
दोनों आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत सीमापुरी पुलिस स्टेशन में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह धारा बिना लाइसेंस के हथियार रखने या ले जाने पर लागू होती है।
इन गिरफ्तारियों की जांच कौन कर रहा है?
पहले मामले (सोहिल) की जांच हेड कॉन्स्टेबल रुजुद्दीन को और दूसरे मामले (ऋषिकान्त) की जांच हेड कांस्टेबल देवेंद्र को सौंपी गई है। पूरे अभियान की निगरानी डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस का यह अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा के अनुसार यह 'लगातार अभियान' अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और सीमापुरी जैसे संवेदनशील इलाकों में शांति व जन-सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
क्या इन हथियारों का स्रोत पता चला है?
अभी तक हथियारों के स्रोत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच जारी है। एक आरोपी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले का निवासी है, जिससे अंतर-राज्यीय आपूर्ति की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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