द्वारका में स्पेशल स्टाफ की कार्रवाई: आदतन अपराधी की गिरफ्तारी, देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद
सारांश
Key Takeaways
- द्वारका पुलिस ने एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी के दौरान देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए।
- आरोपी पहले से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय था।
- पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में खौफ बढ़ा है।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के द्वारका क्षेत्र की विशेष पुलिस टीम ने एक आदतन अपराधी को पकड़ने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान विपिन उर्फ रिंकू उर्फ बोना के रूप में हुई है, जो रनहोला थाना क्षेत्र का एक घोषित बदमाश और जिला बदर है। उसकी गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, द्वारका जिले में अवैध हथियार रखने और उनकी आपूर्ति करने वाले अपराधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इस अभियान के तहत, सहायक पुलिस आयुक्त (संचालन) की निगरानी में निरीक्षक कमलेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने लगातार इलाके में गश्त की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। साथ ही, स्थानीय सूत्रों को भी सक्रिय किया गया था।
31 मार्च 2026 को पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विपिन को पकड़ लिया। उसकी तलाशी के दौरान, एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। उसके खिलाफ द्वारका नॉर्थ थाना में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह पहले से ही रनहोला थाना का सूचीबद्ध बदमाश है और उसे क्षेत्र से बाहर रहने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद, वह अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहा। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह जल्दी पैसे कमाने की लालच में अपराध करता था, ताकि वह अपनी नशे की आदतों और आरामदायक जीवनशैली के खर्च को पूरा कर सके।
पुलिस जांच से पता चला है कि आरोपी पहले भी चोरी, लूट और हथियार से जुड़े कुल 16 मामलों में शामिल रहा है। उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि सामान्य है; वह मोहन गार्डन इलाके में किराए के मकान में रहता था। उसके पिता चालक हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। उसने केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और नशे की लत के चलते अपराध की ओर कदम बढ़ाया।
फिलहाल, पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे अवैध हथियार कहां से मिले। मामले की आगे की जांच जारी है।