करोल बाग में दिनदहाड़े कार का शीशा तोड़ ₹2 करोड़ के गहने चोरी, ज्वेलरी कारोबारी की शिकायत पर केस दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के करोल बाग इलाके में 19 अगस्त 2026 को दिनदहाड़े एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है, जिसमें अज्ञात चोरों ने आर्य समाज रोड पर खड़ी कार का पिछला शीशा तोड़कर ₹2 करोड़ से अधिक के सोने और हीरे के गहने चुरा लिए। पीड़ित ज्वेलरी कारोबारी कन्हैया लाल, जो एसकेजी कुंदन क्राफ्ट्स के मालिक हैं, की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
कन्हैया लाल अपने बेटे ध्रुव सोनी और एक कर्मचारी के साथ 18 अगस्त को ज्वेलरी कारोबार की मार्केटिंग के सिलसिले में दिल्ली पहुँचे थे। उनके पास तीन बैकपैक और एक सूटकेस था, जिनमें सोने और हीरे की ज्वेलरी, एक लैपटॉप और आधार कार्ड रखा था, जबकि सूटकेस में कपड़े थे।
19 अगस्त को कारोबारी ने ग्रेटर कैलाश-एम ब्लॉक मार्केट में कई ज्वेलर्स से मुलाकात की। शाम करीब 5:30 बजे तीनों ने केनरा बैंक के सामने कार खड़ी की और सभी बैग व सूटकेस कार में छोड़कर पास के बीकानेरवाला रेस्टोरेंट में खाना खाने चले गए। शाम करीब 7:15 बजे वापस लौटे तो कार का पिछला शीशा टूटा मिला और तीनों बैग तथा सूटकेस गायब थे।
पुलिस की जाँच
पुलिस ने पीड़ित कारोबारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सुरागों की मदद से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
नोएडा गैराज चोरी मामले में छह गिरफ्तार
इसी बीच, नोएडा के सेक्टर-25 स्थित एक गैराज से करीब ₹1 करोड़ 48 लाख की नकदी चोरी के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, अवनीश कुमार, जितेंद्र कुमार, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान के रूप में हुई है। इन्हें रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाने वाले मार्ग से पकड़ा गया।
जाँच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अवनीश कुमार एक सीए फर्म के माध्यम से लोगों से निवेश के नाम पर रकम जुटाने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, जो ₹1 करोड़ 48 लाख की राशि चोरी हुई, वह शिकायतकर्ता से आशीष ने निवेशक उपलब्ध कराने के नाम पर ली थी।
आम जनता पर असर
यह वारदात दिल्ली-एनसीआर में वाहनों को निशाना बनाकर की जाने वाली चोरियों की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यावसायिक इलाकों में पार्क वाहनों में कीमती सामान छोड़ना जोखिमभरा हो सकता है, खासकर जब सीसीटीवी निगरानी में अंतराल हो।
आगे क्या होगा
करोल बाग मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा कर रही है और संभावित संदिग्धों की पहचान की कोशिश जारी है। नोएडा मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों से पूछताछ के बाद और खुलासे होने की संभावना है।