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रानी बाग चोरी मामला: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को दबोचा, ₹2,10,340 नकद व लैपटॉप बरामद

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रानी बाग चोरी मामला: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को दबोचा, ₹2,10,340 नकद व लैपटॉप बरामद

सारांश

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 18 सितंबर की रात सरस्वती विहार में हुई चोरी का पर्दाफाश किया — गिरफ्तार तीनों आरोपियों में दो पूर्व कर्मचारी और एक मिनी-ट्रक चालक शामिल हैं, जो दुकान की दिनचर्या से वाकिफ थे। ₹2,10,340 नकद, एप्पल लैपटॉप और अपराध में इस्तेमाल स्कूटी बरामद।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 25 सितंबर 2026 को रानी बाग चोरी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
वारदात 18 सितंबर 2026 की रात रात 8 बजे सरस्वती विहार , दिल्ली में हुई।
आरोपियों के पास से ₹2,10,340 नकद , एप्पल लैपटॉप , बैंक पासबुक , पेन ड्राइव और स्कूटी बरामद।
गिरफ्तार अमर (24) और आकाश (24) शिकायतकर्ता के पूर्व कर्मचारी थे; आशीष कुमार (23) दुकान के पास मिनी-ट्रक चालक था।
मामला बीएनएस धारा 303(2) और 3(5) के तहत दर्ज; एसीपी अशोक शर्मा की देखरेख में विशेष टीम ने ऑपरेशन अंजाम दिया।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रानी बाग थाने में दर्ज चोरी के एक मामले को 26 सितंबर 2026 को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया — इनमें शिकायतकर्ता के दो पूर्व कर्मचारी और एक मिनी-ट्रक चालक शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की पूरी नकदी ₹2,10,340, चार्जर सहित एक एप्पल लैपटॉप और अपराध में इस्तेमाल स्कूटी बरामद कर ली है।

घटनाक्रम: कैसे हुई चोरी

यह वारदात 18 सितंबर 2026 की रात लगभग रात 8 बजे हुई, जब शिकायतकर्ता महेंद्र सरस्वती विहार, दिल्ली स्थित अपनी दुकान बंद कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी ग्रे रंग की स्कूटी पर आए और ₹2,10,340 नकद, एक एप्पल लैपटॉप, बैंक पासबुक, पेन ड्राइव और आधार कार्ड की प्रति समेत एक पिट्ठू बैग लेकर फरार हो गए। घटना के बाद रानी बाग थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है — अमर (24), निवासी एकता कैंप, पीतमपुरा; आकाश (24), निवासी कोहाट एन्क्लेव, पीतमपुरा; और आशीष कुमार (23), मूल निवासी रोहुआ वेस्ट गांव, समस्तीपुर, बिहार, जो पीतमपुरा में रह रहा था।

पुलिस के अनुसार, अमर शिकायतकर्ता का पूर्व कर्मचारी था और लगभग छह-सात माह काम करने के बाद 2025 में नौकरी छोड़ चुका था। उसे दुकान की बिक्री और बंद होने के समय की पूरी जानकारी थी। पुलिस ने बताया कि उसे शराब की लत है और वह अभी एसी रिपेयर टेक्नीशियन के रूप में काम कर रहा है। आकाश भी इसी दुकान में करीब दो माह काम कर 2025 में नौकरी छोड़ चुका था और अभी बेरोज़गार है। तीसरा आरोपी आशीष कुमार शिकायतकर्ता की दुकान के पास मिनी-ट्रक चालक के रूप में कार्यरत था और अमर व आकाश का करीबी मित्र था।

पुलिस ऑपरेशन: जाल बिछाकर हुई गिरफ्तारी

गुप्त सूचना मिलने के बाद एसीपी अशोक शर्मा (एनआर-1) की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में इंस्पेक्टर पुखराज (प्रमुख), सब-इंस्पेक्टर राहुल, सब-इंस्पेक्टर निरंजन सिंह, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर पवन, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर प्रदीप, हेड कांस्टेबल सचिन और हेड कांस्टेबल मुकेश शामिल थे।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, हेड कांस्टेबल सचिन और हेड कांस्टेबल मुकेश ने फील्ड सूत्रों और तकनीकी विश्लेषण की मदद से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। 25 सितंबर 2026 की सुबह सरस्वती विहार स्थित जीवन ज्योति अपार्टमेंट के पास डीडीए पार्क के निकट तीनों की मौजूदगी की सटीक जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर तीनों को दबोच लिया।

बरामदगी का विवरण

पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई पूरी नकदी ₹2,10,340, चार्जर सहित एक एप्पल लैपटॉप, बैंक पासबुक, पेन ड्राइव, आधार कार्ड की प्रति वाला पिट्ठू बैग और अपराध में इस्तेमाल ग्रे रंग की स्कूटी बरामद की। यह स्कूटी अमर के पास से मिली।

आगे की जांच जारी

तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। गौरतलब है कि यह मामला तब सामने आया है जब दिल्ली में अंदरूनी जानकारी का दुरुपयोग कर संगठित चोरी की घटनाएँ बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियोक्ताओं को पूर्व कर्मचारियों की जानकारी और दुकान की दिनचर्या की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और निवारक उपाय कब आएंगे।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रानी बाग चोरी मामले में कौन-कौन गिरफ्तार हुए?
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तीन आरोपियों — अमर (24), आकाश (24) और आशीष कुमार (23) — को गिरफ्तार किया है। अमर और आकाश शिकायतकर्ता के पूर्व कर्मचारी थे, जबकि आशीष दुकान के पास मिनी-ट्रक चालक था।
सरस्वती विहार चोरी की वारदात कब और कैसे हुई?
यह घटना 18 सितंबर 2026 की रात लगभग रात 8 बजे हुई, जब शिकायतकर्ता महेंद्र सरस्वती विहार में अपनी दुकान बंद कर रहे थे। आरोपी ग्रे रंग की स्कूटी पर आए और ₹2,10,340 नकद, लैपटॉप व अन्य सामान लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों से क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की पूरी नकदी ₹2,10,340, चार्जर सहित एक एप्पल लैपटॉप, बैंक पासबुक, पेन ड्राइव, आधार कार्ड की प्रति और अपराध में इस्तेमाल ग्रे रंग की स्कूटी बरामद की।
आरोपियों ने चोरी की योजना क्यों बनाई?
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों को शराब की लत थी और उन्होंने अपनी ज़रूरतें पूरी करने के लिए यह योजना बनाई। अमर और आकाश को दुकान की बिक्री और बंद होने के समय की जानकारी थी, जिसका उन्होंने फायदा उठाया।
इस मामले में किस कानून के तहत केस दर्ज हुआ?
घटना के बाद रानी बाग थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। मामले की जांच अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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