दिल्ली पुलिस ने करोल बाग और पालम विलेज में चोरी के चार आरोपी दबोचे, 24 आईफोन व देसी पिस्तौल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस ने 24 अगस्त 2026 को चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करोल बाग और पालम विलेज थाना क्षेत्रों में की गई इन कार्रवाइयों में पुलिस ने 24 आईफोन, दो देसी पिस्तौलें, घर तोड़ने के औजार और 42.11 ग्राम पिघलाया हुआ सोना बरामद किया है।
पालम विलेज मामला: 700 सीसीटीवी की जांच से सुलझे चार केस
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में घरों में चोरी और सेंधमारी के कई मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे करीब 700 सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाला। फुटेज में एक ही संदिग्ध ग्रुप मोटरसाइकिल से वारदात को अंजाम देता दिखा।
फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों की पहचान मोहम्मद आरिफ और इरशाद उर्फ भानु के रूप में हुई। 5 अगस्त को मोहम्मद आरिफ को दिल्ली के मौजपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरिफ ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने और उसके साथियों ने एक चोरी की मोटरसाइकिल का उपयोग कर पालम इलाके में दो चोरियाँ की थीं। उसने यह भी बताया कि वह मोटरसाइकिल केशव पुरम से चुराई गई थी।
आरिफ की निशानदेही पर एक देसी पिस्तौल और घर तोड़ने के औजार बरामद किए गए। इसके बाद सह-आरोपी अफसर को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया और कथित तौर पर उसके पास से एक और देसी पिस्तौल मिली।
चोरी का सोना पिघलाने वाला खरीदार भी गिरफ्त में
जांच के दौरान पुलिस को इंजमाम शेख उर्फ राजा शेख का सुराग मिला, जो कथित तौर पर चोरों से चोरी के सोने के गहने खरीद रहा था। पुलिस ने बताया कि उसके पास से चोरी के गहनों से पिघलाया गया 42.11 ग्राम सोना बरामद किया गया। इन तीनों की गिरफ्तारी से दिल्ली के विभिन्न इलाकों में दर्ज घरों में चोरी और सेंधमारी के चार मामलों को सुलझाने में मदद मिली।
करोल बाग दुकान चोरी: 24 आईफोन के साथ आरोपी धरा गया
20 अगस्त को करोल बाग की एक दुकान में चोरी की सूचना पुलिस को मिली। शिकायतकर्ता के अनुसार, 19 अगस्त को एक अज्ञात व्यक्ति ने कमरे का ताला तोड़कर एप्पल आईफोन के लगभग 50 बॉक्स और ₹2 लाख नकद चुरा लिए। करोल बाग पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज में बैग लिए एक संदिग्ध नजर आया। यह जानकारी तुरंत करोल बाग के एसीपी को दी गई, जिन्होंने पुलिस टीम को फुटेज के जरिए संदिग्ध का पीछा करने का निर्देश दिया। एसएचओ करोल बाग की देखरेख में गठित विशेष टीम ने व्यवस्थित तरीके से सीसीटीवी नेटवर्क का उपयोग कर आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने इस चोरी के अलावा मई 2026 के दौरान प्रसाद नगर इलाके में दो और करोल बाग इलाके में एक चोरी की घटना को अंजाम देने की बात कथित तौर पर स्वीकार की।
आगे की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, अन्य सह-आरोपियों की भूमिका का पता लगाने और शेष चोरी का सामान बरामद करने के लिए जांच अभी जारी है। गौरतलब है कि इन दोनों मामलों में सीसीटीवी नेटवर्क की व्यापक निगरानी ने पुलिस की कार्रवाई में निर्णायक भूमिका निभाई — जो दिल्ली में नगर-निगरानी के बढ़ते उपयोग का संकेत है।