दिल्ली के सीलमपुर में PWD सीसीटीवी डीवीआर चोरी: तीन गिरफ्तार, ₹48,000 नकद बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 31 जुलाई 2026 को सीलमपुर के जे-ब्लॉक में सरकारी पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) के सीसीटीवी डीवीआर की चोरी का मामला सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी की हार्ड डिस्क, ₹48,000 नकद और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
मुख्य घटनाक्रम
यह चोरी 27 जुलाई को हुई थी, जब सीलमपुर के जे-ब्लॉक में लगे PWD के सीसीटीवी डीवीआर को अज्ञात लोगों ने चुरा लिया। शिकायतकर्ता रईस खान की तहरीर पर सीलमपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 317(2) के तहत ई-एफआईआर दर्ज की गई।
जाँच में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और डीवीआर चुराते हुए दो संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों को दबोचा गया।
आरोपियों की पहचान
पकड़े गए दो मुख्य आरोपियों की पहचान दानिश अंसारी (पुत्र रईस अंसारी, निवासी श्री राम कॉलोनी, खजूरी, दिल्ली) और आरिफ खान (पुत्र मकसूद अहमद, निवासी श्री राम कॉलोनी, खजूरी) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि चोरी किया गया डीवीआर जहांगीरपुरी इलाके के एक कबाड़ी को बेचा गया था।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने जहांगीरपुरी में मदर डेयरी के सामने स्थित झुग्गी में रहने वाले आसू (18), पुत्र सोम दत्त, को गिरफ्तार किया, जिसने कथित तौर पर चोरी का सामान खरीदा था।
अहम खुलासा: अंदरूनी जानकारी का इस्तेमाल
जाँच में सामने आया कि आरिफ खान इससे पहले PWD के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम कर चुका था। उसे डीवीआर और हार्ड डिस्क निकालने की तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी थी, जिसका कथित तौर पर चोरी में फायदा उठाया गया। गौरतलब है कि यह मामला सरकारी निगरानी बुनियादी ढाँचे में अंदरूनी सेंध की आशंका को उजागर करता है।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर निम्नलिखित सामान बरामद किया:
PWD की एक चोरी हुई सीसीटीवी हार्ड डिस्क, चोरी के डीवीआर की बिक्री से प्राप्त मानी जा रही ₹48,000 नकद, और मामले से जुड़ा एक ओप्पो मोबाइल फोन।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दानिश अंसारी पहले चोरी के चार मामलों में शामिल रह चुका है, जबकि आरिफ खान पर डकैती का एक पुराना मामला दर्ज है। तीसरे आरोपी आसू का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे जाँच जारी है।