एसआईआर विवाद: BJP के पंकज चौधरी और शाहनवाज हुसैन का विपक्ष पर पलटवार, बोले — संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना आदत बन गई
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 29 सितंबर को महराजगंज में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने भारत की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना अपनी स्थायी रणनीति बना ली है। भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने भी कांग्रेस पर चुनाव आयोग के विरुद्ध साजिश रचने का आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
पंकज चौधरी ने कहा कि एसआईआर पर विपक्षी दलों द्वारा जनता को गुमराह करने का यह कोई नया चलन नहीं है। उनके अनुसार, 'जब चुनाव आते हैं, तो कभी ईवीएम पर दोष देते हैं, कभी चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं और कभी हमारे सीएजी पर भी आरोप लगाते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इन दलों की मंशा भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुँचाने की है।
चौधरी ने आगे कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर स्पष्ट किया है कि एसआईआर से जुड़ा निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था। उन्होंने कहा, 'दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। इस पर तो समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को देश की जनता से माफी माँगनी चाहिए।'
शाहनवाज हुसैन का कांग्रेस पर हमला
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने सर्वोच्च न्यायालय हो या चुनाव आयोग — हर संवैधानिक संस्था के विरुद्ध बोलना अपनी दिनचर्या बना ली है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा वीडियो के माध्यम से उठाए जाने वाले सवालों को भी खारिज करते हुए कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
हुसैन ने ईवीएम विश्वसनीयता पर कहा कि पूरे देश को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर भरोसा है। उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) हर राज्य में नहीं जीतती — जब भाजपा जीतती है तो विपक्ष इसे ईवीएम की जीत बताता है, और जब कांग्रेस जीतती है तो वह उसे अपनी जीत करार देती है।
अखिलेश यादव के मदरसा बयान पर प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि विपक्ष के पास न कोई ठोस मुद्दा है और न कोई समाधान। उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे अब बेहतर स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, और विपक्ष चाहता है कि मुस्लिम बच्चे केवल मदरसों तक ही सीमित रहें।
विपक्ष की स्थिति और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों — विशेष रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी — ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग की थी। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज है और विभिन्न दल जनाधार मजबूत करने में जुटे हैं।
आलोचकों का कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर उठाए जाने वाले सवाल लोकतांत्रिक जवाबदेही का हिस्सा हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक अवसरवाद करार देता है। दोनों पक्षों के बीच यह बहस आगामी चुनावी मौसम में और तेज होने की संभावना है।