अयोध्या में कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी: किशोरी लाल शर्मा बोले — राम मंदिर जाने से रोका गया
सारांश
मुख्य बातें
राम मंदिर दर्शन के लिए अयोध्या पहुँचे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेताओं को 30 जून को नजरबंद किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा, कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर और उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने योगी आदित्यनाथ सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक भय से प्रेरित थी।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पहले ही सूचित कर दिया था कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राम मंदिर में दर्शन के लिए आएगा। उन्होंने कहा, 'अमेठी और रायबरेली के नेताओं ने भी पूछा था कि क्या वे साथ आ सकते हैं। मैंने कहा कि बिल्कुल आ सकते हैं, क्योंकि किसी को भी मंदिर जाने से नहीं रोका जा सकता, लेकिन कल मैंने देखा कि अमेठी के हमारे सभी कार्यकर्ताओं को घर में ही नजरबंद कर दिया गया। साफ है कि हमें राम मंदिर जाने से रोकने की कोशिश की गई।'
शर्मा ने यह भी सुझाव दिया कि सनातन धर्म से जुड़े धार्मिक विषयों पर निर्णय लेते समय शंकराचार्यों और अन्य संतों को शामिल कर एक व्यापक समिति गठित की जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद का संदर्भ
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा, 'जिस तरह चोरी हुई है और जिस तरह सीनाजोरी हो रही है, उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर भगवान राम के दरवाजे पर जाकर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया।' ठाकुर ने आरोप लगाया कि इससे लगता है कि 'दोषियों को बचाने की कोशिश ज्यादा और पकड़ने की कोशिश कम हो रही है।'
ठाकुर ने यह भी कहा, 'कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का सीधा मतलब है कि चोर चोरी के डर से घबराया हुआ है।' उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने 'चौकीदार ही चोर है' वाले बयान का भी उल्लेख किया और कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले ने उस बात को 'सच साबित कर दिया है।'
योगी सरकार पर सीधा हमला
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'योगी सरकार डरी हुई है। उनका आत्मविश्वास टूट चुका है और उन्हें सत्ता जाने का डर सता रहा है।' गौतम ने यह भी उजागर किया कि जब आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल अयोध्या आए थे — जिन्हें BJP अपनी 'बी-टीम' कहती है — तब उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई थी, जबकि कांग्रेस के 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को रामलला के दर्शन के लिए जाते समय नजरबंद कर दिया गया।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद पहले से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को और तेज करेगी और जनता के बीच ले जाएगी। BJP और योगी सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।