15 अगस्त 2026
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श्री अरबिंदो जयंती पर PM मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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श्री अरबिंदो जयंती पर PM मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

सारांश

15 अगस्त को जन्मे श्री अरबिंदो की जयंती स्वतंत्रता दिवस के साथ मेल खाती है — एक संयोग जो उनकी विरासत को और गहरा बनाता है। PM मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा ने उन्हें राष्ट्रवादी, दार्शनिक और आध्यात्मिक पथप्रदर्शक के रूप में याद किया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को एक्स पर पोस्ट कर श्री अरबिंदो घोष की जयंती पर श्रद्धांजलि दी।
मोदी ने अरबिंदो को महान दार्शनिक, राष्ट्रवादी, कवि और विचारक बताया, जिन्होंने जीवन भारत की आजादी को समर्पित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के ऋषि और महान आत्मा के रूप में नमन किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अरबिंदो के विदेशी सामान बहिष्कार आंदोलन में योगदान को रेखांकित किया।
श्री अरबिंदो का जन्म 15 अगस्त 1872 को हुआ था — भारत के स्वतंत्रता दिवस के साथ मेल खाती ऐतिहासिक तिथि।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को महान दार्शनिक, स्वतंत्रता सेनानी और कवि श्री अरबिंदो घोष की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि अरबिंदो का भारत के भविष्य और मानवीय परिवर्तन की असीम संभावनाओं में विश्वास आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'श्री अरबिंदो को उनकी जयंती पर याद करता हूं। एक महान दार्शनिक, राष्ट्रवादी, कवि और विचारक के तौर पर श्री अरबिंदो ने अपना जीवन भारत की आजादी और मानव प्रगति की बड़ी कोशिश के लिए समर्पित कर दिया। अलग-अलग विषयों पर उनके काम दुनिया भर में पीढ़ियों को प्रेरित करते रहते हैं। सबसे अहम बात यह है कि हमारे देश के भविष्य और मानवीय बदलाव की असीम संभावनाओं में उनका भरोसा आज भी बहुत प्रासंगिक है।'

गृह मंत्री अमित शाह की श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी श्री अरबिंदो को नमन करते हुए कहा, 'हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के ऋषि, दार्शनिक और महान आत्मा श्री अरबिंदो की जयंती पर उन्हें मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। श्री अरबिंदो ने भारत को उसकी आध्यात्मिक महानता से परिचित कराया और दमनकारी औपनिवेशिक शासन को उखाड़ फेंकने के लिए हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी। उनका गहन ज्ञान हमें अपनी गौरवशाली विरासत को संजोते हुए प्रगति के शिखर की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।'

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का नमन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने महर्षि अरबिंदो घोष को कोटिशः नमन करते हुए कहा, 'अरबिंदो ने अपने लेखों और विचारों से विदेशी सामान के बहिष्कार की अलख जगाई। आजादी की लड़ाई के दौरान देशवासियों में क्रांति की ज्वाला प्रज्ज्वलित करने में उनका महनीय योगदान प्रणम्य है। उनकी महान शिक्षाएं आज भी मानवता के उत्थान और राष्ट्रीय गौरव के लिए प्रेरणा हैं।'

श्री अरबिंदो का ऐतिहासिक योगदान

गौरतलब है कि श्री अरबिंदो घोष का जन्म 15 अगस्त 1872 को हुआ था — वही तिथि जो आगे चलकर भारत की स्वतंत्रता का दिन बनी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ योग, दर्शन और साहित्य के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया। पुदुचेरी में स्थापित उनका आश्रम आज भी उनकी विचारधारा का जीवंत केंद्र है। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब 78वाँ स्वतंत्रता दिवस देश में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

आगे की दिशा

श्री अरबिंदो की विचारधारा और दर्शन आज भी शिक्षा, आध्यात्म और राष्ट्रनिर्माण की बहसों में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। देशभर में उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में उनके जीवन और दर्शन को स्मरण किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके योग-दर्शन और 'पूर्णयोग' की वैश्विक प्रासंगिकता पर गहरी चर्चा अभी भी मुख्यधारा की राजनीतिक बहस से बाहर है। यह अवसर केवल स्मरण का नहीं, बल्कि उनकी शिक्षाओं को समकालीन नीति-निर्माण से जोड़ने का भी है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री अरबिंदो कौन थे और उनकी जयंती क्यों महत्वपूर्ण है?
श्री अरबिंदो घोष एक महान भारतीय दार्शनिक, योगी, कवि और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनका जन्म 15 अगस्त 1872 को हुआ था। उनकी जयंती भारत के स्वतंत्रता दिवस के साथ मेल खाती है, जो उनकी विरासत को और भी विशेष बनाती है।
PM मोदी ने श्री अरबिंदो को किस रूप में याद किया?
PM मोदी ने श्री अरबिंदो को महान दार्शनिक, राष्ट्रवादी, कवि और विचारक बताया। उन्होंने कहा कि अरबिंदो का भारत के भविष्य और मानवीय परिवर्तन की संभावनाओं में विश्वास आज भी प्रासंगिक है।
अमित शाह ने श्री अरबिंदो के बारे में क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने अरबिंदो को स्वतंत्रता आंदोलन के ऋषि और महान आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि अरबिंदो ने भारत को उसकी आध्यात्मिक महानता से परिचित कराया और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी।
जेपी नड्डा ने श्री अरबिंदो के किस योगदान को रेखांकित किया?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अरबिंदो के विदेशी सामान बहिष्कार आंदोलन में योगदान और आजादी की लड़ाई में क्रांति की भावना जगाने की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया।
श्री अरबिंदो की शिक्षाएं आज कैसे प्रासंगिक हैं?
श्री अरबिंदो का योग-दर्शन, 'पूर्णयोग' और मानवीय चेतना के विकास पर उनके विचार आज भी दुनिया भर में अध्येताओं को प्रेरित करते हैं। पुदुचेरी स्थित उनका आश्रम उनकी विचारधारा का जीवंत केंद्र बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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