श्री अरबिंदो जयंती पर PM मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को महान दार्शनिक, स्वतंत्रता सेनानी और कवि श्री अरबिंदो घोष की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि अरबिंदो का भारत के भविष्य और मानवीय परिवर्तन की असीम संभावनाओं में विश्वास आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'श्री अरबिंदो को उनकी जयंती पर याद करता हूं। एक महान दार्शनिक, राष्ट्रवादी, कवि और विचारक के तौर पर श्री अरबिंदो ने अपना जीवन भारत की आजादी और मानव प्रगति की बड़ी कोशिश के लिए समर्पित कर दिया। अलग-अलग विषयों पर उनके काम दुनिया भर में पीढ़ियों को प्रेरित करते रहते हैं। सबसे अहम बात यह है कि हमारे देश के भविष्य और मानवीय बदलाव की असीम संभावनाओं में उनका भरोसा आज भी बहुत प्रासंगिक है।'
गृह मंत्री अमित शाह की श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी श्री अरबिंदो को नमन करते हुए कहा, 'हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के ऋषि, दार्शनिक और महान आत्मा श्री अरबिंदो की जयंती पर उन्हें मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। श्री अरबिंदो ने भारत को उसकी आध्यात्मिक महानता से परिचित कराया और दमनकारी औपनिवेशिक शासन को उखाड़ फेंकने के लिए हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी। उनका गहन ज्ञान हमें अपनी गौरवशाली विरासत को संजोते हुए प्रगति के शिखर की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।'
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का नमन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने महर्षि अरबिंदो घोष को कोटिशः नमन करते हुए कहा, 'अरबिंदो ने अपने लेखों और विचारों से विदेशी सामान के बहिष्कार की अलख जगाई। आजादी की लड़ाई के दौरान देशवासियों में क्रांति की ज्वाला प्रज्ज्वलित करने में उनका महनीय योगदान प्रणम्य है। उनकी महान शिक्षाएं आज भी मानवता के उत्थान और राष्ट्रीय गौरव के लिए प्रेरणा हैं।'
श्री अरबिंदो का ऐतिहासिक योगदान
गौरतलब है कि श्री अरबिंदो घोष का जन्म 15 अगस्त 1872 को हुआ था — वही तिथि जो आगे चलकर भारत की स्वतंत्रता का दिन बनी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ योग, दर्शन और साहित्य के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया। पुदुचेरी में स्थापित उनका आश्रम आज भी उनकी विचारधारा का जीवंत केंद्र है। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब 78वाँ स्वतंत्रता दिवस देश में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
आगे की दिशा
श्री अरबिंदो की विचारधारा और दर्शन आज भी शिक्षा, आध्यात्म और राष्ट्रनिर्माण की बहसों में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। देशभर में उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में उनके जीवन और दर्शन को स्मरण किया जा रहा है।