9 सितंबर 2026
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भारतेंदु हरिश्चंद्र जयंती: अमित शाह, नितिन नवीन समेत कई नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

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भारतेंदु हरिश्चंद्र जयंती: अमित शाह, नितिन नवीन समेत कई नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

सारांश

भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती पर केंद्रीय मंत्रिमंडल एक स्वर में — गृह मंत्री अमित शाह से लेकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक। 'निज भाषा उन्नति अहै' के उद्घोषक को आज राजनीतिक गलियारों ने भी राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक के रूप में याद किया।

मुख्य बातें

9 सितंबर को भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अनेक नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भारतेंदु को 'राष्ट्रचेतना के प्रखर संवाहक' बताया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान , कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल , जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भी एक्स पर नमन किया।
BJP महासचिव विनोद तावड़े ने भारतेंदु की 'निज भाषा उन्नति अहै' पंक्ति को उद्धृत किया।
भारतेंदु हरिश्चंद्र ( 1850–1885 ) के नाम पर हिंदी साहित्य में पूरा 'भारतेंदु युग' जाना जाता है।

9 सितंबर को आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रणेता भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित अनेक केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी-अपनी पोस्ट के माध्यम से भारतेंदु के साहित्यिक और सामाजिक योगदान को याद किया।

गृह मंत्री अमित शाह का संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि भारतेंदु हरिश्चंद्र ने भाव, भाषा और शैली में नवीनता का समावेश कर हिंदी को आधुनिक स्वरूप दिया। उन्होंने कहा, 'उनकी रचनाओं में ईश्वर की भक्ति के साथ समाज-सुधार की चेतना, स्त्री-शिक्षा का समर्थन और स्वाधीनता की प्रेरणा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।' शाह ने यह भी रेखांकित किया कि भारतेंदु ने स्वभाषा को केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आत्मसम्मान और चेतना का आधार माना।

BJP अध्यक्ष और अन्य मंत्रियों की श्रद्धांजलि

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी एक्स पोस्ट में भारतेंदु को 'राष्ट्रचेतना के प्रखर संवाहक' बताते हुए कहा कि उनके साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक चेतना के माध्यम से हिंदी भाषा को नई दिशा मिली और समाज में राष्ट्रीय जागरण का अलख जगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतेंदु को 'आधुनिक हिंदी के जनक' और 'युग प्रवर्तक साहित्यकार' की संज्ञा देते हुए उनकी अद्वितीय प्रतिभा को नमन किया।

कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर भारतेंदु की प्रसिद्ध पंक्तियाँ उद्धृत कीं — 'निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा-ज्ञान के मिट्टी न हिय को सूल।' — और उन्हें महानतम कवि एवं रचनाकार के रूप में वंदन किया।

उपराज्यपाल और अन्य नेताओं के विचार

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भारतेंदु को 'बहुमुखी प्रतिभा के धनी' बताते हुए कहा कि उनकी कालजयी रचनाएँ युगों-युगों तक साहित्यकारों को प्रेरणा और पाठकों को ऊर्जा प्रदान करती रहेंगी। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतनराम मांझी ने भी एक्स पर भारतेंदु को 'युग प्रवर्तक साहित्यकार' के रूप में कोटिशः नमन किया।

राज्यसभा सांसद एवं BJP के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि भारतेंदु हरिश्चंद्र ने 'निज भाषा को सभी उन्नति का मूल' का मंत्र देकर देशवासियों को अपनी भाषाओं की उन्नति के लिए प्रेरित किया और उनकी कालजयी रचनाएँ आज भी मानव को राह दिखाती हैं।

भारतेंदु हरिश्चंद्र का ऐतिहासिक महत्व

गौरतलब है कि भारतेंदु हरिश्चंद्र (1850–1885) को आधुनिक हिंदी गद्य और रंगमंच का आधार-स्तंभ माना जाता है। उनके नाम पर एक पूरे साहित्यिक युग को 'भारतेंदु युग' कहा जाता है। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता, नाटक और कविता को एक साथ समृद्ध किया और भाषा को जनचेतना से जोड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी भाषा की प्रासंगिकता और राष्ट्रीय पहचान को लेकर व्यापक विमर्श जारी है।

हर वर्ष 9 सितंबर को मनाई जाने वाली उनकी जयंती पर राजनीतिक और साहित्यिक जगत से श्रद्धांजलि की परंपरा रही है, किंतु इस बार केंद्रीय मंत्रिमंडल के एकाधिक सदस्यों की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बन चुका है। हालाँकि, यह भी देखने वाली बात है कि इन श्रद्धांजलियों के समानांतर हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के संस्थागत संवर्धन के लिए ठोस नीतिगत कदम कितने उठाए जा रहे हैं।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतेंदु हरिश्चंद्र कौन थे और उनकी जयंती कब मनाई जाती है?
भारतेंदु हरिश्चंद्र (1850–1885) आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रणेता और 'भारतेंदु युग' के जनक माने जाते हैं। उनकी जयंती प्रतिवर्ष 9 सितंबर को मनाई जाती है। उन्होंने हिंदी गद्य, नाटक और पत्रकारिता को नई दिशा दी।
गृह मंत्री अमित शाह ने भारतेंदु जयंती पर क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि भारतेंदु हरिश्चंद्र ने स्वभाषा को राष्ट्रीय आत्मसम्मान और चेतना का आधार माना। उन्होंने भारतेंदु की रचनाओं में समाज-सुधार, स्त्री-शिक्षा और स्वाधीनता की प्रेरणा को रेखांकित किया।
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने भारतेंदु हरिश्चंद्र को कैसे याद किया?
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भारतेंदु को 'राष्ट्रचेतना के प्रखर संवाहक' बताया और कहा कि उन्होंने साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक चेतना के माध्यम से हिंदी भाषा को नई दिशा दी। उन्होंने भारतेंदु के योगदान को भारतीय साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया।
किन अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भारतेंदु जयंती पर श्रद्धांजलि दी?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम मंत्री जीतनराम मांझी, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और BJP महासचिव विनोद तावड़े ने भी एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
भारतेंदु हरिश्चंद्र की 'निज भाषा' वाली पंक्तियाँ क्यों प्रसिद्ध हैं?
भारतेंदु हरिश्चंद्र की पंक्तियाँ — 'निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल' — हिंदी और मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करती हैं। ये पंक्तियाँ भाषाई स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक मानी जाती हैं और आज भी व्यापक रूप से उद्धृत की जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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