हेडगेवार का प्रेरणादायक जीवन, देशवासियों को राष्ट्रभक्ति और समर्पण की प्रेरणा देता है: जयंती पर अमित शाह और अन्य नेताओं ने किया नमन
सारांश
Key Takeaways
- हेडगेवार का जीवन राष्ट्रभक्ति और अनुशासन का प्रतीक है।
- उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की।
- उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं।
- उनकी दूरदर्शिता ने भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित किया।
- उनका जीवन हमें मातृभूमि के प्रति निष्ठा का पाठ पढ़ाता है।
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक और पहले सरसंघचालक केशव बलिराम हेडगेवार की जयंती आज मनाई जा रही है। इस विशेष अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक और राष्ट्रवादी विचारक हेडगेवार की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। केशव बलिराम हेडगेवार ने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की जिस दूरदर्शिता के साथ संघ की स्थापना की, वह आज एक विशाल वटवृक्ष में तब्दील हो चुकी है। उनके प्रयासों ने भारत की सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जीवित करते हुए राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक एकता की एक मजबूत परंपरा का निर्माण किया। उनका प्रेरणादायक जीवन देशवासियों को अनंतकाल तक मातृभूमि के प्रति अटूट निष्ठा, त्याग और समर्पण का बोध कराता रहेगा।"
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी लिखा, "मां भारती के अनन्य साधक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक और पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। आपके विचार सदैव देश के युवाओं को राष्ट्र की सेवा और समाज के उत्थान के लिए प्रेरित करेंगे।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जयंती पर उन्हें नमन किया और लिखा, "उनका अनुशासित, समर्पित और ऋषितुल्य जीवन आज भी हमें 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अग्रदूत, मां भारती के अनन्य उपासक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक और पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारत की एकता, अखंडता और युवाओं को संगठित करने में समर्पित कर दिया। आरएसएस 100 वर्षों की यात्रा पूरी कर आज विश्व में सेवा, संस्कार और संगठन शक्ति का प्रतीक बन चुका है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी 'राष्ट्राय स्वाहा, राष्ट्राय इदं न मम' मंत्र के साथ राष्ट्र सेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर हैं।"
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित उनका जीवन और 'राष्ट्र प्रथम' का विचार हम सभी के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, "डॉ. हेडगेवार जी ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व एवं अटूट राष्ट्रभक्ति के बल पर राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने का जो महान कार्य किया, वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना कर समाज को संगठित, सशक्त एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पित बनाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनका सम्पूर्ण जीवन अनुशासन, त्याग, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा का अद्भुत उदाहरण है।"